उत्तर प्रदेश में कोरोना से बिगड़ते हालत के बिच सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों और जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आदेश जारी करते हुए कहा है, कि सभी जिलाधिकारी अपने जिलों में सेक्टर प्रणाली लागू करें. क्षेत्रवार सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाएं. यह सुनिश्चित कराया जाए कि अस्पताल में हर जरूरतममंद मरीज को बेड मिले.

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जरूरत ऑक्सीजन की हो, वेंटिलेटर की हो अथवा जीवनरक्षक दवाओं की, अविलंब उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें. बेड आवंटन और डिस्चार्ज पॉलिसी को प्रभावी ढंग से लागू कराएं. किसी जिले में शासनादेशों का उल्लंघन होता हुआ पाया गया तो संबंधित जिलाधिकारी और सीएमओ की जवाबदेही तय की जाएगी.

उन्होंने कहा अस्पताल में जरूरत ऑक्सीजन की हो, वेंटिलेटर की हो अथवा जीवनरक्षक दवाओं की, तत्काल उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। बेड आवंटन और डिस्चार्ज पॉलिसी प्रभावी ढंग से लागू कराया। उन्होंने चेताया कि किसी भी जिले में शासनादेशों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित डीएम और सीएमओ पर कार्रवाई की जाएगी।

राजधानी समेत कई जिलों में कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों को अस्पतालों में भर्ती न किए जाने की मिल रही सूचनाओं को सीएम ने काफी गंभीरता से लिया है। सोमवार को टीम-11 की बैठक में उन्होंने सभी जिलों में सेक्टर प्रणाली लागू कर सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात करने के निर्देश दिए हैं। संबंधित क्षेत्र के सेक्टर मजिस्ट्रेट अस्पतालों पर नजर रखेंगे। अगर कहीं मरीजों को भर्ती कराने में दिक्कत आ रही है तो बेड दिलाने में मदद करेंगे। 

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उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना के लिए निजी क्षेत्र की ओर से 54 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. इन प्रस्तावों का परीक्षण करते हुए इन्हें सभी जरूरी सहयोग प्रदान किया जाए. हर मेडिकल कॉलेज में एक लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट और एक एयर सेपरेटर प्लांट स्थापित करने की कार्यवाही हो.

100 बेड से अधिक क्षमता वाले सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार करें. सीएचसी पर छोटे ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाए जाएंगे. इसके अलावा, चिकित्सा शिक्षा विभाग के स्तर पर प्रक्रियाधीन करीब ऑक्सीजन प्लांट को तेजी से क्रियाशील कराएं.

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