उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने MSME उद्यमियों के लिए एक बड़ी राहत दी है। कोरोना संकट के बाद कई छोटे कारोबारियों की परेशानियां बढ़ गईं थीं इसलिए योगी सरकार द्वारा MSME Act 2020 को मंजूरी दे दी गई है। इस अधिनियम का नाम उत्तरप्रदेश सूक्ष्म लघु एवं उद्यम अधिनियम 2020 होगा।

 

up gov give a big relief to msme entrepreneurs


फैसला लेने के पीछे मुख्य वजह

योगी सरकार ने बीते समय सूक्ष्म और लघु उद्योग की बढ़ती परेशानियों को कम करने और लालफीताशाही को दूर करने की दिशा में काम किया है इसमें बिना किसी देरी के व्यापारी वर्ग खासतौर पर युवा उद्यमियों के लिए बड़ी राहत मिलेगी। यह योगी सरकार का मास्टरस्ट्रोक कहा जा सकता है।

 

उद्यमियों की सबसे बड़ी परेशानी हुई दूर 

बता दें कि आज तक उद्यमियों को 29 विभागों के करीब 80 तरह के NOC (No Objection Certificate) लेने होते हैं। लेकिन अब इस MSME Act के लागू होने के बाद उद्यमियों को केवल एक अनापत्ति (NOC) लेनी होगी। इसके बाद उद्यमी 1000 दिनों तक अपने उद्योग का संचालन कर पाएंगे और बाकी अनापत्ति लेने के लिए उद्यमियों के पास पर्याप्त समय होगा। इस दौरान उनकी व्यापारिक इकाई की किसी भी तरह की जांच पड़ताल व पूछताछ नहीं होगी। इससे लघु उद्यगों के माध्यम से 15 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना होगी।

 

इस एक्ट में क्या होंगी व्यवस्थाएं

आयुक्त एवं निदेशक उद्यगों की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय नोडल एजेंसी तथा जिला अधिकारी की अध्यक्षता में जिलों में जिला स्तरीय नोडल एजेंसी गठित होंगी। जिला स्तरीय नोडल एजेंसी के 72 घंटे के अंदर संबंधित विभागों से विचार विमर्श कर अनुमति देनी होगी। MSME Act 2020 में यह व्यवस्था दी गई है कि उद्यमी इकाई स्थापना के लिए जिला उद्योग केंद्र में आवेदन करेगा, जहां से उसे 72 घंटे के अंदर उद्योग लगाने के लिए स्वीकृति पत्र दे दिया जाएगा।

 

इन उद्यगों पर लागू नहीं होगा एक्ट

तंबाकू उत्पादन, पान मसाला, गुटका, अल्कोहल, एरेटेड ड्रिंकिंग पदार्थ, कार्बोनेटेड उत्पाद, पटाखों का उत्पाद, 40 माइक्रोन से कम या समय-समय पर सरकार की ओर से तय मोटाई से कम के प्लास्टिक कैरी बैग्स, उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड द्वारा चिह्नित रेड कैटिगरी की इकाइयां।

 

MSME को मिलेगी 5 लाख की सहायता

उत्तरप्रदेश सरकार ने नई स्टार्टअप नीति 2020 के तहत सूक्ष्म लघु उद्योग की राहत के लिए 5 लाख रुपए तक कि मॉर्केटिंग सहायता देने का प्रावधान किया है। अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने बताया कि नई स्टार्टअप नीति 2020 की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस नई नीति के तहत MSME के लिए 5 लाख तक कि सहायता मिलेगी।

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