मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का निधन हो गया है.

उन्होंने 85 वर्ष की उम्र में लखनऊ के एक अस्पताल में अंतिम साँसें लीं. वे कुछ दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे.

लालजी टंडन के बेटे और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन ने ट्विटर पर अपने पिता की मृत्यु की पुष्टि करते हुए लिखा – ‘बाबूजी नहीं रहे’.

लालजी टंडन को 11 जून को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बाद लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती किया गया था.

उनकी अनुपस्थिति में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्य प्रदेश के राज्यपाल का अतिरिक्त दायित्व सौंप दिया गया था.

लालजी टंडन 1978 से 1984 तक और 1990 से 96 तक दो बार विधानपरिषद के सदस्य रहे। इस दौरान 1991-92 की उत्तर प्रदेश सरकार में वह मंत्री भी रहे। इसी सरकार में अयोध्या मामले का प्रभारी मंत्री भी बनाया गया। इसके बाद 1996 से 2007 तक लगातार तीन बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे ।

उन्होंने प्रदेश में नगर विकास मंत्री, आवास और ऊर्जा मंत्री की भूमिका का भी निर्वाह किया। वर्ष 2009 में वह अटल बिहारी वाजपेयी की जगह लोकसभा चुनाव लड़कर सांसद बने । उन्हें साल 2018 में बिहार के राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। फिर उन्हें मध्य प्रदेश का राज्यपाल बना दिया गया। उनके बड़े पुत्र आशुतोष टंडन इस प्रदेश सरकार में नगर विकास मंत्री हैं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लखनऊ से सांसद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा अध्यक्ष मायावती और पूर्व मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित अनेक लोगों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है साथ ही उनसे जुड़े संस्मरणों का साझा किया है।

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