अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग स्पोर्ट्स इवेंट्स में भारतीय खिलाड़ी बेहतर मुकाम पा रहे हैं। सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, कई खेलों में खिलाड़ियों को अपने पैशन को पूरा करने के मौके के साथ-साथ अच्छा पैसा और नाम भी मिल रह है। लेकिन हर कोई खिलाड़ी तो नहीं बन सकता। न ही खेल का दायरा सिर्फ खिलाड़ियों तक सीमित होता है।

यहां अनेक अवसर हैं, जिनका ज्यादातर लोगों को पता नहीं है। अगर आपकी किसी खास खेल में रुचि है, तो जरूरी नहीं कि आप उसमें सिर्फ खिलाड़ी ही बन सकते हैं। खेलों के बड़े टूर्नामेंट्स आयोजित करने, उनका प्रबंधन करने में तमाम तरह के विशेषज्ञ काम करते हैं। तभी खेल के एक टूर्नामेंट का आयोजन सफल हो पाता है। फिर होनहार खिलाड़ियों के चोटिल होने के बाद उनकी रिकवरी के लिए भी टीम फिजिशियन, स्पोर्ट्स मेडिसिन फीजिशियन, स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट, डायटीशियन, स्पोर्ट्स थेरेपिस्ट की जरूरत होती है।

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स्पोर्ट्स एक ऐसा क्षेत्र है जिसके लिए आप जितनी कम उम्र से शुरुआत कर दें, उतना बेहतर होता है। क्योंकि आपको खेल की समझ और अनुभव उतनी ही ज्यादा होती है। अलग-अलग स्पोर्ट्स एकेडमी अलग-अलग एज ग्रुप में स्टूडेंट्स को एडमिशन देती हैं, जैसे 5-8 वर्ष, 9-14 वर्ष और 15 वर्ष या उससे ऊपर।

इस तरह शुरू से ही बच्चों की ग्रूमिंग एथलीट के तौर पर होती है। एडमिशन के समय ही एकेडमी में यह देखा जाता है कि स्टूडेंट में किस खेल की बेहतर क्षमता है और उसी के अनुसार उन्हें आगे प्रशिक्षण दिया जाता है। इतना ही नहीं, इन एकेडमीज या स्पोर्ट्स कॉलेज द्वारा स्टूडेंट्स को इंटर-सिटी व इंटर-स्टेट लेवल की प्रतियोगिताओं में भी भेजा जाता है।

क्या है सही उम्र?

स्पोर्ट्स एकेडमीज अलग-अलग एज ग्रुप में स्टूडेंट्स को एडमिशन देती हैं, जैसे 5-8 वर्ष, 9-14 वर्ष और 15 वर्ष या उससे ऊपर। इस तरह शुरू से ही बच्चों की ग्रूमिंग एथलीट के तौर पर होती है। एडमिशन के समय ही एकेडमीज यह जज करती हैं कि स्टूडेंट में किस खेल के लिए पोटेंश‍ियल है और उसी के अनुसार उसे आगे बढ़ावा दिया जाता है। इन एकेडमीज या स्पोर्ट्स कॉलेज के द्वारा स्टूडेंट्स को इंटर सिटी व इंटर स्टेट लेवल के कॉम्पटीशन्स में भेजा जाता है। इसके बाद यह स्टूडेंट की परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है कि वह आगे किस लेवल तक गेम खेल पाता है।

कैसे चुनें सही एकेडमी?

एक बेहतरीन खिलाड़ी बनने के लिए सही एकेडमी का चुनाव बहुत जरूरी है। किसी भी खेल के लिए एकेडमी का चुनाव करते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें:

इंफ्रास्ट्रक्चर : यह ध्यान दें कि आपके खेल से संबंध‍ित उचित इंफ्रास्ट्रक्चर एकेडमी में हो और उसे समय-समय पर अपग्रेड भी किया जाता हो। एकेडमी में मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर अंतरराष्ट्रीय स्तर का होना चाहिए।

कोच : आप कितने सफल होंगे, यह काफी हद तक आपके कोच पर निर्भर करेगा। कोच आपको गेम की सही टेक्निक और फिजिकल फिटनेस जैसी बातों को लेकर गाइड करता है और आपको आगे बढ़ाता है।

सक्सेस रेट : ध्यान दें कि एकेडमी से कितने खिलाड़ी सफलतापूर्वक राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच पाए हैं। इसके लिए आप एकेडमी या स्पोर्ट्स कॉलेज का पिछला रिकॉर्ड चेक कर सकते हैं।

पढ़ाई के साथ सामंजस्य

यह सच है कि प्रोफेशनल प्लेयर बनने के लिए आपको लगातार कई घंटे अपनी प्रैक्टिस को देने होते हैं और अपनी फिजिकल फिटनेस का खयाल भी रखना पड़ता है, लेकिन पढ़ाई से समझौता करना कहीं से भी समझदारी नहीं है। यह जगजाहिर है कि चुनिंदा खिलाड़ी ही राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना पाते हैं। ऐसे में

पढ़ाई से समझौता करने पर आपके लिए दूसरे ऑप्‍शन्स भी खत्म हो जाते हैं। इसलिए आपको पढ़ाई अच्छे

से करते हुए अपने लिए एक अदद प्लान ‘बी” भी तैयार रखना चाहिए।

और कौन-से करियर ऑप्शंस?

वैसे तो स्पोर्ट्स में हर युवा इंटरनेशनल प्लेयर के तौर पर पहचान बनाना चाहता है, लेकिन दूसरे करियर्स के जरिए भी आप अपने प्रिय खेल से जुड़े रह सकते हैं। आप स्पोर्ट्स मैनेजमेंट, कोच या इंस्ट्रक्टर, कमेंटेटर या एंकर, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, स्पोर्ट्स मेडिसिन, इवेंट मैनेजमेंट, फैसिलिटी मैनेजमेंट में भी अपना करियर बना सकते हैं।

यहां से लें प्रशिक्षण

देश में विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण देने वाली ऐसी एकेडमीज हैं, जो स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एसएआई) के मापदंडों के अनुरूप चलाई जाती हैं। यदि आप खेल में करियर बनाना चाहते हैं, तो ऐसी ही किसी एकेडमी में प्रशिक्षण लेना बेहतर होगा। जानते हैं ऐसी कुछ एकेडमीज के बारे में।

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  •   यहां से बनाएं अपना बेहतरीन करियर  
  • देश में विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण देने वाली ऐसी एकेडमीज हैं, जो स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एसएआई) के मापदंडों के अनुरूप चलाई जाती हैं। अगर आप खेल में करियर बनाना चाहते हैं, तो ऐसी ही किसी एकेडमी में प्रशिक्षण लेना बेहतर होगा। 
  • स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया
  • गवर्नमेंट स्पोर्ट्स कॉलेजेस
  • वीबी क्रिकेट एकेडमी, चेन्नई
  • नेशनल स्कूल ऑफ क्रिकेट, देहरादून
  • नेशनल क्रिकेट क्लब, कोलकाता
  • नेशनल क्रिकेट एकेडमी, बेंगलुरू
  • सेहवाग एकेडमी, दिल्ली
  • क्रिकेट इंडिया एकेडमी, मुंबई
  • कर्नाटक इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिकेट, बेंगलुरू
  • महाराजा रणजीत सिंह हॉकी एकेडमी, अमृतसर
  • नेशनल हॉकी एकेडमी, दिल्ली
  • प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन एकेडमी, बेंगलुरू
  • गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी, हैदराबाद
  • एमवी बिष्ट बैडमिंटन एकेडमी, दिल्ली
  • सुरजीत सिंह बैडमिंटन एकेडमी, दिल्ली
  • बाबू बनारसीदास यूपी बैडमिंटन एकेडमी, लखनऊ
  • सानिया मिर्जा टेनिस एकेडमी, हैदराबादम
  • हेश भूपति टेनिस एकेडमी
  • सीएलटीए टेनिस एकेडमी, चंडीगढ़
  • प्रीमियर इंडियन फुटबॉल एकेडमी, मुंबई
  • टाटा फुटबॉल एकेडमी, जमशेदपुर
  • ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन
  • बाइचुंग भूटिया फुटबॉल स्कूल्स

ये यूनिवर्सिटीज भी आएंगी आपके काम

जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी, दिल्ली

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, दिल्ली

एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा

गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर

मनिपाल यूनिवर्सिटी, मनिपाल

डॉ. संजीब आचार्य, सीनियर कॅरिअर काउंसलर 

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