हेपेटाइटिस एक संक्रमित बीमारी कही जाती है। यह बीमारी मनुष्यों के साथ बंदरों में भी देखी गई है। हेपेटाइटिस पांच प्रकार के होते हैं।

world hepatitis day

हेपेटाइटिस ए वायरस (एचएवी), हेपेटाइटिस बी वायरस (एचबीवी), हेपेटाइटिस सी वायरस (एचसीवी), हेपेटाइटिस डी वायरस (एचडीवी) और हेपेटाइटिस ई वायरस (एचईवी)


रिसर्च में पाया गया है कि हेपेटाइटिस ए, ई के मुकाबले हेपेटाइटिस बी और सी ज्यादा खतरनाक है।

 

हेपेटाइटिस का वायरस मनुष्यों के साथ बंदरों के लिवर को भी संक्रमित करता है। लिवर में सूजन आना या जलन होना यह सब हेपेटाइटिस के लक्षण होते हैं। विश्व हेपेटाइटिस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों में जागरूकता को बढ़ाना हैं। इसे दिन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 28 जुलाई को मनाते हैं।

 

लोगों में इस बीमारी की सही जानकारी न होने के कारण हेपेटाइटिस रिपोर्ट साल 2017 के मुताबिक विश्व स्तर पर 325 मिलियन लोग प्रभावित हुए हैं। जिसमें प्रतिवर्ष 1.34 मिलियन की मृत्यु हुई है। हर साल के आंकड़ों के मुताबिक प्रतिवर्ष 13 लाख लोगों की मौतें हो रही हैं। इन दिनों बारिश का मौसम चल रहा है और ऊपर से कोरोना संक्रमण का खतरा दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। इस मौसम में  हेपेटाइटिस वायरस का संक्रमण आसानी से फैलता है। इस लिए खासतौर पर इस समय अलर्ट रहने की जरूरत है।

 

हेपेटाइटिस-ए: हेपेटाइटिस ए का वायरस दूषित भोजन,पानी से शरीर में फैलता है। इस बीमारी से लिवर में सूजन, भूख न लगना, उल्टी, बुखार बदन दर्द रहता है।

 

क्या है हेपेटाइटिस-बी: 

हेपेटाइटिस बी का वायरस यूज की गई सुई असुरक्षित यौन संबंध से फैलता है। इस बीमारी के लगने से सीधा असर लिवर पर पड़ता है। पेटदर्द, उल्टी , बदनदर्द के साथ त्वचा का रंग भी पीला पड़ने लगता है। हेपेटाइटिस बी बाकी वायरस के मुकाबले  ज्यादा खतरनाक है। यह लिवर का क्रॉनिक रोग है। यह कुछ समय बाद कैंसर का रूप भी ले लेता है। अगर गर्भवती महिला इससे संक्रमित है तो बच्चा भी इससे ग्रसित हो सकता है। इस बीमारी से बचाव और रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इस साल की थीम में भी इसे शामिल किया गया है।

 

हेपेटाइटिस- सी: हेपेटाइटिस सी, ए और ई के मुकाबले ज्यादा खतरनाक होता हैं। इस वायरस से इंफेक्शन होने के एक या दो महीने बाद लक्षण दिखाए जाते हैं। यह शरीर पर टैटू गुदवाने, दूषित रक्त चढ़वाने, संक्रमित सुई लगवाने, दूसरे की शेविंग किट यूज करने से यह फैलता है।

 

हेपेटाइटिस-डी: इसके वायरस भी दूषित चढ़वाने, संक्रमित सुई लगवाने, दूसरे की शेविंग किट यूज करने से यह फैलता है। इस संक्रमण के फैलने से उल्टिक्स बुखार, होता है।

 

हेपेटाइटिस- ई: हेपेटाइटिस ई का वायरस मुख्य रूप से दूषित भोजन, पानी से फैलता है। इसमें मरीज का वजन घटने लगता है। शरीर का रंग पीला और बुखार आ जाता है। हालांकि यह अन्य वायरस के मुकाबले कम खतरनाक है। भारत में इसके मामले कम देखे गए हैं।

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यू.एस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन द्वारा (CDC)  द्वारा 18 साल और शिशुओं के लिए हेपेटाइटिस-बी वैक्सीन की शिफारिश की गई है।

 

क्या रखें ध्यान

1- वायरस के लक्षणों का अनुमान लगते ही डॉटकर से जांच समय पर करवा लें सामान्य लक्षण जैसे बुखार, त्वचा का रंग पीला पड़ना लिवर का आकार बढ़ना, यूरिन में परेशानी होने पर अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह लें

 

2- बारिश में बरतें सावधानी 

स्ट्रीट फूड को अवॉइड करें। बारिश में नहाने से बचें। असुरक्षित संबंध बनाने से बचें। संक्रमित सुई का इस्तेमाल न करें। रक्त चढ़वाते समय जांच करवा लें।

 

3- क्या खाएं 

इन दिनों खासतौर पर हरी  सब्जियों का सेवन करें। सलाद, नारियल, बादाम, ब्राउन राइस किशमिश को डाइट में शामिल करें

 

4-क्या न खाएं

ऑइली फूड से बचें रिफाइंड का कम इस्तेमाल करें, अल्कोहल, पैस्ट्री, केक, चॉकलेट का कम खाएं।

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