
बड़ी खबर: प्रदेश में 24 घण्टे के अंदर लग सकती है आचार संहिता
सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार विधानसभा चुनाव को 6 से 7 चरणों में संपादित
लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के चुनावों की घोषणा अब किसी भी समय आयोग की ओर से की जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक विधानसभा चुनावों की तारीख घोषित होते ही प्रदेश में 24 घण्टे के अंदर आचार संहिता भी लागू हो जाएगी।चुनाव आयोग ने बुधवार को वोटर लिस्ट का प्रकाशन कर दिया।इस बार कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए विधानसभा चुनाव के चरणों की संख्या में कम हो सकती है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार विधानसभा चुनाव को 6 से 7 चरणों में संपादित करने का निर्णय लिया जा सकता है।
करीब एक माह विधानसभा चुनाव की गहमा-गहमी प्रदेश में रहने की उम्मीद है। इसके अलावा भाजपा का दावा प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को भी काबू में करने का दावा किया गया है।उम्मीद जतायी जा रही है कि 17-18 फरवरी से चुनाव प्रदेश में हो सकते हैं। वहीं इसके मार्च के तीसरे सप्ताह तक पूरा होने की संभावना है। 25 मार्च तक यूपी विधानसभा चुनाव के परिणाम आने की उम्मीद की जा रही है। माना जा रहा है कि इस सप्ताह के अंत या फिर अगले सप्ताह के शुरुआत में आयोग चुनाव तारीखों की घोषणा कर सकता है।चुनाव आयोग की ओर से चुनावी राज्यों में कोरोना और ओमीक्रोन के बढ़ते मामलों पर काफी नजदीक से नजर रखी जा रही है।संक्रमण की दर देश में लगातार बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश में भी पिछले दिनों में कोरोना काफी तेजी से फैला है।
वहीं ओमीक्रोन के मामले भी सामने आ रहे हैं।इसको देखते हुए आयोग की ओर से स्वास्थ्य मंत्रालय से संपर्क साध रहा है।माना जा रहा है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के इनपुट के बाद यूपी चुनाव की तारीखों के ऐलान पर आयोग की ओर से निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा आयोग ने यूपी की जमीनी हकीकत भी जानी है। आयोग की टीम का दौरा लखनऊ में हो चुका है।चुनाव आयोग की ओर से विधानसभा चुनाव को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। आयोग की ओर से चुनाव के दौरान तमाम बूथों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे।
भयमुक्त माहौल में चुनाव कराने के लिए आयोग विशेष तौर पर तैयारी कर रहा है। माना जा रहा है कि एक चरण में 60 से 70 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी. पूर्वांचल, पश्चिमी यूपी और अवध क्षेत्र में दो-दो चरण में चुनाव हो सकते हैं। बुंदेलखंड के इलाके में एक चरण में चुनाव प्रक्रिया को पूरा कराया जा सकता है।इस दौरान सुरक्षा बलों के मूवमेंट को लेकर भी विशेष तौर पर कार्यक्रम बनाए गए हैं।