Coronavirus महामारी ने भारत के हाल बेहाल कर दिए हैं यहां पहली लहर गुजरने के बाद दूसरी लहर जब से आई है तब से मृत्यु दर पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ गया है ऐसे में यह अनदेखा वायरस ( Coronavirus ) आपकी बॉडी में कब चला जाए इसका पता नहीं चलता।

Coronavirus

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समस्या की बात यह है कि इसके लक्षण बिल्कुल आम बीमारियों जैसे हैं ऐसे में इस बात का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल होता है कि आपको कोरोना वायरस संक्रमण है या फिर कोई आम संक्रमण जो अक्सर सर्दी गर्मी से हो जाता है।

लेकिन अगर आपको पुराना वायरस संक्रमण की पहचान सही वक्त पर नहीं हो पाई है तो यह आपकी जान पर बन सकती है दरअसल कोरोना वायरस संक्रमण का इन्फेक्शन काफी तेजी से शरीर में फैलता है कोरोना से बचाव से लेकर लास्ट तक के सावधानियां बेहद जरूरी है।

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अगर किसी भी शख्स की तबीयत खराब हो जाए और उसको कोरोना वायरस के लक्षण हूं तो उसे कैसे पता चल पाएगा कि उसे सच में करोना वायरस है या नहीं? अगर आप यह भी मन में यह सवाल है तो आपको आज इस लेख में आपके सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे।

पिछले 1 साल में कोरोना वायरस के लक्षणों में काफी बदलाव देखा गया है इस बीमारी से बचाव करने के लिए पुराने लक्षण और नए लक्षणों को जरूर पहचान बहुत आवश्यक है चलिए जानते हैं कि आप किस तरीके से करो ना वायरस संक्रमण की पहचान कर सकते हैं.

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चलिए जानते हैं कि आप कोरोना वायरस के लक्षणों की किस प्रकार से पहचान कर सकते हैं और कैसे वक्त रहते आप उसका इलाज शुरू कर सकते हैं.

कोरोना के पुराने लक्षण

कोरोना के लक्षण में बुखार गले में खराश और दर्द होता है साथ ही सूखी खांसी जुखाम स्वाद या गंध का कम होना भी कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षणों में से एक है. लेकिन अब कोरोना वायरस का जो नए लक्षण हैं उनमें कमजोरी, थकावट,बदन दर्द,भूख कम लगना,पेट दर्द,दस्त डायरिया,उल्टी या उल्टी महसूस होना सिर दर्द,आंखें लाल होना, कानों से कम सुनाई देना आदि लक्षण देखने को मिल रहे हैं.

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जांच के लिए अस्पताल खुद ही तय कर रहे हैं की मरीज को कौन से जांच की आवश्यकता है और कौन से जांच की नहीं जैसे मरीज अगर संक्रमित के संपर्क में आने का दावा करे तो उसका रैपिड एंटीजन टेस्ट किया जाता है इसमें रिपोर्ट जल्दी मिल जाती है और इसका रिजल्ट अगर पॉजिटिव आए तो संक्रमण कंफर्म हो जाता है।

RT- PCR टेस्ट

अगर आपकी एंटीजन रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी आपको लक्षण महसूस हो रहे हैं तो आरटी पीसीआर टेस्ट कराया जाता है इस टेस्ट को सरकारी अस्पतालों में फ्री में किया जा रहा है जबकि प्राइवेट अस्पतालों में 700 से ₹800 में किया जाता है इसकी रिपोर्ट 6 घंटे से लेकर 12 घंटे तक में आती है।

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रिपोर्ट में सीटी वैल्यू जरूर देखें : अगर आप हो कोरोना वायरस संक्रमण निकलता है तो उसमें अपनी सीटी वैल्यू को जरूर देखें रिपोर्ट में सीटी वैल्यू लिखी होती है जिससे वायरल लोड का पता चलता है अगर यह वैल्यू 24 से कम है तब तो कोई घबराने की बात नहीं लेकिन अगर इसकी वैल्यू 24 से ज्यादा है तो आप का संक्रमण गंभीर स्तर पर कभी भी पहुंच सकता है। अगर CT वैल्यू 34 से ज्यादा है तो आप का इलाज घर में ही किया जा सकता है।

छाती का सिटी

इस साल कई मरीजों की रिपोर्ट में कोरोना होने के बावजूद covid negative आ रहे हैं ऐसे में अगर आपकी rt-pcr रिपोर्ट भी नेगेटिव आती है और आपको तब भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हो तो आप सीटी स्कैन करा कर अपने मौजूदा लक्षणों को भाग सकते हैं ऐसे में मरीज में पता लगाने के लिए टेस्ट का सहारा लिया जाता है।

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