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यूपी: योगी कैबिनेट में मिली नए जेल मैन्युअल को भी मंजूरी, समाप्त हुई काले पानी की सज़ा

बंदियो के लिये दांत सफाई के लिये टूथ पेस्ट और टूथ पाऊडर का प्रावधान किया गया है । महिला बंदियो के लिये तीज़ व्रत और करवाचौथ व्रत

देश से आखिरकार समाप्त हुई काले पानी की सज़ा,अग्रेंजो के वक्त से चली आ रही काले पानी की सजा को उत्तर प्रदेश के जेल मैनुअल से हटा दिया गया है । यूपी की योगी सरकार ने आज कैबिनेट परिषद की बैठक मे कई बङे निर्णय लिये ,जिसमें की यूपी के जेल मैनुअल में कई बङे बदलाव किये गये ,साथ ही कई जेल मैनुअल्स को समाप्त किया गया ,जो की अप्रसांगिक हो चुके थे और जिसे की अग्रेंजो ने शोषण और अत्याचार करने के लिये बनाया था । जिसमें की क्रांतिकारियों को दी जाने वाली कठोर सजा काला पानी भी है ।

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 कारागारों की सुरक्षा व्यवस्था होगी और मज़बूत

उत्तर प्रदेश कैबिनेट परिषद की बैठक में कारागार मंत्रालय को लेकर के कई बङे फैसले लिये गये ,जिसमें की एक प्रस्ताव ये भी था जिसे की मंजुरी मिली ,जो की कारागारों की सुरक्षा व्यवस्था एंव उपद्रव नियंत्रण के लिये शस्त्र निति का समावेश करना है । इस प्रस्ताव में कारागार मंत्री ने बताया की कारागार की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिये इस प्रस्ताव को लाया गया है । जिसमें की उनको आधुनिक हथियार दिया जाना है । सुरक्षकर्मियों को हथियार 0.303 राईफल के स्थान पर 09 एम.एम पिस्टल ,दी जायेगी ,साथ ही इंसास और कारबाईन का भी समावेश किया जायेगा । जिसमें की कई कारगारों में ये हथियार दिये जाने भी शुरु कर दिये गये है । उपद्रव नियंत्रण के लिये कारागार के सुरक्षाकर्मियों को सुरक्षात्मक उपाय में चेस्टगार्ड ,एल्बोगार्ड,फाईबर ग्लास,हेलमेट,पॉली,कार्बोनेट शील्ड एंव पॉली कार्बोनेट लाठी का समावेश किया जायेगा । वहीं दंगारोधी उपकरण में टीज़र गन ,आंशू गैस ,वॉटर कैनन ,शॉक बेटन ,पेपर बॉल गन का समावेश किया जायेगा ।

कारागार मुख्यालय पर अभियंत्रण प्रकोष्ठ की स्थापना

उत्तर प्रदेश सरकार ने भारत सरकार की तरफ से बनाये गये मॉडल प्रिजन मैनुअल के प्रावधानों का समावेश किया है तो कई प्रस्तावों में संशोधन किया गया है ।इसमें हम अगर बात करें तो सबसे पहले कारागार विभाग में होने वाले निर्माण कार्यो में आने वाली कई तकनीकी दिक्कतों को समझते हुये अब कैबिनेट परिषद में ये फैसला किया है कि निर्माण कार्यों के अनुश्रवण के लिये कारागार मुख्यालय पर अभियंत्रण प्रकोष्ठ की स्थापना कर दी जाये ,जिससे की निर्माण संबंधी कोई भी परेशानी को जल्द से जल्द दूर किया जा सके ।वहीं कारागार विभाग में बंदियों के कल्याण के लिये चलने वाले कई कार्यक्रमों के लिये और उसके संचालन के लिये कल्याण अधिकारी का प्रावधान कर दिया जाये ।बंदियो के विषय में होने वाले कोई भी कल्याणपरक कार्य में आने वाली परेशानियों को बेहतर ढंग से दूर किया जा सके । बंदियो को स्वास्थ्य और फिट रखने के लिये यूपी सरकार ने बंदियों के लिये योग और व्यायाम की भी व्यवस्था करने जा रही है । जिसके लिये बंदियों को योग सिखाया जायेगा और कारागार के अंदर जिम की भी व्यवस्था की जायेगी । प्रिजन मैनुअल में एक नई शुरुवात करते हुये कारगार मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने बताया की जेल के अंदर कौशल विकास और कल्याण कार्यक्रमों में स्वंयसेवी संस्थाओं की सहभागिता मिलेगी । यानी की जेल में बंदियों को विभन्न रोजगार परक क्षेत्रो का कौशल प्रदान किया जा सकेगा ,विभिन्न समाज सेवी संस्थाओँ के माध्यम के जरिये ।

 बंदियो को मिली सुविधायें

जेल कार्यक्रमों में बंदियों की सहभागिता बढ़ाने के लिये बंदी पंचायत का प्रावधान किया गया है । बंदियों के लिये विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों की व्यवस्था किया जाने के प्रस्ताव को भी मजुंरी मिल गई है। वहीं उन्नत उद्योगऔर बंदी सहकारी समितियों की व्यवस्था किया जाना ।बंदियों के लिये सांयकालीन चाय और बिस्कुट का प्रावधान किया जाना । कारागारों में स्वालंबी बेकरी का प्रावधान किया जाना । बंदी की मृत्यु पर अनिवार्य पोस्टमार्टम।बंदियो के लिये लॉंड्री और बार्बर शॉप का प्रावधान किया गया है ,वहीं बंदियों को स्वंय के खर्च पर दाढ़ी बनाने के लिये कल्याणकारी कैंटीन से यूज़ एंड थ्रो वाला रेज़र भी खरीद सकते है ।कारागार में जन्में बच्चों का जन्म पंजीकरण ,टीकाकरण  और नामकरण संस्कार का प्रावधान किया गया है । महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों  के लिये मनोरंजन के लिये क्रेच ,खेलकूद,और शिक्षा का प्रावधान किया गया है । बंदियो के लिये दांत सफाई के लिये टूथ पेस्ट और टूथ पाऊडर का प्रावधान किया गया है । महिला बंदियो के लिये तीज़ व्रत और करवाचौथ व्रत आदि रखने की छूट मिलेगी ,साथ ही महिला बंदियों को नारियल तेल और शैंपू का प्रावधान किया जा रहा है ।

 बंदी मुलाकात पर अहम फैसले

यूपी सरकार ने मानवीय आधार पर प्रस्तावित संशोधनों के तहत ये फैसला लिया है की एक ही कारागार में निरुद्ध रक्त संबंधी और पति-पत्नी की मुलाकात का प्रावधान कर दिया गया है । वहीं रक्त संबंधी य पति पत्नी की मृत्यु पर अंतिम दर्शन की व्यवस्था किया जायेगा । विदेशी बंदियो की मुलाकात की व्यवस्था होनी चाहिये ।सुरक्षा की दृष्टि से मुलकाती की फोटयुक्त पहचान पत्र होना चाहिये । सजाकाट रहे बंदियों के लिये  फुटवेयर की व्यवस्था कारागार विभाग की तरफ से की जायेगी ।   

 यूरोपीय बंदियो के लिये अलग जेल की व्यवस्था समाप्त

कारागार मंत्रालय के अंतर्गत जेल मैनुअल में कुल 55 अध्याय 1429 प्रस्तर और 22 परिशिष्ट है ,जिसमें से 1196 प्रस्तरों में संशोधन ,132 प्रस्तरों को निरासित / हटाया गया औऱ शेष को यथावत रखे गये है  । जिन जेल मैनुअल को हटाया गया वो है लॉक अप जेल की व्यवस्था समाप्त किया जाना ,वहीं यूरोपीय बंदियो के लिये अलग जेल की व्यवस्था समाप्त किये जाने का प्रस्तवा पास हुआ ।रजवाङों के बंदी के लिये निर्धारित मुक्ति और स्थांतरण की व्यावस्था समाप्त किये जाने का प्रावधान पास हुआ ।नेपाल ,सिक्किम,भूटान और कश्मीर के बंदियो की मुक्ति और स्थांतरण की व्यावस्था समाप्त किये जाने का प्रावधान किया गया है ।

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