कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला को कोविड अस्पताल में खुशियों की डबल डोज मिली। महिला ने अस्पताल में ही जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। आधी रात के बाद प्रसव पीड़ा से कराहती इस महिला के लिए डॉक्टरों ने आननफानन में लेवर रूम बनाकर उसका सुरक्षित प्रसव कराया। महिला के दोनों बच्चे स्वस्थ्य हैं, जिन्हें संक्रमण से बचाने के लिए घर भेज दिया गया, जबकि महिला अभी अस्पताल में ही है।

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संभल जिले की नगर पंचायत नरौली के गांव खेड़ाखास निवासी 26 वर्षीय महिला को प्रसव का समय पूरा होने पर सोमवार को सीएचसी में लाया गया था। वहां जांच कराई, तो महिला कोरोना संक्रमित मिली। महिला को कोरोना संक्रमित होने पर उपचार के लिए सोमवार को कोविड एल-टू श्रेणी के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

सोमवार को आधी रात के बाद महिला को प्रसव पीड़ा होनी शुरू हो गई। इस दौरान ड्यूटी पर डॉ. मनोज कुमार, डा. योगेश कुमार और अन्य स्टाफ था। प्रसूति रोग विशेषज्ञ सर्जन डॉ. खिलेंद्र कुमार को इमरजेंसी कॉल कर बुलाया गया।

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डाक्टरों के प्रयास को डीएम ने भी सराहा
आमतौर पर सरकारी डाक्टरों पर लापरवाही करने व मरीज को टरकाने के आरोप लगते हैं, लेकिन कोविड अस्पताल में गायिनक सर्जन डॉ. खिलेंद्र सक्सेना, डॉ. योगेश व मनोज सिंह ने महिला व उसके बच्चों की जान बचाने के लिए जो किया उसकी हर तरफ सराहना हो रही है। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने भी डाक्टरों की पीठ थपथपाई है।

बच्चियों भेजी गई घर, महिला अभी अस्पताल में
महिला का प्रसव कराने वाली टीम का नेतृत्व करने वाले गायनिक सर्जन डॉ. खिलेंद्र सक्सेना ने बताया कि सत्ताईस वर्षीय महिला का प्रसव कराने के बाद उसके दोनों बच्चियों को परिजनों के सुपुर्द कर घर भेज दिया गया। अस्पताल में मां के साथ रहने पर उनके संक्रमित होने का खतरा था। महिला की हालत भी अभी ठीक है।

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