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सेक्स के कितने दिन बाद करना चाहिए Pregnancy Test? इन बातों का रखे ध्यान

एक स्त्री के लिए मां बनना सबसे बड़े सौभाग्य की बात होती है। स्त्री अपने जीवन को मौत की गोद में डालकर एक नव जीवन को संसार में लाती है। ये पीड़ा कितनी दर्ददायक है यह सहज सोचा ही जा सकता है। यदि आप गर्भधारण करने की योजना बना रही हैं और इस ख़ुशी को अपने भाग्य में लिखना चाहती हैं तो आपको इन जानकारियों की खबर होना बेहद ज़रूरी है। आज का दौर इतनी उन्नति के मार्ग पर आ चला है कि कई कार्य हम सरलता पूर्वक घर बैठे ही कर सकते हैं। आप खुद भी घर बैठे अपनी प्रेगनेंसी के बारें में पता लगा सकती हैं। प्रेगनेंसी टेस्ट किट द्वारा आप अपना टेस्ट खुद कर सकती हैं। मारकेट में यह किट्स उपलब्ध हैं जिसे आप आसानी से खरीद सकती हैं। टेस्ट से पूर्व आपको इन कुछ बातों का ध्यान रखना अतियंत आवश्यक है। पॉजिटिव रिजल्ट की मंशा से किये गए इस टेस्ट की टाइमिंग का आपको बेहद ध्यान रखना होगा। समय से पहले या बाद में की गयी जांच से गलत रिजल्ट मिलने की भी आशंका होती है। जल्दबाज़ी ना करें और टाइम का विशेषकर ध्यान रखें।

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आपको कब करना चाहिए प्रेगनेंसी टेस्ट ( pregnancy test ) ?

पीरियड्स मिस होने के ४-5 दिन बाद आप अपना प्रेगनेंसी टेस्ट कर सकती है। टेस्ट करने का यही सही समय होता है। अगर आपके पीरियड्स इर्रेगुलर हैं तो इस कार्य में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। सेक्स के बाद एग और स्पर्म का मेल होता है। फैलोपियन ट्यूब के ज़रिये ऐग सेल ओवरी से Uterus तक जाती है। यहां, यह खुद को Uterus के अस्तर से जोड़ता है। तब Uterus एक जीवन देने वाले ऐग को स्वीकार लेता है। इसे ओव्यूलेशन के नाम से जाना जाता है। यह सब फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया के बाद होता है। फर्टीलिज़ेड एग का ट्रांसप्लांट छटे दिन होता है। कभी-कभी यह 6 से ज़्यादा दिन का भी समय ले लेता है। इस दौरान एक हॉर्मोन भी बनता है जिसे HCG Hormone के नाम से जाना जाता है। इस हॉर्मोन की प्रजेंस और एब्सेंस यह तय करती है की आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं। आपका पॉजिटिव या नेगेटिव रिजल्ट HCG Hormone पर आधारित होता है। प्रेगनेंसी के दौरान शुरू के कुछ हफ्तों तक HCG का लेवल ज़्यादा रहता है।

आखिर क्या है HCG Hormone ?

HCG Hormone का मतलब ह्यूमन कोरिओनिक गोनाडोट्रोपिन (Human chorionic gonadotropin) होता है। HCG होरोमे प्रेगनेंसी का पता लगाने एवं इसे बनाये रखने में अहम भूमिका निभाता है। प्रेग्नेंट महिलाओ में HCG का स्तर अधिक होता है। अगर एग फर्टिलाइज होने में असमर्थ हो जाता है तो ये कोरपस ल्यूटियम 14 दिनों के अंदर नष्ट हो जाता है। कंसीव करने की स्थिति में एचसीजी कोरपस ल्यूटियम को बनाए रखता है। एचसीजी एम्ब्रियोनिक हार्मोन है। यह प्रेगनेंसी के पहले फेज के दौरान कोरपस ल्यूटियम को प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन बनाने की प्रक्रिया को अंजाम देता है। HCG , LH (Luteinizing hormone) की तरह प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन को रिलीज़ करता है।

टेस्ट के दौरान आपको किन बातों का रखना होगा ध्यान ?

प्रेगनेंसी टेस्ट करने हेतु आपको अपने पीरियड्स मिस होने तक रुकना पड़ेगा। जब आपके पीरियड्स की डेट्स २-३ दिन ऊपर हो जाए तब आप टेस्ट कर सकती हैं। मगर यह कहना मुश्किल है कि आपको इस दौरान भी सही रिजल्ट ही प्राप्त हो। टाइम से पहले किये गए टेस्ट में यह समस्या आन पढ़ती है कि प्रेगनेंसी टेस्ट किट सही जांच लाने में असमर्थ हो जाती है। दरअसल ऐसा माना जाता है कि इस वक़्त आपके HCG का लेवल माननिये रूप से कम हो सकता है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि HCG का लेवल पीरियड्स के पहले ही बढ़ जाता है। इस दौरान यदि आप पहले ही दिन टेस्ट कर लेती हैं तो हो सकता है कि आपका प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव आये। टेस्ट का परिणाम तो नेगेटिव आने के चान्सेस तब ज़्यादा होते हैं जब HCG का लेवल कम हो या ना हो। एक्सपर्ट्स के मुताबिक़ आपको अपना प्रेगनेंसी टेस्ट पीरियड्स मिस होने के कम से कम ७-८ दिन बाद करना चाहिए।

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यह बातें भूल से भी ना भूलें

ऐसा ज़रूरी नहीं कि आपके पीरियड्स मिस होने की वजह एकमात्र प्रेगनेंसी ही हो। आपके पीरियड्स ना आने के और भी अन्य कारण हो सकते हैं। आपको अपनी पीरियड साइकिल से जुड़े कई लक्षणों पर नज़र रखनी होगी। जैसे पेट में ऐंठन, मनोदशा में परिवर्तन, स्तन का मुलायम होना आदि। अगर आप लम्बे समय से इंटिमेट होती रही हैं तो आप अपना प्रेगनेंसी टेस्ट करने में देर नहीं करिये। ऐसा संभव हो सकता है की आप गर्भवती हों। आपको टेस्ट करने से पूर्व इस बात का ध्यान रखना होगा कि जो प्रेगनेंसी किट आप इस्तेमाल करने जा रही हैं, उसकी एक्सपायरी डेट क्या है। बाज़ार से किट ख़रीदते वक़्त आपको एक्सपायरी डेट पर एक बार नज़र ज़रूर दौड़ानी चाहिए। जब आप एक्स्पायर्ड किट इस्तेमाल करती हैं, तो कई बार ऐसा भी होता है कि जो आपका वास्तविक रिजल्ट होता है वह दिखाने के बजाये किट कुछ और ही परिणाम दिखा रही होती है। ऐसी आपदा में इस तरह की प्रेगनेंसी टेस्ट किट्स पर विश्वास करना मुश्किल हो जाता है।

पॉजिटिव रिजल्ट मिलने के पश्चात् क्या करें ?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रिस्पांस पॉजिटिव आने पर आपको सबसे पहले अपने डॉक्टर या से इस विषय में सलाह मश्वरा ज़रूर करना चाहिए। वहीं आपका रिजल्ट पीरियड्स मिस होने के बावजूद भी नेगेटिव आये तो निराश ना होए। आप कुछ दिन इंतज़ार कर एक बार दोबार टेस्ट ज़रूर करें। क्यूंकि कई बार प्रेगनेंसी टेस्ट में दिखा रही दो रेखाएं बहुत हलकी प्रतीत होती हैं। ऐसा होने पर आपको कुछ समय का विराम देकर एक बार फिर जांच करनी चाहिए।

इन बातों का भी रखें ध्यान

बता दें कि प्रेगनेंसी टेस्ट से पूर्व आपको ज़्यादा पानी का सेवन नहीं करना चाहिए। जांच का परिणाम गलत आने का यह भी एक कारण बन सकता है। दरअसल टेस्ट करने से पहले ज़्यादा पानी पीने से यूरिन पतला हो जाता है जिसकी वजह से गलत रिजल्ट की समस्या उत्तपन हो जाती है। सेक्स के बाद HCG स्तर में बढ़ोतरी की गति से यह पता लग पाता है कि आप गर्भवती हैं या नहीं। प्रत्येक महिला के बॉडी का HCG लेवल अलग-अलग रूप से तथा अलग-अलग समय में अपने हिसाब से विकसित होता है। प्रेगनेंसी किट तभी सही परिणाम का पता लगा पाती है। जब HCG की मात्रा एक स्तर तक पहुंच जाती है। अगर आपको अपनी प्रेगनेंसी के बारें में जल्द से जल्द पता लगाना हो तो आप पैथोलॉजी जाकर अपने खून की जांच भी करा सकती हैं। यहाँ पर भी आप जांच तभी करवा सकती हैं जब आपको पीरियड्स ना हो रहे हो। मार्केट में अब तो कई सारे ब्रांड्स आये दिन लांच होते रहते हैं। आपको ठीक से परख होनी चाहिए कि आखिर कौन सी ब्रांड विश्वसनीय है। इन सभी बातों को समझते और याद रखते हुए आप अपनी इस नन्ही सी ख़ुशी को हासिल करने हेतु आगे बढिये।

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