चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत,यात्रा स्थगित करने के विरोध में उतर आई है। महापंचायत ने सरकार के फैसले को एकतरफा करार दिया। महापंचायत पुरोहित के महामंत्री हरीश डिमरी ने कहा कि राज्य सरकार ने फैसला करने से पहले राय मशविरा करना तक उचित नहीं समझा। कुछ नहीं तो पूर्व की तरह स्थानीय हकहकूकधारियों और कारोबारियों की डीएम के साथ बैठक कराई जाती। एक बार उनका पक्ष भी सुन लिया जाता। गतवर्ष पहले ही पूरा तंत्र ध्वस्त हो गया। आर्थिक रूप से लोगों की पहले ही कमर टूटी हुई है और अब सरकार के इस एकतरफा फैसले ने उनकी उम्मीद भी तोड़ दी है।

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चारधाम यात्रा स्थगित होने के फैसले के बाद होटल बुकिंग्स का कैंसिल होना तय माना जा रहा है, जो श्रद्धालुओं ने चारधाम को लेकर करवाई हैं. इनमें गढ़वाल मंडल विकास निगम समेत प्राइवेट होटल्स की बुकिंग भी शामिल हैं. इस साल जनवरी से मार्च तक के हालात को देखते हुए लोगों को उम्मीद थी कि चारधाम बेरोकटोक होगी, लेकिन अप्रैल में बढ़े कोरोना के मामलों ने साल 2020 की तरह इस बार भी शुरुआत में ही कैंसिल कर दिया.

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छोटे व्यापारियों की आर्थिक मदद पर विचार करेगी सरकार: वर्चुअल बैठक में जिलाधिकारियों ने कहा कि चारधाम यात्रा स्थगित होने से छोटे व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। ऐसे में सरकार की ओर से छोटे व्यापारियों की मदद की जानी चाहिए। जिस पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता कर सकारात्मक विचार किया जाएगा।  

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