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जानें क्या है प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, कैसा हुआ काम

भारत देश में तकरीबन 1.5 मिलियन हेक्टेयर जमीन पर खेती बाड़ी का काम होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी 70% लोग खेती करके अपना जीवन बसर करते हैं। इसका मतलब यह है कि अभी भी 70% लोग अपनी रोजी-रोटी के लिए खेती पर निर्भर है। भारत में लगातार पानी जमीनी स्तर से नीचे जा रहा है जिसकी वजह से सिंचाई के लिए पानी आना मुश्किल हो गया है। खेतों तक पानी नहीं पहुंचने की वजह से कई फसलें खराब हो जाती है जिसकी वजह से किसान को काफी ज्यादा नुकसान झेलना पड़ता है। किसानों की सी बड़ी परेशानी को दूर करने के लिए भारत की सरकार किसानों के लिए एक और नई फायदेमंद योजना लेकर सामने आई है। इस योजना का नाम प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (Pradhanmantri Krishi Sinchai Yojana) है।

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इस योजना की मदद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के हर किसान तक सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता को पूरा करना चाहते हैं। आज हम आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इसी योजना के बारे में बताने जा रहे हैं।

क्या है प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना?

खेतीबाड़ी से भी जुड़े हुए कई ऐसे काम होते हैं जो कि हमारे किसानों के लिए आवश्यक होते हैं। खेती के लिए जिस प्रकार वीर आवश्यक होता है उसी प्रकार सिंचाई के लिए पानी की भी आवश्यकता होती है। फिलहाल देश में चल रही पानी की किल्लत के बारे में हर कोई जानता है। इसी पानी की किल्लत की वजह से हमारे देश में कई ऐसे किसान हैं जिन्हें काफी परेशानी से जूझना पड़ता है।

सिंचाई के लिए पानी ना होने की वजह से किसानों की फसल खराब हो जाती है जिसके बाद उन्हें काफी नुकसान होता है। किसान तो ऐसे होते हैं जिनके पास सिंचाई के लिए पानी तो होता है परंतु उस पानी के लिए उनके पास पर्याप्त या फिर उपयुक्त उपकरण नहीं होते हैं। किसान के इसी नुकसान को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरुआत की है। इस योजना की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2015 में की गई है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का काम दो बोर्डों की देखरेख में हो रहा है। इनमे से एक है, नेशनल स्टीयरिंग कमेटी जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। दूसरा, नेशनल एक्जीक्यूटिव बोर्ड है जिसके चेयरमेन नीति आयोग के उपाध्यक्ष होते हैं।

यह योजना मुख्य तौर पर किसानों के लिए शुरू की गई एक बहुत ही फायदेमंद योजना है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को सिंचाई के उपकरणों के लिए सब्सिडी प्रदान की जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को सब्सिडी देना है ताकि पानी की बचत हो, कम मेहनत लगे और किसान सही तरीके से खर्चा कर बचत भी कर सकें।

क्या है योजना में काम?

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (Pradhanmantri Krishi Sinchai Yojana) के अंतर्गत समर्पित “सूक्ष्‍म सिंचाई कोष”(एमआईएफ) स्‍थापित करने के लिए नाबार्ड के साथ 5,000 करोड़ रुपये की आरंभिक राशि देने की मंजूरी दे दी है। इस राशि का भी टुकड़ों में आवंटन किया जाएगा। सर्वप्रथम साल 2018 से 19 के बीच ₹2000 करोड़ दिए जाएंगे वहीं इसके बाद साल 2019 से 20 के बीच 3000 करोड़ रुपए का आवंटन किया जाएगा।

इस योजना के अंतर्गत किसानों को सिंचाई के लिए उपकरण दिए जाएंगे। जैसा कि भारत में सिंचाई के लिए बहुत ज्यादा पानी का उपयोग होता है। इसी वजह से सरकार का मुख्य जोर इस पर इस बात पर है कि पानी की उपयोगिता को कम किया जाए। इसके लिए सरकार कई तरीके से लेकर आई है जिससे कि पानी की बचत तो होगी ही साथ में किसानों की पैदावार भी अच्छी होगी।

ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई जैसे तरीकों के माध्यम से किसान की फसलों में बढ़ोतरी होगी और साथ ही साथ पानी भी कम उपयोग होगा। सरकार चाहती है कि सभी किसान इसे प्रणाली का उपयोग करें ताकि पानी बच सके। इसी वजह से सरकार प्रोत्साहन के रूप में सभी किसानों को सब्सिडी दिलवा रही है।

इस योजना में शामिल हुए किसानों या में ही लाभार्थियों को सरकार सिंचाई उपकरण तो उपलब्ध करवाएगी ही लेकिन इसी के साथ साथ एक और फायदा होगा। किसानों को यह उपकरण किस प्रकार से इस्तेमाल करना है यह बात ही सरकार ही किसानों को बताएगी। योजना में शामिल हुए सभी किसानों को उपकरण का इस्तेमाल सिखाने के लिए सरकार की तरफ से 2 दिन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

जानिए योजना के फायदे और विशेषताएं

  1. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत भारत के किसानों को फसल की सिंचाई के लिए सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
  2. इसके अंतर्गत किसान ने सिंचाई उपकरण प्राप्त कर सकेंगे और इसी के साथ भारत की सरकार ने उपकरणों के उपयोग को सिखाने के लिए सभी किसानों को 2 दिन का प्रशिक्षण भी प्रदान करेगी।
  3. इन नए उपकरणों के इस्तेमाल की मदद से 40% से 50% पानी की बचत हो पाएगी। इसी के साथ कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी ही होगी।
  4. इस योजना की मदद से भारत भर के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी भी मिलेगा। पर्याप्त पानी मिलने की वजह से उन्हें बारिश का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उनकी फसल भी खराब नहीं होगी।

5.योजना के लिए केंद्र द्वारा 75% अनुदान दिया जाएगा और बचा हुआ 25% जो खर्चा रहेगा वह राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा।

कौन उठा सकता है योजना का फायदा?

इस योजना (Pradhanmantri Krishi Sinchai Yojana) का फायदा भारत का हर किसान उठा सकता है बशर्ते उसके पास खुद की कृषि योग्य जमीन होनी चाहिए और साथ ही साथ सिंचाई के लिए जल संसाधन भी होना चाहिए।इस योजना के तहत सेल्फ हेल्प ग्रुप्स, ट्रस्ट, सहकारी समिति, इंकॉर्पोरेटेड कंपनियां, उत्पादक कृषकों के समूहों के सदस्यो और अन्य पात्रता प्राप्त संस्थानों के सदस्यों को भी लाभ प्रदान किया जायेगा। इस योजना का फायदा वह संस्थान भी उठा सकते हैं जो कि 7 वर्षों से किसी भूमि पर लीज एग्रीमेंट के तहत खेती करते हों ।

क्या हैं आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज?

अगर आप भी इस योजना का पूरी तरीके से फायदा उठाना चाहते हैं तो आपके पास कुछ दस्तावेज होना जरूरी है –

आवेदक का आधार कार्ड ( Aadhar Card)
पहचान पत्र (Identity Card)
किसानो की ज़मीन के कागज़ात (Property papers)
जमीन की जमा बंदी
बैंक अकाउंट पासबुक ( Account Passbook)
पासपोर्ट साइज फोटो (Passport Size Photograph)
मोबाइल नंबर ( Mobile Number)

कैसे करें आवेदन?

इस योजना में आवेदन करने के लिए भारत की सरकार ने डिजिटल इंडिया के तहत इस कार डिजिटल पोर्टल भी बनवाया है। इस योजना में आवेदन करने के लिए आपको सबसे पहले इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद आपको वहां पर अपना पंजीकरण करवाना होगा। इस योजना के डिजिटल पोर्टल पर आवेदन करने की सारी जानकारी भी साफ तरीके से उपलब्ध है।

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कैसा हुआ काम?

इस योजना की मदद से अब किसानों को सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और इसी की वजह से उनकी फसल भी खराब नहीं होगी। इसी के साथ पानी की बचत भी होगी। लेकिन क्योंकि हर जगह का क्षेत्र और आवश्यकताएं अलग-अलग प्रकार की होती है इसीलिए सिर्फ एक ही योजना हर जगह 1 तरीके से नहीं लागू की जा सकती।आज भी देश में कई गांव नदियों से कुछ दूरी पर हैं।

बीते 4 वर्षों में तमाम कृषि परियोजनाओं के बनाए जाने के बावजूद भी किसानों की स्थिति में अभी भी बहुत अधिक बदलाव नहीं आया है। छोटे और अशिक्षित किसान आज भी इन योजनाओं से अभी पूरी तरह लाभान्वित नहीं हैं जिसकी वजह से कृषि आय आज भी सामान्य स्तर पर ही बनी हुर्इ है।

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