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अनुच्छेद 370 हटने से कश्मीरियों की स्वतंत्रता हुई खत्म -मुख्यमंत्री ममता बनर्जी

कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद 2 साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है लेकिन अभी भी भारतीय जनता पार्टी कि केंद्र सरकार के इस कदम पर अभी भी सवाल उठते दिखते हैं। वहीं बीते कुछ दिनों से यह अखबार की सुर्खियां भी बटोर रहा है, आपको याद हो कि हाल ही में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की एक क्लब हाउस चैट वायरल हुई थी जिसमें वह पाकिस्तान के पत्रकार को यह कहते नजर आ रहे थे कि अगर उनकी सरकार वापस आती है. तो वह कश्मीर से 370 हटाने पर विचार करेंगे. जिस पर जमकर राजनीति देखने को मिल रही थी भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर कई आरोप भी लगाए थे लेकिन अब आर्टिकल 370 को लेकर एक बार फिर से मुद्दा गरम हो रहा है क्योंकि इस बार पश्चिम बंगाल की मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसको लेकर एक बयान दिया है.

Freedom of Kashmiris

दरअसल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधा है ममता बनर्जी ने कहां की 370 हटाने के बाद कश्मीर के लोगों की स्वतंत्रता और उनकी मांग और है तब कमजोर हो रही है, इसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना हो रही है, Twitter जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ममता बनर्जी के इस बयान की कुछ लोग निंदा कर रहे हैं.

आर्टिकल 370 क्या है?

बंटवारे के बाद जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ किस प्रकार का संबंध होगा इसका मसौदा जम्मू कश्मीर की सरकार द्वारा ही तय किया गया था जम्मू कश्मीर की संविधान सभा ने 27 मई 1959 को कुछ बदलाव सहित आर्टिकल 306 A जो अब 370 के नाम से जाना जाता है उसको स्वीकार कर लिया था फिर 17 अक्टूबर 1940 को यह आर्टिकल भारतीय संविधान का एक हिस्सा बन गया।

आपको इस बात की जानकारी हो कि भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया था ‘इंस्ट्रूमेंट्स ऑफ ऐक्सेशन ऑफ जम्मू ऐंड कश्मीर टु इंडिया’ की शर्तों के मुताबिक, आर्टिकल 370 में यह उल्लेख किया गया कि देश की संसद को जम्मू-कश्मीर के लिए रक्षा, विदेश मामले और संचार के सिवा अन्य किसी विषय में कानून बनाने का अधिकार नहीं होगा। साथ ही, जम्मू-कश्मीर को अपना अलग संविधान बनाने की अनुमति दे दी गई।

वह दिल्ली संभाल नहीं सकते, जो बंगाल को बांटना चाहते हैं

सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हम किसी को भी पश्चिम बंगाल को बांटने नहीं देंगे, अगर भारतीय जनता पार्टी को लगता है कि वह कोई भी हिस्सा बेच सकती है इतना आसान नहीं है वे दिल्ली को संभाल नहीं सकते जो बंगाल को बांटना चाहते हैं उन्हें बंगाल के नागरिकों से उचित जवाब मिलेगा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इतने बड़े चुनाव हारने के बाद भी उन्हें कोई शर्म नहीं है.

यह भी पढ़े : कांग्रेस पर कपिल सिब्बल का बयान बोले, ‘देश को मजबूत विपक्ष चाहिए, सुधार की जरूरत.’

एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड प्रणााली से कोई दिक्कत नहीं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के एक राष्ट्र एक राशन कार्ड की नीति को स्वीकार किया है उन्होंने कहा कि हमें एक राष्ट्र एक राशन कार्ड प्रणाली से कोई भी समस्या नहीं है हम 3 महीने में लागू करेंगे कुछ लोगों के पास आधार कार्ड भी नहीं है हम तैयार कर रहे हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें एक राष्ट्र एक राशन कार्ड प्रणाली को लागू करने के आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए हैं. हाल ही में राजधानी दिल्ली के घर घर राशन योजना को लेकर भी सुनवाई होने वाली है.

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