
दिल्ली : EWS आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए इस आरक्षण को जारी रखने का फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की पीठ में से 4 जजों ने EWS कोटा को संवैधानिक ठहराया है। जिसमें सामान्य वर्ग के लिए 10% EWS आरक्षण प्रदान किया गया है। चार न्यायाधीश अधिनियम को बरकरार रखने के पक्ष में जबकि एक ने इसपर असहमति जताई है।
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जानिए क्या है EWS आरक्षण ?
EWS के तहत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सरकारी नौकरी से लेकर शिक्षण संस्थाओं में 10 फीसदी आरक्षण देने प्रावधान है। इसके तहत केवल जनरल कैटेगरी के गरीब लोगों को आरक्षण दिया जाएगा यानी वे-
- जो एससी, एसटी, ओबीसी नहीं है।
- जिनकी सालाना आमदनी 8 लाख से कम है।
- गांव है तो जिसके पास 5 एकड़ से कम खेती की जमीन है या 1000 वर्ग फुट का मकान है।
- जिस परिवार के पास अधिसूचित निगम में 100 वर्ग गज या गैर-अधिसूचित निगम में 200 वर्गगज प्लॉट का प्लॉट है।