Jammu & Kashmir

Kashmir घूमने जा रहे हैं तो कोविड टेस्ट करवाकर जाएं, कोरोना वैक्सीन भी अनिवार्य

Kashmir: अगर आप कश्मीर घूमने जा रहे हैं तो कोविड-19 का टेस्ट करवाकर जाएं। कोविड-19 रिपोर्ट 2 दिन से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए। जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) प्रशासन ने सभी प्रमुख पर्यटनस्थलों पर कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट के साथ कोरोना वैक्सीन को अनिवार्य कर दिया गया है।

कश्मीर (Kashmir) में सैलानियों की सुविधा के लिए पर्यटन स्थलों पर भी रैपिड टेस्ट की सुविधा रखी गई है। ऐसा पर्यटकों की बढ़ती आमद को कोविड-19 की तीसरी लहर का कारण बनने से रोकने के लिए किया गया है।

कश्मीर में गत जून से एक बार फिर सैलानियों की आमद बढऩे लगी है। जुलाई में अब तक कश्मीर में औसतन डेढ़ हजार पर्यटक रोजाना आ रहे हैं। पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि इस माह करीब 50-55 हजार पर्यटक कश्मीर पहुंचेंगे। पर्यटकों की लगातार बढ़ती आमद को देखते हुए पर्यटन विभाग और कश्मीर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है।

पहलगाम, गुलमर्ग, सोनमर्ग, युसमर्ग समेत सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर वीकेंड के समय भीड़ रोकने के लिए उन सभी सैलानियों पर रोक लगा दी गई है, जिनके पास पहले से ही इन जगहों पर किसी होटल में ठहरने की बुकिंग नहीं होगी।

पर्यटन निदेशक कश्मीर डा. जीएन इट्टू ने बताया कि कोविड-19 से पैदा हालात को देखत हुए हम पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। हम सभी गतिविधियां बंद नहीं कर सकते, इसलिए हमने कुछ कदम उठाए हैं, ताकि पर्यटक भी आएं, पर्यटन से जुड़े लोगों का कारोबार भी चले और कोरोना संक्रमण का प्रसार भी न हो।

इसलिए हमने सभी शिकारावालों, हाउसबोट मालिकों व उनमें काम करने वाले लोगों, रेस्तरा मालिकों व उनके स्टाफ, टैक्सी चालकों, टूरिस्ट गाइडों, घोड़े वालों, स्लेज वालों को कोविड-19 वैक्सीन का टीका सुनिश्चित किया है।

पर्यटन जगत से जुड़े लगभग 95 प्रतिशत लोगों को कोरोना वैक्सीन की एक या दो डोज लग चुकी हैं। इसके अलावा होटल मालिकों और हाउसबोट मालिकों को निर्देश दिया गया है कि वह पर्यटकों के स्वास्थ्य, उनकी कोविड-19 जांच व निगेटिव रिपोर्ट पर विशेष ध्यान दें।

अगर उन्हें कोई जरा भी बीमार नजर आता है, उसकी तुरंत टेस्ट कराएं। होटलों में एक दो कमरों को क्वारंटाइन सुविधा के लिए रखा गया है। इस बीच, पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सभी पार्कों और प्रमुख पर्यटनस्थलों पर उन्हीं लोंगों को घूमने की इजाजत है जिनके पास कोविड 19 निगेटिव रिपोर्ट है या फिर जिन्हें कोरोना की वैक्सीन लग चुकी है।

कोरोना टेस्ट रिपोर्ट दो दिन से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए। पर्यटकों की सुविधा के लिए विभिन्न जगहों पर रैपिड टेस्ट की सुविधा भी रखी गई है। अगर वह चाहें तो उनका RT-PCR टेस्ट भी किया सकता है।

अगर किसी के पास कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट नहीं है, या उसका वैक्सीनेसन नहीं हुआ है तो उस पर रोक लगाई गई है। उन्होंने बताया कि अगर कोई पर्यटक फर्जी कोरोना रिपोर्ट तैयार कराता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई भी की जाएगी। ऐसे पर्यटकों को न सिर्फ कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा बल्कि उन्हें उसी समय कश्मीर से बाहर भेज दिया जाएगा।

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