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UFO MOVIES: सिनेमा हॉल की सीट तक जाएगी कार, बिना उतरे ले सकेंगे मूवी का मजा

द इंडिया राइज
आपदा को अवसर में बदलने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सीख पर देश के सिनेमा थिएटर उद्योग ने पूरी संजीदगी से अमल शुरू कर दिया है। आने वाले वक्त में लोगों को फिल्म देखने के लिए थिएटर में कार पार्क करने के बाद टिकट की लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। लोग कार चलाते हुए थिएटर के अंदर जाएंगे और उतरे बिना फिल्म देख सकेंगे। देश में सिनेमा को डिजिटाइज करने वाली कंपनी यूएफओ मूवीज इंडिया लिमिटेड देश के सभी ए और बी ग्रेड के शहरों में ड्राइव इन सिनेमा बनाने की तैयारी कर रही है।
DRIVE IN CINEMA
देश में ड्राइव इन सिनेमा का कांसेप्ट पहले से है। विशाखापत्तनम, चेन्नई, अहमदाबाद और गुड़गांव में ऐसे सिनेमा पहले से चल रहे हैं। कोरोना काल और इसके बाद फिजिकल डिस्टेंस और मास्क अनिवार्य हो जाएगा। ऐसे में ड्राइव इन सिनेमा लोगों को खासा पसंद आएगा। यूएफओ मूवीज ने इन सिनेमाघरों को देश के ए और बी ग्रेड शहरों तक ले जाने के लिए कमर कसी है। कंपनी देश के दूसरे शहरों के साथ बरेली में भी सर्वे करा रही है। अब तक शहर के 1000 से अधिक लोग कंपनी का सर्वे फॉर्म भर चुके हैं। लोगों ने कंपनी के इस सुझाव का स्वागत किया है।

क्या है ड्राइव इन सिनेमा
ड्राइव इन सिनेमा यानी खुले आसमान के नीचे बना एक बड़ी स्क्रीन वाला मूवी थिएटर। इसकी बनावट सामान्य थिएटर की तरह होती है। सामान्य थिएटर में जहां कुर्सियां होती हैं, ड्राइव इन में वहां कारों की पार्किंग के लिए जगह होती है। यानी लोग सीटों की जगह अपनी कार पार्क करते हैं और फिर कार के अंदर बैठकर मूवी का मजा लेते हैं। ड्राइव इन में स्क्रीन इस तरह लगी होती है कि हर तरफ पार्क कार को मूवी का पूरा व्यू मिलता है। ड्राइव इन में आप भीड़ के बीच रहकर भी भीड़ का हिस्सा नहीं रहते।

कई शहरों में यूएफओ करा रही सर्वे
यूएफओ मूवीज ड्राइव इन सिनेमा को लेकर देश के तमाम शहरों में लोगों की राय जान रही है। कंपनी ने एक हफ्ते पहले यह काम शुरू किया था। लोगों को मेल और व्हाट्सअप पर फॉर्म भेजा जा रहा है। इस फॉर्म में लोगों ने 18 सवाल पूछे जा रहे हैं। जिनमें उनकी फिल्म देखने, खर्च करने की आदतों के बारे में पूछा जा रहा है।
DRIVE MOVIE
बरेली के पीलीभीत बाईपास पर बन सकता है ड्राइव इन
शहर को पीलीभीत बाईपास पर पहला ड्राइव इन सिनेमा मिल सकता है। आने वाले दिनों में इसके लिए बड़ा बाईपास के इर्द-गिर्द जमीन फाइनल हो सकती है। जानकारों का कहना है कि ड्राइव इन शहर से थोड़ा सा बाहर भी बनाया जा सकता है। दरअसल, यहां वही जाएगा जिसके पास होगी। ऐसे में दूरी कुछ खास मायने नहीं रखेगी।

यूएफओ मूवीज के बारे में जानिए
यूएफओ मूवीज वह कंपनी है जिसने भारत में सिनेमा को डिजिटाइज किया। एक दौर था जब थिएटर में मूवी दिखाने के लिए रील मंगाई जाती थी। कई बार छोटे शहरों तक पहुंचते-पहुंचते रील खराब होने के कारण फिल्म की क्वालिटी भी खराब हो जाती थी। यूएफओ ने सिनेमा को डिजिटाइज किया। इसके बाद सेटेलाइट के जरिए फिल्मों का वितरण होने लगा।
VINEET JAIN
कोरोना के संकट को देखते हुए सोशल और फिजिकल डिस्टेंसिंग के नियम कायदे आने वाले दिनों में और कड़े होंगे। ऐसे में ड्राइव इन सिनेमा मनोरंजन के सबसे बेहतर विकल्प के रूप में सामने आ सकता है। हम इसके लिए देश के सभी प्रमुख शहरों में सर्वे करा रहे हैं। सिनेमा बनाने के लिए अच्छी खासी जमीन की जरूरत होगी। हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती जमीन के आसमान छूते रेट होंगे। ऐसे में हम तमाम पहलुओं पर गौर करने के बाद अपना प्रोजेक्ट शुरू करेंगे।
–वीके जैन, वाइस प्रेजीडेंट, यूएफओ मूवीज इंडिया

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