Spiritual

आज होगी माँ कात्यायनी की पूजा , जाने कथा,पूजा की सम्पूर्ण विधि

देवी कात्यायनी की पूजा करने से भक्तों के सारे दुःख विलाप मिट जाते हैं।

आज नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा की छठवीं शक्ति देवी कात्यायनी की पूजा करने का दिन है। इनका रूप तेज़ से भरा हुआ है । इनकी चार भुजाएं हैं। माँ के दाईं तरफ का ऊपर वाला हाथ अभयमुद्रा में विराजमान है तो वहीं नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में सुशोभित होता है। मां कात्यायनी बाईं तरफ के ऊपर वाले हाथ में तलवार धारण करती हैं व नीचे वाले हाथ में कमल का फूल सुशोभित रहता है।
इनकी पूजा अर्चना के दिन भक्त का पूरा मन आज्ञा चक्र में हो जाता है।

यह भी पढ़े : https://theindiarise.com/why-is-sand-special-in-pind-daan-know-here/

इनको आज के दिन याद करने से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और जातक को रोग, शोक व भय से मुक्ति मिल जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जो देवी कात्यायनी का पूजन, मनन करता है उसे परम पद की प्राप्ति होती है।

कात्यायनी देवी की कथा-

पौराणिक कथा के अनुसार कहा ये जाता है कि कात्य गोत्र में महर्षि कात्यायन ने मां भगवती जगदंबा की घनघोर उपासना की और उन्हें पुत्री रूप में प्राप्त करने कि विनती की। मां भगवती ने इनकी ये इच्छा पूरी करते हुए उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया।

वहीं कात्यायन ऋषि के यहां जन्म लेने और सर्वप्रथम उनके द्वारा पूजे जाने के कारण ये देवी कात्यायनी कहलाईं। मां कात्यायनी सभी इच्छाओ को पूरा करने वाली फलदायिनी हैं, ये देवी ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी के रूप में प्रतिष्ठित हैं क्योंकि भगवान कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए ब्रज की गोपियों ने इन्हीं की पूजा की थी। पूजा करते समय मां कात्यायनी के मंत्र का जाप करना बेहद महत्वपूर्ण है,
पूजा मंत्र है – ॐ देवी कात्यायन्यै नम:

वही देवी कात्यायनी का प्रिय भोग है , शहद जिससे माँ सबसे अधिक प्रसन्न हो जाती हैं ।

 

Follow Us
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: