किसी भी व्यक्ति के जीवन में शिक्षा का बहुत अधिक महत्त्व होता है. वहीं आजकल के अभिभावक इस बात पर काफी जागरूक भी नजर आते हैं कि उन्हें अपने बच्चों को एक बेहतरीन शिक्षा देकर उनका जीवन अच्छा बनाना है. जिसके चलते शहरों में बड़े-बड़े स्कूल और कोचिंग सेंटर भी खोले जा रहे हैं. इस तरह से शहर तथा गांव में कई लोग ऐसे हैं जो अपनी पढ़ाई-लिखाई समाप्त करने के बाद अध्यापन का कार्य कर रहे हैं और इस पेशे से अच्छी खासी कमाई भी कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें ; Jaipur Development Authority में जनता का काम ना करने वाले 11 अधिकारियों को मिला नोटिस 

तात्कालिक समय में रोजगार का सही जरिया मिलना काफी मुश्किल होता जा रहा है. इस वजह से भी कई लोग अध्यापन के माध्यम से अपना जीवन यापन कर रहे हैं. वहीं आज हम आपको बताएंगे की किस तरह से आप भी अपना खुद का एक सेंटर खोल सकते हैं.

आज के समय में जितना ज़रुरी स्कूल जाना होता है उतना ही ज़रुरी कोचिंग में भी पढ़ना हो गया है। आज ज्यादातर बच्चे स्कूल के साथ कोचिंग भी जाते है। आज हर बच्चा अच्छी शिक्षा प्राप्त करना चाहता है। सभी माता-पिता यही चाहते है की उनके बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त करे, जिसके चलते अब शहरों में बड़े-बड़े कोचिंग सेंटर खोले जा रहे है।

आज पढ़ाई के लिए कोचिंग की मांग ज्यादा बढ़ गई है। और इसका कितना महत्व है यह तो आप जानते ही है। सेंटर रोज़गार का एक अच्छा ज़रिया भी है। अगर आप पढ़े-लिख है तो आप भी अपना कोचिंग सेंटर खोल सकते है। इससे आप अच्छी कमाई भी कर सकते है। 

अगर आप ज्यादा पढ़े लिखे नहीं है तो भी आप कोचिंग क्लास खोलकर आप उसे मैनेज कर सकते है और पढ़ाने की ज़िम्मेदारी दूसरे शिक्षकों को दे सकते है। जिन्हें आप हर महीने की एक सैलरी बेस पर रखेंगे।

कोचिंग क्लास खोलने के लिए सबसे ज़रुरी होता है जगह को जान लेना। आप ऐसे स्थान का चयन करे जहाँ पर विद्यार्थी आसानी से आ सके। कोचिंग के लिए ऐसे स्थान को चुने जहाँ से छात्रों को आने जाने में कोई परेशानी ना हो।

आपकी कोचिंग ज्यादा दूर जैसे शहर के सबसे आख़िरी कोने में नहीं होना चाहिए। क्योंकि ज्यादा दूर होगी तो छात्र इतनी दूर तक नहीं आते है। जितना संभव हो अपनी कोचिंग को शहर के बीच ही स्थापित करे।

आपको चयन करना होगा की आप किन विषयों को अच्छी तरह से पढ़ा सकते है। अगर आप उन विषयों को पढ़ा सकते है जिनकी कोचिंग आपके क्षेत्र में नहीं दी जाती है तो यह आपके लिए अच्छा होगा।

और आपको इससे लाभ भी होगा, आपके क्षेत्र में जिस विषय की कोचिंग की कमी है और आप उस विषय को पढ़ा सकते है तो आप वह विषय भी चुन सकते है। यदि आप अपने कोचिंग पर 2-3 विषय पढ़ाना चाहते है लेकिन आपको उन विषयों की जानकारी नहीं है तो आप इसके लिए अन्य फैकल्टी भी रख सकते है।

कोचिंग खोलने की लागत इस बात पर भी निर्भर करती है की आप कहाँ पर खोल रहे है। यदि आप शहर के मध्य में कोचिंग खोलते है तो आपको हर महीने कम से कम 4 या 5 हजार का किराया देना होता है।

इसके अलावा आपको ब्लैक-बोर्ड, कूलर या एसी, चेयर और बेंच, आदि पर खर्च करने की आवश्यकता होती है। अगर किराये पर हॉल लिया है तो उसका किराया, बिजली का बिल सबको मिलाकर आपकी लागत 1 लाख तक हो सकती है।

यह भी पढ़ें : ग्राम पंचायत चुनाव : प्रतापगढ़ में हार की खुन्नस में जीते प्रत्याशी के समर्थक को मारी गोली  

कोचिंग खोलने की लागत इस बात पर भी निर्भर करती है की आप कहाँ पर खोल रहे है। यदि आप शहर के मध्य में कोचिंग खोलते है तो आपको हर महीने कम से कम 4 या 5 हजार का किराया देना होता है।

इसके अलावा आपको ब्लैक-बोर्ड, कूलर या एसी, चेयर और बेंच, आदि पर खर्च करने की आवश्यकता होती है। अगर किराये पर हॉल लिया है तो उसका किराया, बिजली का बिल सबको मिलाकर आपकी लागत 1 लाख तक हो सकती है।

Follow Us