इस सफलता की कहानी में , हमने एक भारतीय उद्यमी सुनील मित्तल की कहानी को साझा किया है । सुनील मित्तल ने भारती एंटरप्राइजेज की स्थापना की है , जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में है । यह एक ऐसा निगम है जो कई क्षेत्रों के कई उद्योगों में काम करता है । इसमें  वित्तीय , खुदरा और दूरसंचार सेवाएं शामिल हैं , यह भारत का सबसे बड़ा दूरसंचार उद्योग है ।

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सुनील मित्तल एक परोपकारी भी हैं जो समाज को वापस देने में विश्वास रखते हैं । वह अपने उद्योगों की परोपकारी शाखा भारती फाउंडेशन के माध्यम से भारत के कमजोर वर्गों को शिक्षित करने की दिशा में भी काम करते हैं। FY 2016 में भारती एयरटेल ने 14.75 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का राजस्व कमाया है । उन्हें फोर्ब्स द्वारा 11.6 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ भारत के 6 वें सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में सूचीबद्ध किया गया है ।

प्रारंभिक जीवन
सुनील भारती का जन्म 23 अक्टूबर 1957 को पंजाब के लुधियाना में  हुआ था । उनके पिता जी का नाम सत पाल मित्तल था जो एक बहुत सम्मानित राजनीतिज्ञ थे । वह दो बार लोक सभा से और एक बार राज्य सभा से सांसद भी रह चुके थे । हालांकि 1992 में हार्ट अटैक से उनकी उनकी मृत्यु हो गई थी । सुनील के दो भाई हैं राजन मित्तल और राकेश मित्तल । ग्वालियर के सिंधिया स्कूल में जाने से पहले उन्होंने कुछ समय के लिए मसूरी के व्यनबर्ग‌ एलेन स्कूल में पढ़ाई की । बाद में , उन्होंने पंजाबी विश्वविद्यालय में दाखिला लिया जहां से 1976 में कला और विज्ञान के क्षेत्र में उन्होंने स्नातक की उपाधि प्राप्त की ।

एक किशोर के रूप में मित्तल का झुकाव हमेशा से खुद का व्यवसाय करने का था । स्नातक स्तर की पढ़ाई के बाद उन्होंने अपने पिताजी से 20,000 रुपए लिए और अपने दोस्त साथ मिलकर एक साइकिल का व्यापार शुरू किया । वहीं 1979 में मित्तल को होश आया की उनका यह व्यवसाय छोटा ही रहेगा और इसलिए कोई बड़ा व्यवसाय करने के लिए वे लुधियाना से मुंबई चले गए । 1982 तक , उन्होंने जापान से आयातित पोर्टेबल जेनरेटर बेचने का व्यवसाय शुरू कर दिया । इससे उन्हे विपणन और विज्ञापन में खुद को शामिल करने का अच्छा मौका मिल गया था । सारी चीज़ें सुचारू रूप से चल रही थीं लेकिन दिक्कत तब शुरू हुई जब भारत सरकार ने जेनरेटर के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया और दो भारतीय कंपनियों को स्थानीय स्तर पर जेनरेटर बनाने के लिए लाइसेंस प्रदान किया गया ।  

भारती एंटरप्राइजेज की स्थापना
सुनील को अब दूसरा व्यापारिक रास्ता तलाशना था और तभी उन्होंने ताइवान में पुश बटन फोन देखा और 1984 में  उन्होंने भारत में पुश बटन फोन को असेंबल करना शुरू किया । उन्होंने भारत में भारती टेलीकॉम लिमिटेड लॉन्च किया और 1990 के दशक की शुरुआत में फैक्स मशीन , कॉर्डलेस फोन और कुछ अन्य टेलीकॉम गियर का भी निर्माण शुरू किया ।

1992 में उन्होंने भारत में नीलाम किए गए चार मोबाइल फोन लाइसेंसों में से एक के लिए बोली लगाई , जिसमे उन्हें सफलता हासिल हुई । दिल्ली सेल्यूलर लाइसेंस के लिए शर्तों में से एक यह था की बोली लगाने वाले को दूरसंचार ऑपरेटर के रूप में कुछ अनुभव हो । और सुनील को अनुभव था इसलिए उन्होंने फ्रेंच टेलीकॉम समूह विवेंदी के साथ एक सौदा किया । विविंदी प्रमुख दूरसंचार व्यवसाय की पहचान करने वाले पहले भारतीय उद्यमियों में से एक थे ।

उनकी योजनाओं को अंततः 1994 में सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया और उन्होंने 1995 में दिल्ली में सेवाओं का शुभारंभ किया , और 1997 में भारती सेल्यूलर लिमिटेड को ब्रांड नाम एयरटेल के तहत सेल्यूलर सेवाओं की पेशकश के लिए बनाए गया । और कुछ ही वर्षों में भारती 2 मिलियन मोबाइल सबस्क्राइबर्स मार्क को पार करने वाली पहली दूरसंचार कंपनी बन गई । भारती में ब्रांड नाम “इंडियावन” के तहत भारत में एस. टी. डी. / आई. एस. डी. सेल्यूलर को भी अपने दरों में लाया ।

2001 में कंपनी ने 650 मिलियन अमरीकी डॉलर की सबमरीन केबल परियोजना के लिए सिंगापुर टेलीकॉम इंटरनेशनल के साथ एक संयुक्त उद्यम में प्रवेश किया , यह  देश की पहली केबल लिंक है जो भारत के चेन्नई और सिंगापुर को जोड़ती है ।
एयरटेल एक विश्वसनीय फोन कनेक्शन के रूप में अपनी अपराजेय सितारों के साथ अपने समकालीनों से आगे निकल गया जिसमे शारूख खान , आर. माधवन , ए. आर. रहमान , सैफ अली खान , करीना कपूर , विद्या बालन और शर्मन जोशी शामिल हैं । एयरटेल के एक मिलियन से अधिक आउटलेट और रिचार्ज स्टोर हैं ।

सम्मान

  1. 2007 में भारत सरकार के तरफ से पद्म भूषण ।
  2. ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया लीडर , एन. डी. टी. वी. बिजनेस लीडर अवार्ड ।
  3. 2008 में जी. एस. एम. एसोसिएशंस चेयरमैंस अवार्ड ।
  4. 2006 में फॉर्च्यून मैगजीन के तरफ से एशिया बिजनेसमैन ऑफ द ईयर , वॉइस एंड डाटा मैगजीन भारत के तरफ से टेलीकॉम पर्सन ऑफ द ईयर , सी. ई. ओ. ऑफ द ईयर और फ्रॉस्ट एंड सुलीवियन एशिया पेसिफिक आई. सी. टी. अवार्ड ।
  5. 2005 में बिजनेस स्टैंडर्ड के तरफ से सी. ई. ओ. ऑफ द ईयर , टेलीकॉम एशिया अवार्ड के तरफ से बेस्ट एशियन टेलीकॉम सी. ई. ओ. , इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर के तरफ से बेस्ट सी. ई. ओ. ऑफ इंडिया , इकोनॉमिक टाइम्स के तरफ से बिजनेस लीडर ऑफ द ईयर ।
  6. 2010 में फिलेंथ्रोपिस्ट ऑफ द ईयर अवार्ड और द एशियन अवॉर्ड्स ।
  7. 2011 में इंस्टेड बिजनेस लीडर अवार्ड ।

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धर्मार्थ कार्य पर भारती फाउंडेशन ने मध्य प्रदेश में 50 से अधिक स्कूलों को वित्त पोषित किया है और भारती स्कूल ऑफ टैक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के निर्माण के लिए आई. आई. टी. दिल्ली को 200 मिलियन रुपए का दान दिया है । भारती फाउंडेशन की स्थापना वर्ष 2000 में देश के छोटे शहरों , गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा लाने के उद्देश्य से की गई थी । फाउंडेशन ने अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए 2006 में सत्य भारती स्कूल कार्यक्रम शुरू किया । सुनील ने अब तक 30,000 बच्चों की मदद की है जो शैक्षिक आवश्यकताओं से वंचित थे । 2009 के विश्व के शीर्ष 25 परोपकारी लोगों की सूची में 200 से अधिक स्कूलों की स्थापन की है ।

एक अग्रणी , सपने देखने वाले , उपलब्धि प्राप्त करने वाले सुनील अपनी प्रशंसाओं पर आराम करने वाले आदमी नहीं हैं बल्कि वह भारती समूह बनाने और दुनिया भर में अपने कारोबार का विस्तार करने की दृष्टि के साथ आगे बढ़ रहे है ।

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