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केंद्र का आम बजट खुशहाली और यूपी को विकास देने वाला – स्वतंत्र देव सिंह
उत्तर प्रदेश के विकास को और भी गति देने वाला बजट है
लखनऊः भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार को अपने बयान में कहा कि केंद्रीय बजट देश की खुशहाली और उत्तर प्रदेश के विकास को और भी गति देने वाला बजट है। गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं की प्रगति का बजट है। यह सबके लिए हितकारी बजट है। बड़ा राज्य होने के कारण उत्तर प्रदेश को इस बजट में सबसे ज्यादा मिला है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को प्रदेश की जनता की ओर से धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
स्वतंत्र देव ने कहा किसानों के लिए बजट में एमएसपी का कोटा 10 फीसदी बढ़ाया गया है। इससे किसानों की उपज को उनका सही दाम मिलने की सुरक्षा मिली है। गंगा किनारे जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए की गई घोषणा आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए बजट में की गई घोषणा का सर्वाधिक लाभ उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के किसानों को ही मिलने वाला है। केन-बेतवा लिंक परियोजना से किसानों की 9.08 लाख हेक्टेयर जमीनों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। बजट में की गई किसान हितैषी घोषणाओं से किसानों की आय को दोगुना करने के संकल्प को पूरा करने में मदद मिलेगी।
गरीबों के लिए 80 लाख नए मकान दिए जाने की घोषणा गरीब हितैषी सरकार के संकल्प को सिद्ध करने वाली है। यूपी के सर्वाधिक लोगों को इसका लाभ मिलने वाला है। सरकार ने प्रदेश में 43 लाख लोगों के लिए प्रधानमंत्री आवास दिए हैं। हर घर को नल से जल की सुविधा की योजना के तहत की गई घोषणा से भी उत्तर प्रदेश के करोड़ों परिवार लाभान्वित होंगे। इससे उन्हें साफ पीने का पानी घर पर ही मिलेगा। पोस्ट ऑफिस को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने की घोषणा से गांव के लोग सशक्त होंगे। उनके दरवाजे पर ही उन्हें बैंकिंग की सुविधा मिलेगी।
सरकार की कर्मचारी हितैषी घोषणा के तहत राज्य सरकार के कर्मचारियों के एनपीएस खाते में नियोक्ता के योगदान पर कर कटौती की सीमा को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भी स्वागत योग्य है।
स्टार्टअप प्रोत्साहन, एमएसएमई को प्रोत्साहन, 80 लाख नई नौकरियां युवाओं के लिए काफी मददगार साबित होंगी। इससे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने में मदद मिलेगी।
डिजिटल यूनिवर्सिटी और स्कूली शिक्षा में डिजिटल कंटेंट और शैक्षिक चौनलों के प्रसारण बढ़ाने की घोषणा भी बहुत ही उपयोगी है। कोरोना के कारण बदली परिस्थितियों में यह बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय है।