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क्या है BHMS कोर्स, यहां जानें सारी जानकारी   

BHMS एक बहुत पॉपुलर कोर्स है जिसे करने के बाद आप एक होम्योपैथिक डॉक्टर बन सकते है या फिर आप किसी होम्योपैथिक डॉक्टर बन के किसी हॉस्पिटल में जॉब कर सकते है और डॉक्टर में एक्सपर्ट हो सकते है BHMS करने के बाद बहुत कुछ कर सकते है जो आगे डिटेल्स में बताएंगे लेकिन इसके लिए आपके पास कुछ योगयता होनी चाहिए यानी की बी एच एम एस (BHMS Course) करने के लिए आप एलिजिबल (Eligible) होनी चाहिए तभी आप इस कोर्स को कर सकते है तो चलिए सबसे पहले जान लेते है बी एच एम एस क्या होता है .

बी.एच.एम.एस जिसका फुल फॉर्म बैचलर ऑफ़ होम्योपैथिक मेडिसिन एनफ सर्जरी (Bachelor of Homeopathic Medicine And Surgery) है होम्योपैथी चिकित्सा की एक समग्र (holistic) प्रणाली है जो लोगों को मुख्य रूप से टैबलेट के रूप में दिए गए अत्यधिक पतला पदार्थों के साथ इलाज करने पर आधारित है, जो चिकित्सा की प्राकृतिक प्रणाली को ट्रिगर (Triggers) करता है.

होम्योपैथिक (Homeopathic) मेडिसिन और सर्जरी स्नातक (Bachelor) एक होम्योपैथी के क्षेत्र में पाठ्यक्रम या कार्यक्रम के लिए प्रदान की जाने वाली एक स्नातक (Bachelor) डिग्री है। इसे बी।एच।एम।एस। जो बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी डिग्री का संक्षिप्त रूप है। B।H।M।S की अवधि। वह वर्ष है जिसमें इंटर्नशिप शामिल है। होम्योपैथिक मेडिसिन और सर्जरी की डिग्री एक समग्र वैकल्पिक चिकित्सा डिग्री के रूप में होम्योपैथिक औषधीय प्रणाली के बुनियादी और गहन ज्ञान प्रदान करती है.

वैसे तो बी।एच।एम।एस। कोर्स बहुत जायदा पुपोलर है हमारे देश में क्यूंकि इससे होम्योपैथिक डॉक्टर बनने के लिए सबसे अच्छा कोर्स है जो आपको निचे बताएंगे BHMS 55 साढ़े पांच साल का कोर्स होता है इस कोर्स को आप तभी कर सकते है जब आप 12th किये हो तो आये जान लेते है बी।एच।एम।एस। करने के लिए क्या क्या एबिलिटी होनी चाहिए (Minimum Qualification For BHMS)

बी.एच.एम.एस कोर्स के लिए योगयता

  • 10th पूरी करे अच्छे मार्क्स से
  • 12th पास करे फिजिक्स केमिस्ट्री बायोलॉजी और इंग्लिश से और अच्छे मार्क्स लाये कम से कम 50 % से 60 % होना चाहिए बी।एच।एम।एस। में एडमिशन लेने के लिए
  • 12th के बादBHMS Course कर सकते है
  • आपकी उम्र काम से काम 17 साल होना चाहिए

बी.एच.एम.एस करने के फायदे

बी.एच.एम.एस कोर्स करने के बाद तो बहुत सारे फायदे है पर में आपको कुछ फायदे बताना चाहता हूँ जिससे आपको एक अंदाज़ा लग सके और आपको बी.एच.एम.एस कोर्स करने में मज़ा भी आये दराशल कोई कोर्स ख़राब नहीं होता है बस आपको मेहनत करना होता है तो चलो अब जानते है की बी.एच.एम.एस कोर्स (Advantage of BHMS) के फायदे.

  • बी.एच.एम.एस कोर्स (BHMS Course) करने के बाद आप अच्छे जानकार हो जाते है।
  • बी.एच.एम.एस करने के बाद आप एक अंडर ग्रेजुएट कहलाते है
  • ये एक साइंस ग्रेजुएशन डिग्री है जिसे करने के बाद आपके पास होइमोपथिक डॉक्टर का नॉलेज हो जाता है
  • बी.एच.एम.एस कोर्स करने पर आप किसी भी होम्योपैथिक हॉस्पिटल में जॉब कर सकते हो
  • बी.एच.एम.एस करने के बाद विदेश में जॉब आसानी से कर सकते है
  • बी.एच.एम.एस करने के बाद आप अपना खुद की होम्योपैथिक दुकान खोल सकते है.

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बी.एच.एम.एस के सब्जेक्ट (BHMS Subject)

बी.एच.एम.एस कोर्स में आपको वही चीज पढ़ाये जाते है जो होम्योपैथिक के रेलेटेड हो और इसमें भी बहुत जायदा डीप नॉलेज मिलती है तो चलो जानते है बी।एच।एम।एस। डिग्री में हमलोग क्या पढ़ सकते है.

बी.एच.एम.एस के लिए प्रवेश प्रक्रिया

BHMS Course की योग्यता पूरी होती है उसके बाद ही आप BHMS Course में Admission के लिए आगे बढ़ सकते है।

12th Science Stream में Physics, Chemistry, Biology Subjects के साथ पास करने के बाद आप टॉप इंस्टीट्यूट में एडमिशन के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते है। बहुत से ऐसे टॉप कॉलेज और यूनिवर्सिटी है जिसमे प्रवेश के लिए आपको इनकी एंट्रेंस टेस्ट को भी देना होगा। जिसमे बाद आपका मेरिट लिस्ट जारी किया जाएगा।
भारतीयहोम्योपैथी (Indian Homeopathy) का बाजार प्रतिवर्ष 30 प्रतिशत दर से वृद्घि कर रहा है। एसोचैम रिपोर्ट के अनुसार 2012 तक भारतीय बाजार 4600 करोड तक पहुंचने और विश्व स्तर पर 26,300 करोड रुपए होने की संभावना है। वैश्वीकरण के इस दौर में जितने संसाधन बढें हैं, उसी क्रम में नई-नई बीमारियां भी पैर फैला रही हैं। आज भागम-भाग वाली जिंदगी में रोगों ने मनुष्य के शरीर में अपनी जडें जमा ली हैं, तो व्यक्ति भी उनका जड से इलाज चाहते हैं। इसके लिए वह होम्योपैथी (Homeopathy) का सहारा लेते हैं। यह एक ऐसी पद्धति है, जो रोगों को जड से मिटाती है। होम्योपैथ चिकित्सक डॉ.आरके मिश्र का कहना है कि होम्योपैथ पद्घति की खासियत है कि यह थायरॉइड, डायबिटीज, आर्थराइटिस जैसी तमाम गंभीर मानी जाने वाली बीमारियों का बिना किसी साइड इफेक्ट के प्रभावी इलाज करती है। अधिसंख्य व्यक्तियों में धारणा घर कर गई है कि होम्योपैथी दवाइयां रोगी को ठीक करने में वक्त लेती हैं, जो मिथ्या है। अगर रोग का शुरुआती दौर में सटीक पता चल गया तो यह दवाइयां इतनी इफेक्टिव हैं कि उसे स्वस्थ होने में ज्यादा समय नहीं लगता। अगर व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित है तो उसे पूरी तरह ठीक करने में यह पद्घति थोडा समय लेती है। सर्दी-खांसी या अन्य मौसमी बीमारियों में होम्योपैथिक दवाएं उतनी ही इफेक्टिव हैं, जितनी कि अन्य पद्धतियों की दवाएं।

BHMS कहां से करें 

गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, दिल्ली

नेहरू होम्यो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, नई दिल्ली

नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, लखनऊ

कानपुर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, कानपुर

जीडी मेमोरियल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, पटना

नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ होम्योपैथी, साल्टलेक, कोलकाता

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