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Corona Virus: नो मीट, नो कोरोना वायरस, जानिए क्या है इस अफवाह का सच

द इंडिया राइज
कोरोना वायरस ने इस वक्त पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लिया हुआ है। ऐसे में यह बहस तेज हो गई हैँ कि शाकाहारी लोगो को कोरोना कम चपेट में ले रहा है। सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैशटैग ‘नो मीट, नो कोरोना वायरस’ को देखकर लोगों के मन में उठ रहा है कि इसमें कितनी सच्चाई है। इस सवाल का जवाब हम विश्व स्वास्थ्य संगठन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों द्वारा जानकारी के जरिए आप तक पहुंचा रहे हैं।
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इन दिनों ‘नो मीट, नो कोरोना वायरस’ जैसे हैशटैग्स ट्रेंड कर रहे हैं। क्या ये बात सही है?
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के प्रमुख जीएसजी अयंगर के अनुसार, चिकेन, मटन या मछली से कोरोना संक्रमण होना एक भ्रांति है। अब तक किसी शोध में यह बात साबित नहीं हुई है कि चिकेन खाने से कोविड-19 संक्रमण हो सकता है। ‘यूरोपियन फूड सेफ्टी एसोसिएशन’ ने भी एक लेख साझा किया है, जिसमें कहा गया है कि इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि कोरोना वायरस का संक्रमण खाने की चीजों से फैलता है। हां, इन्हें खाने से पहले अच्छी तरह साफ कर लेना बेहद जरूरी है।

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