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क्या है प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना? जानिए फायदे

PradhanMantri Swanidhi Yojana : भारत में फैली हुई महामारी से पूरा देश लड़ रहा है। इस वक्त गरीबों को सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। भारत में वैसे भी बेरोजगारी की काफी समस्या चल रही थी और वायरस के फैलने के बाद यह समस्या और भी ज्यादा गंभीर होती जा रही है। देश का किसान और गरीब लोग खास करके उनका खुद का उद्यम है कई परेशानियों से जूझ रहे हैं। सड़क पर अपने सामान को बेचने वाले लोगों के लिए और भी समस्या पैदा हो रही है। इसी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी के लिए एक और नई स्कीम यानी की योजना की घोषणा की है। इस नई योजना का नाम उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ( PradhanMantri Swanidhi Yojana ) रखा है। यह योजना सड़क विक्रेताओं को एक बार फिर से आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। आज हम आपको इसी योजना के बारे में बताने जा रहे हैं ताकि आप भी इसका फायदा उठाने में सक्षम हो।

PradhanMantri Swanidhi Yojana

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क्या है प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना?

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत केंद्र सरकार के द्वारा की गई। इस योजना की शुरुआत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बैठक की थी जिसके बाद 1 जून को इस को हरी झंडी दिखाई गई थी। यह योजना आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत ही आते हैं और इस योजना का नाम स्वनिधि (SVANidhi) है यानी की – स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि ( Street Vendor Atmnirbhar Nidhi) जैसा इस योजना का नाम है वैसा ही इस योजना का काम है, यानी कि स्ट्रीट वेंडर्स अर्थात सड़क विक्रेताओं के लिए । इस योजना की शुरुआत का मुख्य कारण रेहड़ी पटरी पर और सड़क विक्रेताओं को सक्षम बनाना है। भारत देश में महामारी के फैलने की वजह से लॉकडाउन लगा था। इस लॉकडाउन की वजह से सबसे ज्यादा असर सड़क विक्रेताओं को हुआ है जिसकी वजह से केंद्र सरकार उनकी मदद करना चाहती है। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब सड़क विक्रेताओं को किसी स्कीम के लिए शामिल किया गया हो।

प्रधानमंत्री के इस योजना के तहत सड़क विक्रेताओं को छोटी राशि का कर्ज उपलब्‍ध कराया जाएगा। इसी के साथ साथ जो कर्ज इन्हे उपलब्ध करवाया जाएगा उस पर ब्याज दर भी कम लगाई जाएगी।

क्या होंगे फायदे और कितना मेगा कर्ज?

इस योजना के अंतर्गत सभी सड़क विक्रेताओं को कम ब्याज दर पर कर्ज दिया जाएगा। इस योजना की मदद से लोगों को जो ब्याज मिलेगा उसकी मदद से हुए एक बार फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं और अपने नए उद्यम को शुरू कर सकते हैं। भारत की केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए 5000 करोड़ करोड़ रुपए का आवंटन किया है ताकि इस योजना को फलीभूत किया जा सके।


इस योजना के तहत सड़क विक्रेता यानी कि स्ट्रीट वेंडर्स कर्ज ले सकते हैं।पीएम स्वनिधि योजना के तहत प्रत्येक स्ट्रीट वेंडर 10,000 रुपये तक ऋण दिए जाने की योजना तैयार की गई है। यह कर्ज लोगों को आसान शर्तों पर मिला करेगा ताकि वह इसका सही समय पर भुगतान कर सके। जो लोग इस योजना के अंतर्गत कर्ज लेंगे उनको इसकी राशि 1 साल के अंदर किस्तों में लौटानी होगी। इसी के साथ खास बात यह है कि इस कर्ज को लेने के लिए लाभार्थी को किसी भी गारंटर की आवश्यकता नहीं है।

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लोन लेने वालों के लिए सबसे अच्छा फायदा यह है कि अगर वह यह लोन सही समय पर चुकता कर देते हैं यानी कि 1 साल के भीतर ही चुका देते हैं तो फिर 7% के ब्याज दर पर जो पैसा उन्होंने सरकार को दिया है वह उनको सरकार की ओर से सब्सिडी की तरह से वापस कर दिया जाएगा। यह पैसा सीधे उनके अकाउंट में ट्रांसफर करवाया जाएगा। इसी के साथ इस योजना के तहत किसी भी जुर्माने का प्रावधान नहीं रखा गया है। इस योजना के तहत ऋण देने वाले संस्थान भी स्थानीय ही होंगे जैसे की अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, लघु वित्त बैंक, सहकारी बैंक, NBFC, माइक्रो वित्त संस्थान और स्वयं सहायता समूह बैंक ।


एक तरीके से सड़क विक्रेताओं को एक और फायदा होने वाला है। जहां एक ओर सड़क विक्रेता सूदखोरों से कर्ज़ लिया करते थे वही अब बैंकों से कर्ज मिलने पर उन्हें सूदखोरों के पास नहीं जाना पड़ेगा।सूदखोर छोटी सी रकम के बदले उनसे जमकर ब्‍याज वसूलते हैं जिसकी वजह से उनको बहुत घाटा होता है इसलिए यह स्‍कीम सूदखोरों के जाल से उन्‍हें बचाएगी।

कौन– कौन कर सकता है आवेदन?

इस योजना से 50 लाख से अधिक लोगो को फायदा होने वाला है। स्ट्रीट वेंडर्स, हॉकर, ठेले वाले, रेहड़ी वाले, ठेली फलवाले इत्यादि, जो शहरी क्षेत्रों में 24 मार्च या उससे पहले वेंडिंग यानी की बिक्री का काम शुरू कर चुके थे वह इस योजना का फायदा उठा सकते हैं। फल-सब्जी, लॉन्ड्री, सैलून और पान की दूकान करने वालों को भी इस श्रेणी में स्थान दिया गया हैं ताकि वह फायदा ले सके। इसके अलावा फेरीवालों या अन्य छोटे दुकानदार भी इस योजना के तहत लोन प्राप्त करने में सक्षम हैं। कुल मिलाकर सड़क किनारे, ठेले या रेहड़ी-पटरी पर दुकान चलाने वालों को यह कर्ज दिया जाएगा।

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कैसे करें आवेदन?

लोग पीएम स्वनिधि योजना या पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं । प्रारंभिक कार्यशील पूंजी ऋण प्राप्त करने के लिए लोग बैंकों में ऑफलाइन आवेदन भी कर सकते है।
ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार है –

-सबसे पहले आपको पीएम स्वनिधि योजना के आधिकारिक पोर्टल यानी की वेबसाइट पर जाना होगा। pmsvanidhi.mohua.gov.in इसकी अधिकारिक वेबसाइट है या आप चाहे तो स्वनिधि मोबाइल एप्प भी डाउनलोड कर सकते हैं।

इस होम पेज पर ‘प्‍लानिंग टू अप्‍लाई फॉर लोन?’ दिखाई देगा। इस जगह पर आपको तमाम नियम और शर्तें डिटेल में दिखाई देंगी जिनको आप आराम से पढ़ सकते हैं।

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-वहां पर आपको एक रजिस्ट्रेशन लिंक मिलेगा।अब रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करे। इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आपका ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म ओपन हो जायेगा। इस पेज पर आपको ‘व्‍यू/डाउनलोड फॉर्म’ पर क्लिक करना है।आपका फॉर्म डाउनलोड हो जाएगा।

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-इस फॉर्म में आपको अपनी जानकारी भरनी होती है। यहां दस्तावेजों से सम्बंधित मांगी गई पूरी जानकारी को सही से भरना होगा, इसमें आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड से सम्बंधित जानकारी मांगी गई होती है ।

-सभी जानकारी को सही तरीके से भरने के बाद आवेदक को अपना फॉर्म सबमिट करना होगा, और मिले हुए एप्लीकेशन नंबर को संभाल कर रखना होगा। यहां पर आपके आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण हो जाती हैं।

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