उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 3 अगस्त से भूमि पूजन प्रक्रिया शुरू हो रही है. यह प्रक्रिया 3 दिनों तक चलेगी, जो बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) के ज्योतिष विभाग के हेड प्रोफेसर विनय कुमार पांडेय के निर्देशन में होने जा रही है.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र,

सूत्रों के अनुसार अयोध्या रामजन्मभूमि पूजन कार्यक्रम का ब्योरा सामने आ रहा है. देशभर से 175 लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया गया है.

पीएम मोदी, आरएसएस चीफ भागवत, सीएम योगी आदित्यनाथ, यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और नृत्य गोपालदास महाराज स्टेज पर मौजूद रहेंगे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत विशिष्ट अतिथि बनकर मंच पर रहेंगे.

36 आध्यात्मिक परंपराओं के 135 संतों को न्योता

बता दें कि 3 अगस्त से भूमि पूजन प्रक्रिया शुरू हो रही है. यह प्रक्रिया 3 दिनों तक चलेगी. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष चंपत राय का कहना है कि आयोजन में भारत के लगभग 36 आध्यात्मिक परंपराओं के 135 संतों को निमंत्रण भेजा गया है.

बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी को भी न्योता भेजा गया है उन्होंने इसकी खुशी जताई है. उन्होंने कहा कि इस दौरान वह प्रधानमंत्री को रामनामी और मानस भी भेट करेंगे.

इकबाल के अलावा फैजाबाद निवासी मोहम्मद शरीफ (पद्म श्री से सम्मानित ) को भी निमंत्रण भेजा गया है. शरीफ लावारिस शवों का उनके धर्मानुसार अंतिम संस्कार करते हैं.

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्विटर हैंडल से दी गई जानकारी के मुताबिक , प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर पर दर्शन-पूजन करेंगे. इसके बाद भगवान श्री रामल्ला का पूजन करेंगे. फिर भूमि पूजन और स्टेज इवेंट शुरू होगा.

 

भूमि पूजन के लिए 2000 तीर्थ स्थानों से मिट्टी और 100 नदियों से पानी मंगाया गया है.

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