EducationIndia Rise Special

हाथ मिलाना बंद करें, नमस्‍कार करना सीखें

हाथ मिलाने से होता है इंफेक्‍शन, नमस्‍कार करें तो बेहतर:SRMS MEDICAL COLLEGE BAREILLY में यूपी-यूके माइक्रोकान 2020 के दूसरे दिन नई दिल्ली के राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल के डायरेक्टर डा.बीएल शेरवाल ने संक्रमण से बचाव के लिए हाथ मिलाना बंद कर नमस्कार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वायरस लगातार अपना स्वरूप बदल कर आक्रमण करते हैं। ऐसे में उनके संक्रमण से बचने के लिए हाथ मिलाने के स्थान पर दूर से नमस्कार बोलें।
srms programme
डा.शेरवाल ने बीमारियों की जांच में माइक्रोबायलाजिस्ट की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सैंपल की समय से जांच और एक्यूरेट रिपोर्ट से ही मरीज का शीघ्र और उचित उपचार संभव हो पाता है। ज्यादातर गंभीर मामलों में रिपोर्ट के बाद ही उपचार शुरू होता है। रिपोर्ट से ही पता चलता है कि समस्या की जड़ बैक्टीरिया है या वायरस। डा.शेरवाल ने कोरोना वायरस के प्रकोप पर भी जिंता जताई। हालांकि इसके लिए उन्होंने बढ़ती आबादी और खानपान की आदतों ही जिम्मेदार ठहराया। कहा, 29 देशों तक पहुंचने वाले इस वायरस से बचान को फिलहाल कोई एंटीबायोटिक्स नहीं है। बचाव ही एकमात्र उपाय है।

संक्रमण से बचने के लिए हाथ मिलाना बंद कर नमस्कार करें। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आईएमएस बीएचयू के प्रोफेसर डा.गोपाल नाथ ने भी बीमारियों के बदलते दौर में माइक्रोबायलोजिस्ट की जरूरत बढ़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि मरीज का सौ फीसद सही उपचार उसकी बेहतर जांच रिपोर्ट पर ही निर्भर है। क्योंकि समस्या की जड़ तो सैंपल के जांच में ही पता चलती है। इसी को खत्म कर बीमारी को भगाया जा सकता है। एसजीपीजीआई लखनऊ की डा.उज्ज्वला घोषाल ने भी क्लीनिकल माइक्रोबायोलाजी की भूमिका बढ़ने की बात कही।

एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देवमूर्ति ने पुराने वायरस खत्म होने और नए वायरस का जमाना चलने की बात कही। एंटीबायोटिक्स का बेअसर होना मुसीबत को और भी बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसे नए वायरस को खत्म करने के लिए दुनिया माइक्रोबायोलाजिस्ट की ओर ही नजर लगाए है। ऐसे में माइक्रोबायोलाजिस्ट की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उन्होंने एसआरएमएस को विश्वविद्यालय का दर्ज मिलने पर भी सभी को बधाई दी। कहा कि इससे अब हमे जरूरत के मुताबिक काम करने की आजादी होगी। हम आम लोगों को और भी सुविधाएं दे पाएंगे।

समारोह में आईएमएस बीएचयू की डा.शंपा अनुपूर्वा दिया गया डा.यूसी चतुर्वेदी ओरेशन अवार्ड प्रदान किया गया। इस मौके पर केजीएमयू आईएमएस की डाक्टर अमिता जैन, पीजीआई एमईआर चंडीगढ़ के डा.अनूप घोष, यहीं के डा.पल्लव रे, एआईआईएमएस ऋषिकेश की डा.प्रियंका गुप्ता, जेआईपीएमईआर पोंडुचेरी के डा.राकेश सिंह, एसआरएमएस ट्रस्ट के डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन आदित्य मूर्ति,  मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा.एसबी गुप्ता, ट्रस्ट प्रशासक डा.सुभाष मेहरा, डा.निर्मल यादव, डा.एचओ अग्रवाल, माइक्रोलाजी विभाग के एचओडी डा.राहुल कुमार गोयल, डा. प्रभाकर गुप्ता, डा.आरपी सिंह, डा.पियूष कुमार अग्रवाल, डा.राजीव टंडन, डा.रजनीश मधोक, डा. नीलिमा मेहरोत्रा, डा.वंदना सरदाना, अनुज कुमार, डा.आईए खान, विनीत शर्मा, विनीत वर्मा सहित सभी डीन और विभागों के प्रमुख उपस्थित रहे।

Follow Us
Show More

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: