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लखीमपुर खीरी: तिकुनिया कांड- हादसा नहीं, हत्या की सोची समझी साजिश – SIT

एसआईटी ने विवेचना के दौरान यह भी पाया कि आरोपियों पर धारा 304 ए 279 और 338 का अपराध नहीं बनता

लखीमपुर खीरी: लखीमपुर खीरी के तिकुनिया गांव में हुए किसान हिंसा एसआईटी की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। एसआईटी की टीम ने किया कांड को हत्या की सोची समझी साजिश बताते हुए मुख्य आरोपी मंत्री पुत्र आशीष मिश्रा समेत सभी आरोपियों पर कई संगीन धाराएं बढ़ा दी। आशीष मिश्रा के खिलाफ धारा 307, 326 और 334 शामिल है। साथी एसआईटी की टीम ने आरोपियों की रिमांड लेने की कोर्ट में अर्जी दी है। बता दें कि तिकुनिया कांड में एक पत्रकार की हत्या मंत्री पद पर मुकदमा दर्ज हुआ था जिसमें धारा 302,, 304 ए, 147, 148, 149, 279 337 और 120 बी लगी थी।

गौरतलब है कि एसआईटी की टीम ने जांच में पाया कि सभी आरोपियों ने धारा 307 धारा 326 धारा 341 का अपराध किया है इसके बाद एसआईटी की टीम ने मुकदमों में धारा 34 307 326 बढ़ा दी है। एसआईटी ने विवेचना के दौरान यह भी पाया कि आरोपियों पर धारा 304 ए 279 और 338 का अपराध नहीं बनता एसआईटी ने मुकदमा धारा 304 ए 338 और 279 को हटा दिया है।

एसआईटी के मुख्य जांच अधिकारी विद्याराम दिवाकर ने साफ कर दिया कि लापरवाही व उपेक्षा पूर्वक गाड़ी चलाते हुए दुर्घटना बस अमृत का मामला नहीं है सोची समझी साजिश से चलते मेल को कुचलने हत्या करने हत्या की कोशिश के साथी अंग भंग करने की साजिश का मामला है। बता दें कि 3 अक्टूबर को तिकुनिया कांड में हुए एक पत्रकार समेत चार किसान के साथ 8 लोगों की मौत हुई थी।

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