सीएम योगी ने बुधवार को समीक्षा बैठक की जिसमें उन्होंने रेमेडेसिविर इंजेक्शन और फैबीफ्लू जैसी जीवनरक्षक मानी जा रही दवाओं की आपूर्ति की विस्तृत समीक्षा की।

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बता दें मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में गृह विभाग को सख्त निर्देश दिए इन जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध गैंगस्टर और रासुका जैसे एक्ट के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की जाए और पुलिस महानिदेशक को इस संबंध में एक विशेष टीम गठित कर प्रदेश में छापा मार कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।

सीएम ने निर्देश में कहा है कि जीवनरक्षक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति के लिए आवश्यक है कि इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। रेमेडेसिविर उत्पादनकर्ता कंपनियों से लगातार संपर्क में रहें।

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इसके अलावा, सभी ऑक्सीजन रीफिल केंद्रों पर जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती की जाए। यह सुनिश्चित करें कि ऑक्सीजन का वितरण पारदर्शी ढंग से हो। ऑक्सीजन टैंकर को जीपीएस से जोड़ा जाए तथा प्लांट्स पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए।

बता दें राजधानी लखनऊ में कोरोना के इलाज की बदहाल व्यवस्था के बीच मंगलवार को संक्रमण के नए केसों में कमी और डिस्चार्ज होने वालों की संख्या बढ़ने से राहत मिली। बीते 24 घंटे में संक्रमण के 5014 नए मामले मिले, जबकि इस दौरान रिकॉर्ड 3590 लोग डिस्चार्ज हुए। हालांकि, वायरस ने 19 लोगों की जान ले ली।

इलाज के दौरान राज्य मंत्री हनुमान मिश्र और पूर्व सांसद श्याम बिहारी समेत 19 लोगों की मौत दर्ज हुई। वहीं संक्रमण से उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्र, पूर्व विधानसभा सदस्य संडीला हरदोई कुंवर महाबीर, कवि वाहिद अली वाहिद, पूर्वोत्तर रेलवे ओबीसी के पूर्व कर्मचारी एसोसिएशन लखनऊ महामंडल मंत्री आरपी यादव की भी जान चली गई।

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