गरीबी को कभी भी अपनी कमजोरी मत बनने दो । अगर पैसे नहीं हैं तो कमाओ , फिर अपने सपने को पूरा करो । यह कहानी एक ऐसे ही व्यक्ति की है जिन्होंने हमें इस बात का सबूत दिया है । यह कहानी आनंद कुमार की है , जिन्होंने पटना में सुपर 30 नामक एक भारतीय शैक्षिक कार्यक्रम की शुरुआत की । यह कार्यक्रम भारतीय समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से प्रत्येक वर्ष 30 प्रतिभाशाली उम्मीदवारों का चयन करता है और उन्हें जे. ई. ई. के लिए प्रशिक्षित करता है । इस कार्यक्रम को 2019 की फिल्म सुपर 30 में चित्रित किया गया है , जिसमे रितिक रोशन ने आनंद कुमार का अभिनय किया है । और उनका स्कूल कई अभियानों की वजह भी रहे है ।

Anand Kumar

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प्रारंभिक जीवन

आनंद कुमार का जन्म 1 जनवरी , 1973 को बिहार के पटना में हुआ था । उनके पिता जी भारतीय पोस्टल विभाग में एक क्लर्क थे । और माता जी एक गृहणी थीं ।उनके पिताजी अपने बच्चों को एक अच्छी निजी स्कूली शिक्षा नहीं दे सकते थे , इसलिए आनंद ने एक हिंदी माध्यम सरकारी स्कूल में भाग लिया जहां उन्होंने गणित में अपनी गहरी रुची विकसित की । बाद में उन्होंने पटना हाई स्कूल में पढ़ाई की । अपने स्नातक के दौरान , आनंद ने संख्या सिद्धांत पर कागजात प्रस्तुत किए जो गणितीय स्पेक्ट्रम में प्रकाशित हुए । आनंद को कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में प्रवेश भी प्राप्त हुआ था लेकिन अपने पिता जी के मृत्यु और उनकी आर्थिक स्थिति के कारण वे भाग नहीं ले सके । परिवार की आर्थिक तौर पर मदद करने के लिए उनकी मां ने अपने घर में पापड़ बनाने का काम शुरू किया और वह दूसरों के घर घर जा कर पापड़ बेचने लगे । उन्हें उनके पिता जी की जगह पर क्लर्क की नौकरी का प्रस्ताव भी मिला था लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया क्योंकि वह कुछ अलग करना चाहते थे ।

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सुपर 30 की शुरुआत और सफलता

1992 में आनंद ने बच्चों को गणित पढ़ना शुरू किया । उन्होंने 500 रुपए प्रति माह किराए पर एक कमरा लिया और रामानुजन स्कूल ऑफ मैथेमेटिक्स (आर. एस. एम.) नामक एक खुद का संस्थान शुरू किया । एक वर्ष के भीतर ही उनकी कक्षा 2 छात्रों से बढ़ कर 36 छात्रों की हो गई थी और तीन साल में लगभग 500 छात्रों ने दाखिला लिया ।


वर्ष 2000 में एक गरीब छात्र आई. आई. टी.–जे. ई. ई. के लिए कोचिंग लेने आनंद के पास पहुंचा लेकिन गरीबी के कारण वह वार्षिक प्रवेश शुल्क नहीं दे सका , इस घटना ने ही आनंद को 2002 में सुपर 30 कार्यक्रम शुरू करने के लिए प्रेरित किया था ।

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2002 के बाद से हर साल के मई महीने में रामानुजन स्कूल ऑफ मैथेमेटिक्स सुपर 30 के कार्यक्रम के लिए 30 छात्रों का चयन करने योग्य एक प्रतियोगी परीक्षा लेती है । इस परीक्षण में कई छात्र दिखाई देते हैं लेकिन वह आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के तीस बुद्धिमान छात्रों का ही अध्ययन करते हैं और एक साल के लिए उन्हें अध्ययन सामग्री और आवास प्रदान करते हैं । वह उन्हें भारतीय प्रद्योगिकी संस्थानों के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए तैयार करते हैं , उनकी मां जयंती देवी छात्रों के लिए खाना बनाती हैं और उनका भाई प्रणव कुमार प्रबंध का ध्यान रखते हैं ।2003 से 2017 के दौरान उनके 450 में से 390 छात्रों ने आई. आई. टी. की परीक्षा पास की । 2010 के बाद लगातार तीन साल तक सुपर 30 के सभी छात्रों ने आई. आई. टी. में प्रवेश पा लिया था


आनंद को किसी भी सरकारी और निजी एजेंसियों से सुपर 30 के लिया कोई वित्तीय सहायता नहीं है , वह रामानुजन संस्थान के अर्जित ट्यूशन शुल्क से ही प्रबंधन करते हैं । सुपर 30 की सफलता और लोकप्रियता को देखते हुए उन्हे निजी क्षेत्र से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनो कम्पनियों से वित्तीय मदद के लिए सरकार से प्रस्ताव मिले , लेकिन उन्होंने इसे भी अस्वीकार कर दिया क्योंकि वह अपने प्रयासों से सुपर 30 को बनाए रखना चाहते थे ।

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फ्री में ट्यूशन पढ़ाने और अच्छा रिजल्ट देने के कारण वह दूसरे महंगे कोचिंग क्लासेस के लिए एक मुसीबत बन गए थे जिसकी वजह से आनंद को कई बार धमकियां भी मिली और उनपर जनलेवा हमले भी हुए । लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपना काम ईमानदारी से करते रहे ।

सम्मान

शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयासों को “अग्रणी” नाम जाता है और इनके इस नेक काम के लिए आनंद कुमार को कई सम्मान भी मिले हैं ।

  1. टाइम्स मैगजीन ने द बेस्ट ऑफ़ एशिया 2010 की अपनी सूची में सुपर 30 को शामिल किया ।
  2. संगठन को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के विशेष दूत रशद हुसैन से भी प्रशंसा मिली , जिन्होंने इसे देश का सर्वश्रेष्ठ संस्थान करार दिया ।
  3. न्यूजवीक पत्रिका ने दुनिया के चार सबसे नवीन स्कूलों की सूची में सुपर 30 को शामिल किया ।
  4. नवंबर 2010 में आनंद कुमार को मौलाना अबुल कलाम आज़ाद शिक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया गया , जो बिहार राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है ।
  5. 8 नवंबर 2018 को , आनंद कुमार को दुबई में मालाबार गोल्ड एंड डायमंड द्वारा ग्लोबल एजुकेशन अवार्ड 2018 से सम्मानित किया गया ।
  6. आनंद कुमार को अमेरिका में सैन जोस , कैलिफोर्निया में एक समारोह में फाउंडेशन फॉर एक्सीलेंस इन एजुकेशन द्वारा “शिक्षा उत्कृष्टता पुरुस्कार 2019” के साथ सम्मानित किया गया है ।
  7. आनंद कुमार को चेन्नई में प्रतिष्ठित “महावीर अवार्ड” मिला है ।
  8. डिस्कवरी चैनल ने सुपर 30 पर एक घंटे का कार्यक्रम प्रसारित किया , और आधे पृष्ठ को द न्यू यॉर्क टाइम्स में आनंद कुमार को समर्पित किया गया था ।

बायोपिक

शिक्षक आनंद कुमार ने शानदार काम किया है , वह इतने नेक और महान हैं की उनकी बायोपिक भी रिलीज हो चुकी है जिसमे नायक रितिक रोशन ने आनंद कुमार का किरदार निभाया है ।

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एक समय तब था जब गरीब लोगो के लिए अपने बच्चो को पढ़ा पाना बहुत मुश्किल का काम था और एक आज का समय है जब अमीर लोग आनंद कुमार के पास अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए भेजना चाहते हैं । आर्थिक गरीबी के चलते आनंद कुमार अपना सपना पूरा नहीं कर पाए लेकिन उन्होंने एक टीचर बन दूसरों के सपने को अपना सपना बना लिया और उसे पूरा करने में बच्चों की मदद करने लगे । आनंद कुमार हम सभी के लिए एक प्रेरणा बन गए हैं ।

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