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आर्किटेक्चर क्या है, कैसे बनें, यहां जानें सारी जानकारी 

आज बहुत से युवाओं का सपना होता है कि वह एक सफल आर्किटेक्चर बने। जो भी युवा आर्किटेक्चर बनना चाहता है उनके मन में यह सवाल जरूर होगा आर्किटेक्चर कैसे बने ? इस आर्टिकल में मैं आपको इसके बारे में बहुत ही विस्तार से बताऊंगा।

अगर आप भी आर्किटेक्चर बनना चाहते हैं और आर्किटेक्चर से संबंधित सारी जानकारी पाना चाहते हैं तो हमारे इस आर्टिकल को पूरा ध्यान से पढ़िएगा इस आर्टिकल में मैं आपको आर्किटेक्चर से संबंधित निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियों को बहुत विस्तार से बताऊंगा।

आर्किटेक्चर क्या है

दोस्तों जैसे हमें किसी भी काम को करने से पहले प्लानिंग करने की जरूरत होती है ठीक उसी तरह हमें जब कोई भी मकान या बिल्डिंग या किसी भी तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होता है तो सबसे पहले हम उसके डिजाइन को पेपर पर बनाते हैं और यह आर्किटेक्चर द्वारा किया जाता है।

दोस्तों किसी भी बिल्डिंग को बनाने से पहले हमें उस बिल्डिंग की डिजाइन को तैयार करना होता है और यह डिजाइन आर्किटेक्चर ही तैयार करते हैं। आर्किटेक्चर building  के डिजाइन को तैयार करते हैं जिससे कि बिल्डिंग बनाने वाले को यह आईडिया हो जाए कि बिल्डिंग कैसे दिखने वाली है।

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Architecture building design बिल्डर के मुताबिक करता है। एक बिल्डर कैसा घर चाहता है या कैसा बिल्डिंग बनाना चाहता है उसके मुताबिक ही यह उस बिल्डिंग का डिजाइन तैयार करता है। आर्किटेक्चर सबसे पहले उस building structure को पेपर में तैयार करती है। आर्किटेक्चर अपने क्लाइंट के अनुसार ही बिल्डिंग को डिजाइन करती है।

Building structure बनाने के बाद उस डिजाइन को इंजीनियर को सौंपा जाता है। architecture का मुख्य काम यही होता है कि वह बिल्डिंग के डिजाइन और स्ट्रक्चर को तैयार करती है। बिल्डिंग डिजाइन और स्ट्रक्चर तैयार होने के बाद आर्किटेक्चर ही इंजीनियर के साथ मिलकर उस बिल्डिंग को तैयार करता है।

आर्किटेक्चर अपने building plan में उन सारी चीजों को दर्शाता है जो कि किसी बिल्डिंग के लिए महत्वपूर्ण है जैसे कि security system, drainage system, water system, electrical system आसान भाषा में समझे तो आर्किटेक्चर किसी भी बिल्डिंग का ब्लू प्रिंट तैयार करती है।

आर्किटेक्चर कैसे बने

दोस्तों आर्किटेक्चर का काम बहुत प्रोफेशनल वाला होता है इसीलिए आर्किटेक्चर बनने के लिए आपको आर्किटेक्चर के कोर्स को करना होता है। आज हमारे देश में बहुत से कॉलेज और इंस्टिट्यूट हैं जहां पर आपको architecture course को कराया जाता है।

आर्किटेक्चर कोर्स को करने के लिए आपको प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) देनी होती है जो छात्र इस प्रवेश परीक्षा को पास करते हैं वहीं इस में दाखिला ले सकते हैं। बिना प्रवेश परीक्षा के भी आप इस कोर्स में दाखिला ले सकते हैं हमारे देश में बहुत से प्राइवेट कॉलेज हैं जो कि आप के 12वीं के अंक के आधार पर ही आर्किटेक्चर के कोर्स में दाखिला लेते हैं।

दोस्तों आर्किटेक्चर की परीक्षा मानव विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित कराई जाती है इस परीक्षा का नाम है NATA (National aptitude test for architecture)

अगर दोस्तों आप आर्किटेक्चर बनना चाहते हैं तो आर्किटेक्चर के प्रवेश परीक्षा को जरूरत है क्योंकि प्रवेश परीक्षा के अंकों के आधार पर आपको बहुत ही अच्छे कॉलेज में आर्किटेक्चर कोर्स में दाखिला मिल जाएगा।

आर्किटेक्चर के कोर्स

दोस्तों आर्किटेक्चर बनने के लिए आपको कई तरह के कोर्स कराए जाते हैं जिसे आपको करना होता है जिस हिसाब से कोर्स करोगे उसी हिसाब से आपको जॉब भी मिलेगा तो में आपको निचे आर्किटेक्चर के सारे कोर्स की लिस्ट दूंगा जिसे आप कर सकते है।

  • Diploma in architecture
  • Bachelor in architecture
  • Masters in architecture
  • Sustainable course in architecture
  • Bachelor degree in architecture technology and construction
  • Basic question architecture draftsman
  • post-graduate in Architecture
  • advanced certificate course in architecture

यह भी पढ़ें : कैसे बने DSP Officer, यहां जानें इससे जुड़ी सारी जानकारी 

  क्या होता है आर्किटेक्चर का काम 

  डिज़ाइन बनाना  

आर्किटेक्चर का पहला काम किसी इमारत की डिज़ाइन को बनाने का होता है। इसमें बिल्डर जिस तरह की बिल्डिंग का निर्माण करना चाहते है उसके अनुसार डिज़ाइन बनाने के लिए आर्किटेक्ट को नियुक्त करते है और क्लाइंट जिस तरह की डिज़ाइन चाहता है उसके अनुसार इमारत का नक्शा या डिज़ाइन आर्किटेक्ट को बनाना होता ।

  दस्तावेज़ बनाना  

ग्राहक द्वारा जो डिज़ाइन बताई गयी होती है आर्किटेक्ट उसे पेपर पर उतारता है। डिज़ाइन को समझने के लिए तथा उसकी वास्तविकता को जानने के लिए चित्रों को बनाना होगा। इसमें आर्किटेक्ट को ग्राहक की सुविधा, बजट, आवश्यकता इन सभी के अनुसार दस्तावेज़ में संशोधन करने की आवश्यकता होती है।

  निर्माण की भूमिकाएँ  

इसमें निर्माण दस्तावेज़ों को बनाना होता है और जो डिज़ाइन बनाई जाती है उसे ठेकेदारों और निर्माण विशेषज्ञों के निर्देशों के अनुसार रूपांतरित किया जाता है। जिससे की वह इसे देखकर ही बिल्डिंग का निर्माण कर सके और जब पूरी तरह से यह परियोजना निर्माण के कार्य तक पहुँच जाती है तो आर्किटेक्ट का काम निर्माण की देखरेख करना, हस्ताक्षर करना, साईट के दौर और बैठकों में शामिल होना रहता है।

स्ट्रक्चर स्पेसिफिकेशन तैयार करना

Building की बनावट कैसी होगी एवं किस प्रकार से इसका ढांचा होगा यह सारी तैयारी एक Architect को ही करनी पड़ती है. सुरक्षा को भी मध्य नजर रखते हुए निर्माण के लिए उसी प्रकार के स्ट्रक्चर को पास किया जाता है जो पूरी तरह से सुरक्षित हो. आज भी सुन में कई ऐसी इमारतें हैं जो बहुत ऊंची होती है लेकिन उन्हें तेज हवा तूफान और भूकंप के झटकों से बचाने के लिए उनकी बनावट के अनुसार सुरक्षा भी प्रदान किए जाते हैं तो इन सभी चीजों का ध्यान एक Architect को भी रखना पड़ता है.

काम करने वाले वर्कर को ड्राइंग बनाने के लिए निर्देश देना

Building Construction Final होने के बाद उसकी एक ड्राइंग तैयार की जाती है जो बनने वाले बिल्डिंग के अनुरूप ही होती है. यानी कि जो इमारत बन रही है वह इसी ड्राइंग के अनुसार बनाई जाएगी और उसकी आकृति भी इसी के अनुसार होगी.

Construction के कॉन्ट्रैक्ट को मैनेज करना

Construction कारी शुरुआत के समय ही एक कांटेक्ट बनता है और किस कॉन्ट्रैक्ट को Manage करने का भी काम एक Architect ही करता है. कॉन्ट्रैक्ट में अगर किसी प्रकार का बदलाव भी होता है तो दोनों तरफ से इस को सूचित किया जाता है और उसके अनुसार ही काम को आगे बढ़ाया जाता है.

 साइट पर जाना और देखना की प्लान के तहत काम हो रहा है या नहीं

Architect का यह कर्तव्य होता है कि वह हर दिन कार्यस्थल पर जाएं और यह सुनिश्चित करें कि प्लान के अनुसार काम चल रहा है या नहीं. किसी भी प्रकार की गलती या फिर प्लान से अलग कुछ कार्य हो रहा है तो तुरंत उस पर एक्शन लेना और फिर कार्य को सही करना उनकी जिम्मेदारी होती है

Marketing के जरिए नए काम की तलाश करना और प्रेजेंटेशन देना

अपनी Company के लिए नए प्रोजेक्ट हासिल करना, क्लाइंट को मनाना एवं Project के लिए प्रेजेंटेशन देना भी इन्ही का कर्तव्य होता है.

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