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Ram temple in Ayodhya: पीएम मोदी से मिला मंदिर ट्रस्‍ट, अयोध्‍या आने का न्‍यौता दिया

Ram temple in Ayodhya:राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रबंध महंत नृत्य गोपाल दास समेत ट्रस्ट के सदस्यों ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की और उन्हें अयोध्या आने का निमंत्रण दिया। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए हाल ही में गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की पहली बैठक बुधवार को हुई थी। ट्रस्ट के महासचिव विश्व हिंदू परिषद नेता चंपत राय और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि भी बैठक में उपस्थित थे।
ram mandir
मुलाकात के बाद महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री को अयोध्या आने का निमंत्रण दिया। न्यास की दिल्ली में बुधवार को हुई बैठक में महंत नृत्य गोपालदास को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास का अध्यक्ष प्रबंध, विहिप के चंपत राय को महासचिव व पूर्व वरिष्ठ नौकरशाह नृपेंद्र मिश्रा को भवन निर्माण समिति का चेयरमैन बनाया गया है। स्वामी गोविंददेव गिरि जी को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। अयोध्या में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में न्यास का बैंक खाता खोलने का निर्णय किया गया है।

मुलाकात से पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि मंदिर निर्माण का कार्य एक-दो महीने में शुरू हो जाएगा। उन्होंने आशा जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा।

बता दें कि राममंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक में मंदिर आंदोलन से जुड़े महंत नृत्यगोपाल दास को ट्रस्ट का अध्यक्ष जबकि पीएम मोदी के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र को मंदिर निर्माण समिति की कमान सौंपी गई। वहीं विश्व हिंदू परिषद नेता चंपत राय को ट्रस्ट का महासचिव और स्वामी गोविंद गिरि कोषाध्यक्ष बनाया गया।

ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील के. परासरन के ग्रेटर कैलाश स्थित निवास पर हुई बैठक में नौ प्रस्ताव पारित किए गए। पहले महंत नृत्यगोपाल व चंपत राय को शामिल करने और अध्यक्ष व महासचिव बनाने का प्रस्ताव पास हुआ। इसके बाद, नृपेंद्र मिश्र के चयन पर मुहर लगी।

निर्माण के सभी निर्णय करेंगे नृपेंद्र
मंदिर निर्माण से जुड़े सभी निर्णय अब नृपेंद्र मिश्र करेंगे। अयोध्या में प्रस्तावित दूसरी बैठक की तिथि दो-तीन दिन में तय होगी। इसी बैठक में मिश्र निर्माण संबंधी रिपोर्ट रखेंगे।

मॉडल विहिप वाला ही रहेगा, लेकिन मंदिर  और ऊंचा व विस्तृत करने के लिए प्रारूप में थोड़ा बदलाव किया जाएगा।
महंत नृत्यगोपाल दास,ट्रस्ट अध्यक्ष

राममंदिर और परिसर अन्य धर्मों के प्रतीक स्थलों से बड़ा होना ही चाहिए। सनातन धर्म सबसे प्राचीन धर्म है। भगवान राम इसके महानतम प्रतीक हैं। अतिरिक्त भूमि जुटाने की कोशिश की जाएगी।
स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती

दूसरी जगह विराजेंगे रामलला
निर्माण समिति जल्द ही अधिगृहीत भूमि का निरीक्षण करेगी। रामलला को अस्थायी रूप से अन्यत्र विराजित किया जाएगा। फिर जमीन को समतल करने का काम होगा। हालांकि संतों की इच्छा है कि यह विश्व का सबसे विशाल और भव्य मंदिर बने। इसके लिए वे 67 एकड़ से ज्यादा जमीन चाहते हैं।

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