जवाहर नवोदय विद्यालय जिसे भारत सरकार, मानव संसाधन मंत्रालयद्वारा चलाया जाता है।  CBSE की शिक्षा मिलती है। इसकी शरुआत प्रधानमंत्री श्री राजीव गाँधी द्वारा की गई। जवाहर नवोदय विद्यालयों का आरम्भ प्रायोगिक तौर पर 1985-86 में हुआ था। आज तमिलनाडु को छोड़कर सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों मे लगभग 598 विद्यालय है। सभी जिलो में एक जवाहर नवोदय विद्यालय होता है। आपका नवोदय आपके हि जिले में है। उसे गूगल मैप पे Jawahar Navodaya Vidyalaya लिख कर search करने पर मिल जाएगा।

यह भी पढ़ें : ऐसे बेहतर करें अपनी इंग्लिश, इन बातों का रखें ध्यान  

नवोदय कि परीक्षा कि तैयारी कैसे करें?
कक्षा ५ वी के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय की परीक्षा भविष्य के लिए एक अच्छा अवसर है। यदि आप चौथी कक्षा से ही इसकी तैयारी करवाना शुरू कर देते हैं तो बेहतर रहेगा। कुछ ऐसी संस्थाएं भी हैं जो तीसरी कक्षा से ही नवोदय की तैयारी करवाती हैं, और क्योंकि इतनी कम उम्र में इस चीज के लिए बच्चे सीरियस नहीं होते हैं तो वह बच्चे जो थोड़ा ध्यान देते हैं उनका चयन होना निश्चित हो जाता है। बच्चो को चाहिए कि वह तैयारी के दौरान हर एक चीज को अच्छे तरीके से समझे और रटने कि कोशिश ना करें। ऐसे में एक शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है ।

जवाहर नवोदय विद्यालय सिलेक्शननवोदय में एडमिशन लेने के लिए कुल तीन तरीके हैं।1 पांचवीं कक्षा में नवोदय कि प्रवेश परीक्षा2 आठवी कक्षा में नवोदय कि प्रवेश परीक्षा3 दसवीं के नतीजे पर प्रवेशआइए इन तीनों बिंदुओं को विस्तार से समझते है।पांचवीं कक्षा में नवोदय कि प्रवेश परीक्षाजब आपका बच्चा चौथी पास कर पचवी में आता हैं तब से ही आप नवोदय विद्यालय समिति के द्वारा नवोदय विद्यालय में प्रवेश परीक्षा के लिए जागरूक हो जाएं। अगस्त सितम्बर के महीने तक इसके फॉर्म भरे जाते है। यदि फॉर्म भरना भूल गए तो दूसरा कोई उपाय नहीं है। परीक्षा जनवरी या फ़रवरी में ली जाती हैं और जून तक पहला परिणाम आ जाता है और आपके बच्चे को छठवीं कि पढ़ाई नवोदय में जाकर करनी होती हैं। आपके बच्चे का चयन ना हो पाए तो निराश मत होइए। परीक्षा का परिणाम दुबारा और तीसरी बार भी आता हैं। क्युकी पहले परिणाम में चयन हुए 80 बच्चो मेसे कुछ बच्चे उपस्थित नहीं होते और कुछ बच्चे कुछ दिनों तक पढ़ने के बाद एडमिशन रद करवा लेते है।

आठवी कक्षा में नवोदय कि प्रवेश परीक्षाछठवीं से नौवीं तक कई बच्चे नवोदय को छोड़ देते है और 15-20 सीटें खाली हो जाती है। आपका बच्चा जब आठवी में आ जाता है तब भी Jawahar Navodaya Vidyalaya Selection test के द्वारा ली जाने वाली परीक्षा के फॉम भरिए और परीक्षा की तैयारी कर परीक्षा दिलवाइए। छठवीं के मुकाबले कम फॉर्म भरे जाते है परन्तु सीटें कम होने की वजह से यहां भी कांपटीशन तो रहता है।

नवोदय विद्यालय का फॉर्म कब भरा जाता है और फॉर्म कहा मिलता है?
आप जिले में स्थित नवोदय विद्यालय से इसका फ़ॉर्म ले सकते है,जिले के शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में भी आज फ़ॉर्म उपलब्ध रहता है,सरकारी स्कूलों और प्रखंड विकाश पदाधिकारी के पास भी फॉर्म होता है। अब यह फॉर्म ऑनलाइन भी मिल जाता है जिसका प्रिंट निकाल कर भर सकते हैं। और ऑनलाइन भी भर सकते हैं।

परीक्षा पत्र का प्रारूप क्या होता है?
परीक्षा में मुख्यत —
गणित 6–9 वर्ग लेवल का होता है,मुख्यतः समय दुरी,लाभ हानि,प्रतिशत, समय काम ,बैंक क्लर्क लेवल तक का। कुल मिलकर गणित थोड़ा कठिन होता है परन्तु हर साल एक जैसे सवाल आने कि वजह से यदि तैयारी कि जाए तो आसानी से हल किया जा सकता है।रीजनिंग टफ होता है बैंक क्लर्क एग्जाम लेवल तक। इसमें बहुत सारे चित्र वाले सवाल होते हैं। परन्तु अभ्यास करने पर इसमें भी आसानी से स्कोर किया जा सकता है क्युकी सवाल रिपीट होते रहते हैं।कॉम्प्रिहेंशन- हिंदी इंग्लिश भाषा और गद्य में तार्किकता को जांचने के लिए। यह आसान होता है आपको हिंदी की जगह कोई और भाषा भी ले सकते हैं इसमें MCQ SOLVE करने होते हैं। और पैराग्राफ में से जवाब मिल जाता है।अमेजॉन पर उपलब्ध है किताब आपकी मदद कर सकती है।

क्या है योग्यता ? What is Eligibility ? 

नवोदय प्रवेश परीक्षा हेतु केवल वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकता है जो किसी सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त स्कूल में आठवीं की कक्षा में पढ़ाई कर रहा हो । साथ ही उनके इलाक़े में नवोदय स्कूल हो । वैसे अधिकतर जनपदों में नवोदय स्कूल होता है । नवोदय प्रवेश परीक्षा के समय बच्चों की 2018-19 सत्र में आठवीं कक्षा सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त स्कूल से पास होनी चाहिए ।

यह भी पढ़ें : कैसे बनें एक सफल बिजनेसमैन, यहां जानें पूरी जानकारी  

आयु सीमा (Age Limitation ) –

नौंवी कक्षा में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की आयु 01-05-203 से  30-04-2007 के बीच होनी चाहिए । यह आयु सीमा सभी वर्गों के लिए समान होगी । प्रवेश सीटों में आरक्षण सरकार के आरक्षण व्यवस्था के अनुसार होगी । आवेदन करने से पाले दिशा-निर्देश व नियम ठीक से अवश्य पढ़ लें । 

नवोदय विद्यालय सिर्फ एक विद्यालय नहीं है ये एक परिवार की तरह है। किसी बच्चे को मुश्किल आने में सभी नवोदय वाले उसकी मदद करते है। गुजरात में AAN GUJARAT नवोदय से निकले मेघावी छात्रों का संगठन है जो आए दिन समाज की और नवोदय के ही बच्चों की सहायता करने में सबसे आगे रहता है ऐसे संगठन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हैं।

Follow Us