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यूपी विधानसभा चुनाव के बाद एमएलसी चुनाव में भी बीजेपी और सपा के बीच सीधी टक्कर दिखाई दे रही है। दोनों ओर से चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकी गयी है। एमएलसी चुनाव के लिए बुंदेलखंड क्षेत्र की चार सीटों पर नामांकन प्रक्रिया सोमवार को पूरी हो गई। वहीं बसपा और कांग्रेस ने इस बार एमएलसी चुनाव में अपने प्रत्याशी नहीं उतारे हैं।
क्षेत्र की चार में से दो सीटों पर भाजपा ने ठाकुर बिरादरी के अलावा एक पर ब्राह्मण और एक पर पिछड़ी जाति का प्रत्याशी उतारा है। पूरे प्रदेश के भाजपा प्रत्याशियों की सूची को देखकर इस बात का बखूबी अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बीजेपी ने सबसे ज्यादा ठाकुर समुदाय के उम्मीदवारों पर दांव लगाया है, तो वहीं सपा ने यादव समुदाय पर भरोसा जताया है। हालांकि, बीजेपी और सपा दोनों ने ही दलित समुदाय से किसी को भी एमएलसी का प्रत्याशी नहीं बनाया है।
नाम वापसी के बाद स्थिति हो जाएगी साफ
बांदा-हमीरपुर में आठ व प्रतापगढ़ में सात प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। वहीं, आजमगढ़-मऊ से राकेश कुमार यादव, जौनपुर से मनोज कुमार यादव, बस्ती-सिद्धार्थनगर से संतोष सनी यादव दावेदार है। 22 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच व 24 को नाम वापसी का समय है। जिसके बाद स्थिति और साफ हो जाएगी। इसके बाद नौ अप्रैल को मतदान और 12 अप्रैल को सुबह आठ बजे से मतगणना होगी।
छह साल का कार्यकाल
एमएलसी का कार्यकाल विधायकों से एक वर्ष अधिक छह साल का होता है। अभी तक इस क्षेत्र की चार सीटों में से तीन सपा के पास और एक झांसी सीट भाजपा के पास रही। एमएलसी को भी विधायकों की तरह सरकार से प्रतिवर्ष विकास कार्यों के लिए निधि दी जाती है।