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कैसे करें लॉ की तैयारी , यहां जानें पूरी जानकारी

आजकल सभी छात्र अपने करियर को लेकर बहुत चिंता में रहते है। आज प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गया है और किसी भी क्षेत्र में करियर बनाना इतना आसान नहीं है। आज सभी किसी ना किसी Field में आगे बढ़ना चाहते है।इसी के चलते हर साल कई सारे छात्र LLB की पढ़ाई शुरू करते है और बहुत से छात्र अपनी मेहनत और सही मार्गदर्शन के कारण एक अच्छा वकील बन पाते है।

आप एलएलबी के क्षेत्र में अपना करियर बना सकते है। बस आपको सही मार्गदर्शन और मेहनत करने की जरुरत है। Advocate बनने और इसकी पढ़ाई करने के लिए आपको इसकी पूरी तरह से जानकारी होना चाहिए। अगर आप समाज की सेवा करना चाहते है तो LLB Course आपके लिए एक अच्छा विकल्प है। वकील बनने पर हमें सम्मान भी मिलता है और हम किसी निर्दोष के पक्ष में लड़कर उसे भी बचा सकते है।

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एलएलबी क्‍या है 

LLB एक बैचलर डिग्री होती है जो भारत के कई प्रसिद्ध कॉलेजों द्वारा उम्मीदवारों को दी जाती है। हालांकि, उम्मीदवार इस लॉ कोर्स को केवल तभी आगे बढ़ा सकते है, जब उनके पास स्नातक (ग्रेजुएशन) की डिग्री हो। भारत के सभी लॉ कॉलेजों में एलएलबी कोर्स की पेशकश बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा क्रमबद्ध तरीके से की जाती है।

LL.B. कानून में स्नातक की डिग्री है एलएलबी का फुल फार्म बैचलर ऑफ लॉ है। आजकल छात्र चाहते हैं कि वे अपना करियर कानून के क्षेत्र में बनाएं। क्योंकि इस क्षेत्र में आपको अनेकों नौकरी के काफी अच्छे अवसर मिल जाते हैं। कानून से सम्बंधित सभी विषयों के बारे में सम्पूर्ण जानकारी लॉ के कोर्स बैचलर ऑफ लॉ (LLB) (कानून की स्नातक) में दी जाती है। हमारे समाज में शांति व्यवस्था बनाये रखने का काम कानून का होता है। और साथ ही समाज में होने वाले अपराधों को रोकना भी कानून का काम है।

अगर आप 12 वीं के बाद लॉ करना चाहते हैं तो आप पांच वर्षीय एल.एल.बी कोर्स कर सकते हैं। जबकि तीन वर्षीय एल.एल.बी कोर्स करने के लिए आपको स्नातक (graduation) पूरा करना होगा। अगर आप इस कोर्स को करना चाहते हैं तो आपको एंट्रेंस टेस्ट उत्तीर्ण (pass) होगा। आपको बता दें कि लीगल सेक्टर की सर्वोच्च प्रोफेशनल उपाधियां में एलएलबी यानी कि बैचलर ऑफ लॉ और एलएलएम यानी कि मास्टर ऑफ लॉ हैं। अगर आप एलएलबी उत्तीर्ण करने के बाद स्नातकोत्तर करना चहाते हैं तो आप दो वर्षीय एलएलएम पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकते हैं। इसके बाद आप पीएचडी भी कर सकते हैं। जिससे आपको शिक्षक के क्षेत्र में भी अवसर मिलेंगे। जब आप एलएलबी पूरा कर लेते हैं उसके बाद आप युवा बार काउंसिल में पंजीकरण कराने के बाद देश की किसी भी अदालत में मुकदमों की पैरवी कर सकते हैं। आप क्रिमिनल, रेवेन्यू या सिविल में से कोई भी क्षेत्र चुन सकते हैं।

Law की पढ़ाई करने के लिए 12वीं पास होना जरुरी है। आप किसी भी विषय में 12वीं कर सकते है। यदि आप आर्ट्स (Arts) पढ़ते है तो आपके लिए यह अच्छा होगा, क्योंकि इस विषय में बहुत कुछ Law के बारे में भी पढ़ाया जाता है। इसके बाद आपको Sarkari Vakil Exam देना होती है। मतलब आपको 12वीं के बाद वकील बनने के लिए CLAT 2019 प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) देना होगी।

भारत में LLB Entrance Exam CLAT (Common Law Admission Test) का आयोजन NLU (नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी) और संस्थानों में प्रवेश के लिए किया जाता है। इस परीक्षा में पास होने के बाद आप लॉ कॉलेज में प्रवेश ले सकते है, जो पूरे पांच साल का कोर्स होता है। इस प्रवेश परीक्षा में एक Common Test होता है। जिसमें आपसे अंग्रेजी में, लॉजिकल रीजनिंग, लीगल एप्टीट्यूड, मैथ्स और जनरल अवेयरनेस के प्रश्न पूछे जाते है।

CLAT परीक्षा देने के लिए आपकी 12वीं कक्षा कम से कम 50% अंकों के साथ होना अनिवार्य है तथा आपकी उम्र 20 वर्ष से ज्यादा नहीं होना चाहिए। लॉ की पढ़ाई करने के बाद अब आपको इंटर्नशिप (Internship) करना होगा। इसके दौरान आपको कोर्ट के बारे में सब कुछ सिखाया जाता है। जैसे- किस तरह से दो वकील आपस में केस लड़ते है किसी पक्ष के लिए।

इंटर्नशिप करने के बाद अब आपको State Bar Council में नामांकन (Enroll) करना होता है। नामांकन करने के बाद आपको All India Bar Examination को Clear करना होता है। जो Bar Council Of India के द्वारा आयोजित किया जाता है। इसे Clear करने के बाद आपको Practice का Certificate मिलता है। इस तरह से आपकी LLB की पढ़ाई पूरी हो जाती है।

लॉ की पढाई के लिए उपरोक्त भारत देश के 18 संस्थान में कॉमन ला एडमिशन टेस्ट (क्लैट) परीक्षा आयोजित की जाती है। परीक्षा के संपन्न हो जाने के बाद cut off निकाल कर बच्चो की एक लिस्ट तैयार हो जाती है और उसके बाद जो बच्चे चयनित होते हैं उनका प्रवेश लिया जाता है। कई यूनिवर्सिटी और राज्य इसके अलावा अपने स्तर पर अपने तरीके से परीक्षा आयोजित करते है। लॉ के निम्न पाठय़क्रम ये हैं –

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उपलब्ध पाठय़क्रम

  • एलएलबी, अवधि : तीन वर्ष
  • बीए एलएलबी (ऑनर्स), अवधि : पांच वर्ष
  • बीएससी एलएलबी (ऑनर्स), अवधि : पांच वर्ष
  • बीकॉम एलएलबी (ऑनर्स), अवधि : पांच वर्ष
  • एलएलएम
  • पीएचडी

एलएलबी के बाद करियर

स्टूडेंट्स को एल.एल.बी कोर्स करने के बाद आसानी से जॉब मिल जाती है क्योंकि आजकल कानून के क्षेत्र में काफी अच्छे स्कोप होते हैं।

  • लॉ फर्म (एसोसिएट)
  • ऍमएनसी (लीगल अफसर)
  • गोवेरमेंट एजेंसी
  • जुडिशल एसएमस
  • बैंक
  • लिटिगेशन

उपरोक्त भारत देश के 18 संस्थान में ला की पढाई के लिए कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट परीक्षा आयोजित की जाती है। जिसमे उपरोक्त योग्यता होने पर आप बैठ सकते है। परीक्षा के संपन्न होने के बाद cut off निकाल कर बच्चो की एक लिस्ट तैयार की जाती है और उसके बाद चयनित बच्चो का प्रवेश लिया जाता है जहाँ आप अपनी लॉ की पढाई पूरी कर सकते है। इसके अलावा कई यूनिवर्सिटी और राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं। जहाँ योग्यता होने पर  परीक्षा देकर आप प्रवेश ले सकते हैं।

लॉ के अंतर्गत कोर्स

जो उम्मीदवार लॉ करना चाहते हैं उनको बता दें कि लॉ के अंतर्गत कई कोर्स आते हैं।

क्रिमिनल लॉ

आपको बता दें कि क्रिमिनल लॉ सबसे प्रचलित कानून वाला कोर्स है। हर छात्र को इस कानून का अध्ययन करना पड़ता है। क्राइम्स और उसके प्रति कानून प्रावधान की जानकारी इसके अध्ययन से ही होती है। शुरुआत में थोड़ा मुश्किल लगता है लेकिन ज्यादा कठिन नहीं है।

कॉरपोरेट लॉ

कॉरपोरेट लॉ के अंतर्गत कॉरपोरेट संसार में होने वाले अपराधों के लिए नियम और कानून का अध्ययन किया जाता हैं। कॉरपोरेट कानूनों से कॉरपोरेट सेक्टर में होने वाले अपराधों को रोकने के लिए तथा फाइनेंस प्रोजेक्ट, टैक्स लाइसेंस और ज्वॉइंट स्टॉक से संबंधित काम किए जाते हैं।

पेटेंट अटॉर्नी

पेटेंट अटॉर्नी के अंतर्गत कोई व्यक्ति किसी वस्तु पर अपना पूर्ण आधिपत्य रखता है। कोई अन्य व्यक्ति उसकी मर्जी या सहमति के बिना उस अधिकार का प्रयोग नहीं कर सकता।

साइबर लॉ

साइबर क्राइम से जुड़े मुद्दों पर कानून जानकारी इस कानून के तहत देता है कि उनसे कैसे निपटा जाये और उनके लिए सजा क्या है।

फैमिली लॉ

यह क्षेत्र महिलाओं उपयुक्त और महिलाओं का सबसे पसंदीदा क्षेत्र है। इसके तहत तलाक, गोद लेने, पर्सनल लॉ, शादी, गाजिर्यनशिप एवं अन्य सभी पारिवारिक मामले आते हैं।  हर राज्य के सभी जिलों में पारिवारिक मामलों को उसी स्तर पर सुलझाने  के लिए फैमिली कोर्ट की स्थापना की गयी है।

बैंकिंग लॉ

बैंकिंग  तहत लोन, लोन रिकवरी, बैंकिंग एक्सपर्ट आदि से संबंधित कार्यो का निपटारा होता है।बैंकिंग और उससे सम्बन्धित नियम और कानून का अध्ययन इस विषय में करवाया जाता है।

टैक्स लॉ

इसके तहत सभी प्रकार के टैक्स जैसे सर्विस टैक्स, सेल टैक्स, इनकम टैक्स आदि से सम्बन्धित समस्यायों का निपटारा होता है।

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