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इस तारीख को मनाई जाएगी धनु संक्रांति, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा की पूरी विधि..

सनातन धर्म में संक्रांति तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु धर्म स्नान के लिए पवित्र नदियों के तट पर एकत्रित होते हैं और पूजा-पाठ करते हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार इस वर्ष पौष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन धनु संक्रांति है। देश के कई क्षेत्रों में संक्रांति को उत्सव के रूप में मनाया जाता है। बता दें कि जब सूर्य देव किसी एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तो उसे संक्रांति के रूप में जाना जाता है। बताते चलें कि दक्षिण भारत में संक्रांति के दिन भगवान जगन्नाथ की विशेष पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कब है धनु संक्रांति, तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।

धनु संक्रांति तिथि
पौष कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि प्रारम्भ: 16 दिसम्बर, शुक्रवार प्रातः 01:39 से
अष्टमी तिथि समाप्त: 17 दिसम्बर, सुबह 03:02 तक
धनु संक्रांति तिथि: 16 दिसम्बर, शुक्रवार

पूजा विधि
– संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान-ध्यान के बाद सूर्य भगवान की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। साथ ही उन्हें अर्घ्य जरूर दें।
– इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है। ऐसा अगर सम्भव न हो पाए तो नहाते समय पानी में गंगाजल मिला लें।
– संक्रांति के दिन भगवान विष्णु की पूजा विशेष रूप से की जाती है। इसलिए इस दिन उन्हें गंध, पुष्प, धूप, दीप आदि अर्पित करें और इस बात का ध्यान रखें कि श्रीहरि की पूजा में तुलसी पत्र का प्रयोग जरूर हो।
– भगवान विष्णु की पूजा के बाद माता लक्ष्मी, महादेव और ब्रह्मा जी की भी पूजा करें और आरती करें।
– तत्पश्चात भगवान सूर्य को मीठी भात का भोग लगाएं और उसके बाद परिवार के सदस्यों में इसे प्रसाद के रूप में बांट दें।

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