देश की राजधानी दिल्ली इस वक्त काफी कठिन हालातों से गुजर रही है जिसका कारण है कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी रहे, दूसरी लहर राजधानी में इतनी हावी होती जा रही है कि संक्रमित मरीज ( Patient ) काफी गंभीर हो रहे हैं। आलम यह है कि इस समय हर पांचवा संक्रमित मरीज अस्पताल में उपचार के लिए जा रहा है वहीं अगर पिछले साल मार्च से तुलना की जाए तो करो ना की शुरुआत के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब अस्पतालों में मरीज लगातार पहुंच रहे हैं।

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वहीं इस पूरे मामले पर दिल्ली की केजरीवाल सरकार का मानना है कि संक्रमण की इस लहर से मरीज ज्यादा गंभीर हो रहे हैं । करीब एक लाख सक्रिय मरीज राजधानी में मौजूद है, जिनमें से 19243 अस्पतालों में भर्ती हैं इसके बावजूद हर पांचवें संक्रमित मरीज अस्पतालों में इलाज करवा रहा है जिसमें 15000 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं और करीब 4000 मरीज आईसीयू बेड पर है।

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अस्पतालों के डॉक्टर का मानना है कि इस बार का वायरस तीन से चार दिन में ही मरीज के फेफड़ों को प्रभावित कर दे रहा है ऐसे में मरीज में ऑक्सीजन की कमी हो रही है और उनकी हालत गंभीर होती जा रही है। बीते 1 महीने में दिल्ली के अंदर मरीजों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है।

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