क्रिकेट वर्ल्ड कप की शुरुआत 1975 से हुई। 1975 में इंग्लैंड में पहला वर्ल्डकप खेला गया।  यह वो दौर था जब वनडे क्रिकेट को टेस्ट क्रिकेट के सामने अधिक तरजीह नहीं दी जाती थी। 60 ओवर के वनडे मैच को ‘पजामा क्रिकेट’ कहा जाने लगा, लेकिन क्रिकेट के इस छोटे प्रारूप को लोकप्रियता भी मिली।

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1975 का वर्ल्ड कप 7 से 21 जून तक खेला गया, जिसमें आठ देशों की टीमों ने भाग लिया। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज़, भारत, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, पाकिस्तान और ईस्ट अफ्रीका पहले वर्ल्डकप में भाग लेने वाले देश थे।  वर्ल्डकप 1975 में पहला  शतक भारत और इंग्लैंड के मैच में बना। यह शतक इंग्लैंड के बल्लेबाज़ डेनिस एमिस ने लगाया था।

यह वही मैच था जिसमें भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने पूरे 60 ओवरों तक बल्लेबाजी की और बिना आउट हुए केवल 36 रन बनाए थे।  पहला वर्ल्डकप क्लाइव लॉयड की कप्तानी में वेस्टइंडीज़ ने जीता था। वर्ल्डकप के इतिहास में यह एकमात्र वर्ल्ड कप है, जिसमें एशिया उपमहाद्वीप की कोई भी टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंची।  1975 के बाद हर चार साल में क्रिकेट वर्ल्ड आयोजित किया जाता है। केवल एक बार 1996 के बाद यह 1999 में तीन साल के अंतराल में आयोजित हुआ। इससे पहले 1987 के बाद 1992 में पांच साल के अंतराल में वर्ल्डकप आयोजित हुआ।

अब तक 1975 से लेकर 2011 तक दस वर्ल्डकप आयोजित किए जा चुके हैं। 2015 का वर्ल्डकप 11वां वर्ल्डकप आयोजन होगा।  ऑस्ट्रेलिया ने सबसे अधिक चार बार वर्ल्ड खिताब जीत चुकी है, जिसमें से तीन बार तो लगातार ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्कप खिताब जीता।

ऑस्ट्रेलिया ने सबसे पहले 1987 में वर्ल्डकप जीता। इसके बाद 1999, 2003 और 2007 में लगातार यह खिताब जीतकर हैट्रिक बनाई। भारत (1983, 2011) और वेस्टइंडीज़ (1975, 1979) ने दो दो बार यह खिताब जीता। इसके अलावा श्रीलंका (1996) और पाकिस्तान (1992) ने यह खिताब एक एक बार जीता है।  

वर्ल्ड कप 1979

यह वर्ल्ड कप भी पुराने वर्ल्डकप के जैसा ही था जिसमे फिर से 8 टीम ने शिरकत किया था. उन्हें 2 ग्रुप में बांटा गया. मैच फिर से दिन की रौशनी में ही लाल गेंद और सफ़ेद कपड़ो के साथ ही खेला जाना था पर जैसे की पुराने वर्ल्ड कप में कुछ नया था. इस वर्ल्डकप में ईस्ट अफ्रीका की जगह एक नयी एसोसिएट टीम कनाडा खेलने वाली थी.

कुछ ऐसा भी हुआ था उस वर्ल्डकप में जो कि भारत के फैन्स को निराश करने वाला था. हुआ आखिर यूँ था कि भारतीय टीम बिना किसी मैच को जीते ही बाहर हो चुकी थी. वेस्ट इंडीज, इंग्लैंड, पाकिस्तान और न्यूज़ीलैण्ड की टीम ने सेमिफाइनल के लिए क्वालिफाय किया था. इंग्लैंड ने पाकिस्तान और वेस्टइंडीज ने न्यूज़ीलैण्ड को हरा कर फाइनल में अपनी जगह बनाइ थी. फाइनल में एक बार फिर से वेस्ट इंडीज जीता था. उसने इस बार इंग्लैंड को हराया था और एक बार फिर से खिताब अपने नाम किया था.

वर्ल्ड कप 1983

यह वर्ल्डकप भारतीय क्रिकेट फैन्स के लिए बहुत खास था. उस समय वर्ल्डकप में एक और नयी एसोसिएट टीम को देखने को मिली जो थी ज़िम्बाब्वे. पर एक बात और खास थी कि श्रीलंका की टीम इस बार आईसीसी की पूर्ण रूप से सदस्य हो चुकी थी. पर इस बार के नियमो में भी कुछ ऐसा था जो की पहले कभी नहीं हुआ था नियम ये थे की हर टीम अपने ग्रुप की हर टीम से 2 मैच खेलेगी जैसा कि आईपीएल के हर संस्करण में होता आया है. वैसा ही उस समय वर्ल्डकप में भी हुआ था इस बार मैदानों की संख्या में भी बदलाव था जहां पिछले वर्ल्ड कप में सिर्फ 3 ही मैदान थे तो इस बार मैदानों की संख्या 15 थी जो कि पिछले दोनों वर्ल्ड कप के मुकाबले 5 गुना ज्यादा थी

इस बार सेमीफाइनल में क्वालिफाय करने वाली टीम थी इंग्लैंड, पाकिस्तान, वेस्ट इंडीज और भारत और ग्रुप बी की दोनों टीम ग्रुप ए की दोनों टीम को हरा कर फाइनल में थी और टीम थी 2 बार की विजेता वेस्ट इंडीज और पिछले संस्करण में एक भी मैच न जीतने वाली भारतीय टीम पर इस बार वेस्ट इंडीज जीत हासिल नहीं कर पाया. भारत की टीम ने वेस्ट इंडीज की टीम को फाइनल में नहीं जीतने दिया और भारत की ओर से कपिल देव ने अपनी कप्तानी में टीम को फाइनल में पंहुचा कर खिताब जिताया था.

वर्ल्डकप 1987

यह वर्ल्ड कप भी कई तरह से पिछले वर्ल्ड कप से अलग था. इस वर्ल्ड कप की मेजबानी इस बार इंग्लैंड और वेल्स के पास नहीं जबकि भारत और पाकिस्तान के पास थी. ये पहला वर्ल्ड कप था जो कि आईसीसी की निगरानी में था. जी हां आपने सही पढ़ा ये पहला वर्ल्ड कप था जो कि आईसीसी की निगरानी में था और इस बार मैच 60 ओवर की जगह 50 ओवर के थे सेमिफाइनल में पहुचने वाली टीम थी इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, भारत और पाकिस्तान पर भारत और पाकिस्तान की टीम फाइनल में अपनी जगह नहीं बना पाई थी. फाइनल में ईडन गार्डन्स के मैदान पर थी दो ऐसी टीम जो की अपने पिछले वर्ल्ड कप फाइनल को वेस्ट इंडीज के हाथो गँवा चुकी थी और ये पहला मौका था जब वेस्ट इंडीज फाइनल में नहीं थी फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को हरा कर पहली बार खिताब अपने नाम किया था.

वर्ल्डकप 1992

इस वर्ल्डकप के बारे में आप पढ़ कर ही समझ गए होंगे की इसमें अलग क्या है. इस वर्ल्डकप में नया यह है कि इस वर्ल्ड कप से पिछले वर्ल्ड कप के दरमियान 5 सालो का अंतर है जबकि पिछले सभी वर्ल्डकप में 4 साल का ही अंतर था 5 सालो के अंतर का कारण यह था की आईसीसी ने ये तय कर लिया था कि अगला वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैण्ड में ही होना है. यह भी तय था कि ये वर्ल्डकप अक्टूबर-नवम्बर में ही होना है पर ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैण्ड में मौसम ऐसा नहीं रहता की अक्टूबर-नवंबर में क्रिकेट मैच हो सके. इसी कारण वर्ल्डकप को स्थगित कर 1992 में रखा गया. ये वर्ल्ड कप क्रिकेट वर्ल्ड कप के इतिहास में पांचवा वर्ल्ड कप था.

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इस वर्ल्डकप में एक नई टीम ने शिरकत की जिसका नाम है साउथ अफ्रीका. यह टीम सीधे ही आईसीसी की टेस्ट मान्यता को ले कर ही वर्ल्ड कप में खेली. इसकी सेमीफाइनलिस्ट टीम थी न्यूज़ीलैण्ड, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका और पाकिस्तान. सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने साउथ अफ्रीका को हराया और पाकिस्तान ने न्यूज़ीलैण्ड को उस समय सारी टीम एक ही ग्रुप में थी और फाइनल में थी पकिस्तान और इंग्लैंड. पाकिस्तान ने इंग्लैंड को हरा कर वर्ल्ड कप जीता था तब उस टीम के कप्तान थे इमरान खान.

वर्ल्डकप 1996

1996 वर्ल्ड कप पहला ऐसा वर्ल्ड कप था जिसमे मैच डे नाईट थे ये वर्ल्ड कप छटा वर्ल्डकप था. इसमें भारत पाकिस्तान दूसरी बार मेज़बानी कर रहे थे जबकि श्रीलंका पहली बार मेजबानी कर रहा था. इस वर्ल्डकप में ज़िम्बाब्वे नवीं टीम थी जो कि वर्ल्ड कप में टेस्ट मान्यताओ के साथ खेल रही थी. इस बार भी टीम को फिर से 2 ग्रुप में बांटा गया जिसमे एक ग्रुप में 6 टीम थी 4 आईसीसी की टेस्ट मान्यताओ वाली और दो एसोसिएट टीम. 3 नई एसोसिएट टीम थी यु.ए.ई., नीदर्लेंड्स और केन्या. इस बार सेमी फाइनल से पहले क्वाटर फाइनल मैच भी थे. इन सभी नॉक आउट मैचो को जीत कर फाइनल में दो टीम थी श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया फाइनल में श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को हरा कर पहली बार वर्ल्डकप अपने नाम किया था.

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