
नगराम के समेसी बाजार में युवक रतीपाल की सड़क किनारे खड़ी बाइक पर हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिर गया। हादसे में बाइक जलकर राख हो गई। इससे नाराज ग्रामीणों ने प्रधान भोलानाथ के नेतृत्व में मुआवजे की मांग कर विद्युत विभाग के जिम्मेदार अभियंताओं के विरुद्ध नारेबाजी की।
सूचना पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक व पुलिस टीम से भी प्रधान व उनके साथियों ने अभद्रता की। इस पर पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया और प्रधान समेत तीन समर्थकों को थाने ले गई। विद्युत उपकेंद्र समेसी के एसडीओ की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया। निगोहां थाने के रमपुरा निवासी रतीपाल शुक्रवार दोपहर बाइक से समेसी स्थित नवीन मौर्य मार्केट में खरीदारी करने आया था।
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इस दौरान 11-केवी हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर सड़क किनारे खड़ी उसकी बाइक पर आ गिरा। हादसे में बाइक में आग लग गई। व्यापारियों ने पावर हाउस पर फोनकर बिजली आपूर्ति बंद कराकर आग पर काबू पाया।
रतीपाल की सूचना पर उतरावां के प्रधान भोलानाथ अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और बिजली कर्मियों के विरुद्ध नारेबाजी कर हंगामा करने लगे।

जानकारी पर समेसी उपकेंद्र के अवर अभियंता सचिन श्रीवास्तव और सहायक अभियंता विशाल त्रिपाठी मौके पर आ गये। इस दौरान प्रधान भोलानाथ अपने साथी अजीत वर्मा निवासी कुर्मिन खेड़ा थाना निगोहां व उतरावां गांव के ओम प्रकाश व एक अन्य साथी के साथ बाइक की मरम्मत के मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दी और हंगामा करने लगे।
यही नहीं, अभियंताओं द्वारा बाइक की मरम्मत कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद भी वे नहीं माने। इस बीच उत्पात मचा रहे लोग बिजलीकर्मियों से भिड़ गए और हाथापाई करने लगे। सूचना पर नगराम पुलिस वहां पंहुच गई। दोनो पक्षों में सुलह कराने के दौरान हंगामा कर रहे प्रधान पुलिसकर्मियों व प्रभारी निरीक्षक मो. अशरफ से अभद्रता करने लगे। मामला बढ़ता देख पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया।
इसके बाद भी प्रधान साथियों के साथ दबंगई पर अड़े रहे। इस पर पुलिस ने प्रधान व उनके दो साथियों को पकड़कर थाने ले गई। प्रभारी निरीक्षक नगराम मो. अशरफ ने बताया कि विद्युत सब स्टेशन समेसी के सहायक अभियंता विशाल त्रिपाठी की तहरीर पर प्रधान भोलानाथ, अजीत वर्मा और ओम प्रकाश व अन्य कुछ अज्ञात के विरुद्ध बलवा, मारपीट, सरकारी काम में बाधा डालने, गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने के बाबत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया।