Success Story

Success Story: ‘कहते हैं जब जिद पक्की हो तो सफलता कदम चूम ही लेती है’ ऐसी है काजल की इबारत

छुट्टी में पूरा दिन पढ़ती थीं। उन्होंने आईएएस परीक्षा की हर स्टेज पर सफल होने के लिए अलग-अलग रणनीति अपनाई।

‘कहते हैं जब जिद पक्की हो तो सफलता कदम चूम ही लेती है’ काजल जावला की जिद भी कुछ ऐसी ही थी कि तमाम मुश्किलों को लांघते हुए वे 5वीं बार में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईएएस बन गईं। काजल आईएएस बनने तक, पिछले 9 साल से प्राइवेट नौकरी कर रही थीं और यूपीएससी की तैयारी करते वक्त भी उन्होंने जॉब नहीं छोड़ी। वे 9 घंटे की जॉब से साथ पढ़ाई करती थीं। ऐसे में उन्हें अपनी पढ़ाई के लिए काफी कुछ मैनेज करना पड़ा।  वे घर गृहस्थी संभालने में नहीं उलझी, उनका पूरा फोकस अपनी पढ़ाई और नौकरी पर रहा। घर संभालने की जिम्मेदारी उनके पति ने अपने ऊपर ले ली थीं।
काजल ने साल 2018 में पहली बार आईएएस का प्रिलिम्स एग्जाम क्रैक किया। आईएएस मेन परीक्षा में 1750 में से 850 अंकों के साथ उन्होंने 28वीं रैंक  प्राप्त की।  काजल ने इंटरव्यू राउंड में उस साल के आईएएस टॉपर कनिष्क कटारिया से ज्यादा 201अंक हासिल किये।
काजल को उनके पिता ने सिविल सर्विस की तैयारी के लिए प्रोत्साहित किया। इसके बाद उन्होंने साल  2016 में आईएएस की तैयारी शुरू की थीं। वे कई बार प्री परीक्षा में फेल भी हुईं लेकिन उन्‍होंने हार नहीं मानी बल्कि इसे चुनौती के रूप में लिया। काजल ऑफिस जाते हुए 3 घंटे तक कैब में पढ़ाई करती थीं। छुट्टी में पूरा दिन पढ़ती थीं। उन्होंने आईएएस परीक्षा की हर स्टेज पर सफल होने के लिए अलग-अलग रणनीति अपनाई।
कैसे की पढ़ाई 
– जनरल नॉलेज के स‍िलेबस के लिए NCERT की किताबों से पढ़ा।
– निबंध की तैयारी के लिए उन्होंने सोशल मुद्दों को पढ़ा।
– प्रीलिम्‍स परीक्षा में उन्होंने करेंट अफेयर्स के लिए अखबार पढ़ा

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