सचिन पायलट को डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष के पद से बर्खास्त करने के बाद अब उन्हें अयोग्य घोषित करने की प्रकिया शुरू हो गई है। दरअसल, विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने बुधवार को कांग्रेस की शिकायत पर सचिन पायलट समेत 19 असंतुष्ट विधायकों को नोटिस भेजा। विधायकों से शुक्रवार तक उनका जवाब भी मांग है।

नोटिस में पूछा गया है की पार्टी विरोधी गतिविधियों और कांग्रेस विधायकों की दो बैठक में शामिल न होने पर उन्हें अयोग्य क्यों न ठहराना चाहिए। इसके साथ ही राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि 19 सदस्य अगर 2 दिन में जवाब नहीं देते हैं तो यह समझा जाएगा की वो कांग्रेस दल से अपनी सदस्यता छोड़ रहे हैं।

इसपर सचिन पायलट ने कहा कि वो अभी भी कांग्रेस में हैं। फिलहाल भाजपा में नहीं जा रहा। आगे पायलट ने कहा कि सरकार गिराने की बात करना गलत है मैं अपनी ही पार्टी के खिलाफ ऐसा क्यों करूंगा।

जानकारी के मुताबिक पार्टी व्हिप को नहीं मानने पर पायलट और दो मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। विधायकों को व्हाट्सएप पर नोटिस भेजा गया साथ ही उनके घर पर नोटिस भी चिपकाए गए।

इन विधायकों को भेजा गया नोटिस 

सचिन पायलट, रमेश मीणा, मुरारी मीणा, गजराज खटाना,इंद्राज गुर्जर, राकेश पारीक, पीआर.मीणा, सुरेश मोदी, भंवर लाल शर्मा, वेदप्रकाश सोलांकी, मुकेश भाकर, रामनिवास गवड़िया, हरीश मीणा, ब्रजेन्द्र ओला, हेमाराम चौधरी, विश्वेन्द्र सिंह, अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह, गजेंद्र शक्तावत।

राजस्थान विधानसभा में कुल सीटें 200

राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के पास 107 विधायक हैं। सरकार को 13 में से 10 निर्दलीय का और एक राष्ट्रीय लोकदल विधायक का समर्थन है। गहलोत के पास 118 विधायकों का समर्थन है, वहीं भाजपा के पास 72 विधायक हैं।

वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को सचिन पायलट पर हमला बोलने के साथ-साथ कहा कि जयपुर में विधायकों की खरीद- फरोख्त की जा रही थी हमारे पास इसका सबूत है। विधायकों को 10 दिनों के लिए होटल में रखना पड़ा। अगर ऐसा न किया होता तो यहां भी वहीं हो सकता था जो मानेसर में हुआ था।

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