पीएम मोदी ने रविवार को वाराणसी में कोविड-19 की स्थिति पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री ने टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट का मंत्र देते हुए कहा कि फर्स्ट वेव की तरह इस बार भी वायरस से जीतने के लिए यही रणनीति अपनानी होगी। कोरोना से बचाव तथा संक्रमित मरीजों के समुचित उपचार के लिए टेस्टिंग, बेड, दवाइयां, वैक्सीन और मैन पावर आदि की जानकारी ली। 

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बैठक में पीएम मोदी ने मास्क की महत्ता पर जोर दिया और लोगों से दो गज की दूरी बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि वाराणसी का प्रतिनिधि होने के नाते वह लोगों से लगातार फीडबैक लेते रहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि बीते 5-6 सालों में वाराणसी में स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार हुआ है, जिसकी वजह से कोरोना के खिलाफ लड़ाई जारी रखने में मदद मिली है।

कमिश्नरी सभागार में वर्चुअल संवाद में प्रधानमंत्री ने बताया कि वाराणसी के प्रतिनिधि के रूप में वह आम जनता से भी निरंतर फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि वाराणसी में पिछले 5-6 वर्षों में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और आधुनिकीकरण से कोरोना से लड़ने में सहायता मिली है। इसके साथ वाराणसी में बेड्स, आईसीयू और ऑक्सिजन की उपलब्धता को बढ़ाया जा रहा है। 

प्रधानमंत्री को सूचित किया गया कि कोविड से बचाव के लिए अभी तक 198383 व्यक्तियों को प्रथम व 35014 व्यक्तियों को वैक्सीनेशन की दोनों डोज लग चुकी है। प्रधानमंत्री ने वैक्सीनेशन अभियान के महत्त्व पर बल देते हुए कहा की प्रशासन 45 साल से ज्यादा की उम्र के सभी लोगों को इसके लिए जागरूक करें।

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उन्होंने प्रशासन को भी पूरी संवेदनशीलता से वाराणसी के लोगों की संभव सहायता करने के लिए कहा। प्रधानमंत्री ने देश के सभी डॉक्टरों, सभी मेडिकल स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा की इस संकट की घड़ी में भी वह अपने कर्त्तव्य का निष्ठापूर्ण पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें पिछले साल के अनुभवों से सीखते हुए सतर्क रहकर आगे बढ़ना है। 

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