बिहार में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से रविवार को जारी किए गए आंकड़े में 13534 नए संक्रमित मिले हैं। संक्रमण से पिछले 24 घंटे में 92 लोगों की जान चली गई। स्थिति को देखते हुए बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मान्यता प्राप्त पत्रकारों के साथ-साथ गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल कर सरकार प्राथमिकता के आधार पर उनका टीकाकरण कराएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को इस आशय का निर्देश दिया है।

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जिला जनसंपर्क अधिकारी को सौंपी जिम्मेदारी

इसके तहत जो पत्रकार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों की सूची में नहीं हैैं, उन्हें जिला जनसंपर्क अधिकारी द्वारा सत्यापित किए जाने के बाद टीका लग सकेगा। सभी चिह्नित पत्रकारों को प्राथमिकता के आधार पर कोविड-19 का टीकाकरण कराया जाएगा। प्रिंट मीडिया के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक व वेब मीडिया के पत्रकारों को भी फ्रंटलाइन वर्कर माना जाएगा।

एक वर्ष में 4.97 लाख से ज्यादा संक्रमित

बता दें कि रविवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आकड़ों के अनुसार एक दिन में अबतक सबसे ज्यादा मौत कोरोना से हुई है। 92 लोगों ने संक्रमण की चपेट में आकर अपनी जान गंवा दी है। इधर, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि संक्रमण के नए मामले बढ़ने के साथ कोरोना को मात देने वालों की संख्या भी राज्य में तेजी से बढ़ रही है।

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पिछले 24 घंटे के दौरान 11694 लोग विभिन्न अस्पतालों से स्वस्थ होकर घर लौटे हैं। राज्य में एक वर्ष में 4.97 लाख से ज्यादा संक्रमित मिल चुके हैं। महत्चपूर्ण यह है कि इनमें से अब तक 3.84 लाख से अधिक लोग स्वस्थ भी हो चुके हैं। बिहार में कोरोना के सबसे अधिक एक्टिव केस पटना में हैं। राजधानी में 17500 से अधिक कोरोना संक्रमित हो गए हैं। साथ ही 787 लोग कोरोना से जान भी गंवा चुके हैं। 

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