छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा का जिक्र आते ही जेहन में सबसे पहला ख्याल नक्सलवाद का आता है। एनकाउंटर और शहादत की खबरें याद आने लगती हैं, मगर इस बार दंतेवाड़ा से ऐसी खबर आई, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया और मन में उस महिला पुलिस अफसर डीएसपी के प्रति सम्मान बढ़ा दिया, जो इन दिनों पांच माह की गर्भवती होने के बावजूद सड़कों पर अपनी ड्यूटी दे रही हैं।

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शिल्पा कोरोना से बचने के लिए लोगों को घरों में रहने की नसीहत दे रही हैं। ड्यूटी के प्रति वह इतनी निष्ठावन हैं कि अपने साथ-साथ आने वाले बच्चे की जिंदगी दांव पर लगाकार कोविड काल में ड्यूटी कर रही हैं। वह चिलचिलाती धूप में सड़क पर अपनी टीम के साथ ड्यूटी कर रही हैं। गर्भवती होने की वजह से वर्दी में कम नजर आती हैं। बिना मास्क लगाए निकलने वाले लोगों को शिल्पा समझाइश देती हैं।

लोगों से की अपील
उन्होंने लोगों से कहा कि हम सड़क पर हैं, ताकि आप सुरक्षित रहें, इस बात को समझिए। उन्होंने आगे कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए कोई बेहद जरूरी काम हो तभी घर से निकलें। घर से निकलते समय मास्क जरूर लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। कोरोना के खिलाफ जंग में अपने पांच माह के गर्भ को लेकर शिल्पा जिस प्रकार से सड़कों पर उतरकर अपनी ड्यूटी कर रही हैं, उस बात की सभी तारीफ कर रहे हैं।

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डीएसपी शिल्पा ने कहा, ‘जिले में लॉकडाउन का पालन कराने के साथ यह भी देखा जा रहा है कि लोग बहुत जरूरी काम हो तभी घर से बाहर निकलें और जो लोग बिना किसी खास कारण सड़कों पर बाहर आते हैं तो वे अपने साथ-साथ दूसरों, खासकर अपने घर वालों को भी खतरे में डालते हैं।’ उन्होंने कहा कि लोगों को समझना चाहिए कि कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने के लिए लॉकडाउन के दौरान सभी का घरों में रहना कितना जरूरी है।

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