जानिए कब है अपरा एकादशी व्रत? पूजा का समय और महत्व


अपरा एकादशी (Apara Ekadashi) का व्रत ज्येष्ठ मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी को किया जाता है, जिसे अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। अपरा एकादशी (Apara Ekadashi) का व्रत अपार धन और प्रसिद्धि लाने वाला माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और अपरा एकादशी (Apara Ekadashi) व्रत की कथा का पाठ या श्रवण किया जाता है। इस व्रत कथा को सुनने या पढ़ने से ही पापों का नाश होता है। 

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कलैण्डर के अनुसार इस वर्ष ज्येष्ठ मास के कृष्ण मास की एकादश तिथि 25 मई बुधवार को प्रातः 10 बजकर 32 मिनट से प्रारंभ हो रही है। यह तिथि अगले दिन, गुरुवार, 26 मई को सुबह 10:54 बजे समाप्त होती है। उदयतिथि के अनुसार अपरा एकादशी (Apara Ekadashi) का व्रत 26 मई को रखा जाएगा।

अपरा एकादशी (Apara Ekadashi) का दिन बहुत ही शुभ होता है। अपरा एकादशी (Apara Ekadashi) के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन चलता है। आयुष्मान योग सुबह से रात 10।15 बजे तक है और उसके बाद सौभाग्य योग है। सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए कार्य सफलता दिलाएंगे। ऐसे में सुबह स्नान कर अपरा एकादशी (Apara Ekadashi) का व्रत करना चाहिए।

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