उत्तराखंड में मंगलवार को मौसम ने करवट बदली। राजधानी देहरादून बदरीनाथ समेत प्रदेश के कई इलाकों में सुबह से ही बादल छाए हैं। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक मौसम में ठंडक महसूस होने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। हरिद्वार में पारा करीब सात डिग्री तक लुढ़क गया है।

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बदरीनाथ धाम, रुद्रनाथ में बर्फबारी, जोशीमठ में हुई बारिश
 मंगलवार को बदरीनाथ धाम, रुद्रनाथ समेत चमोली जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, जबकि जोशीमठ क्षेत्र में बारिश हुई, जिससे मौसम में ठंडक आ गई है। बर्फबारी से हेमकुंड साहिब के आस्था पथ से बर्फ हटाने का काम भी बार-बार प्रभावित हो रहा है। सोमवार को मौसम साफ होने के बाद बर्फ हटाने का काम शुरू हुआ था, लेकिन मंगलवार को दोपहर बाद फिर बर्फबारी होने से काम रुक गया।

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मौसम की बेरुखी से सूख रहे धारे और जलकुंड
रुद्रप्रयाग के गांवों में बीते वर्षों तक बारह महीने पानी से लबालब रहने वाले पौराणिक नौले, धारे व जलकुंड बढ़ती गर्मी और बारिश कम होने के कारण सूखने लगे हैं। जबकि राजमार्गों व संपर्क मार्गों पर भी पड़ने वाले कई स्रोत सूख चुके हैं।

आमजन को जल संसाधनों की महत्ता व अपनी जरूरत को ध्यान में रखते हुए दीर्घकाल के लिए इनका पारंपरिक तरीके से संरक्षण व संवर्धन करना होगा। पौराणिक जलस्रोतों के आसपास पौधारोपण कर उसकी देखरेख कर जंगल विकसित करने होंगे, जिससे पानी संरक्षित हो सके।

  • सच्चिदानंद भारती, प्रणेता पाणी राखो आंदोलन, उत्तराखंड।
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