प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने गुरुवार को मणिपुर के लोगों को एक बड़ी सौगात दी। उन्होंने वीडियो क्रॉन्‍फ्रेंसिंग
के जरिए मणिपुर में जल आपूर्ति परियोजना की आधारिशला रखी। इस प्रोजेक्ट के तहत 2024 तक हर ग्रामीण परिवार
को सुरक्षित और पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। ये प्रोजेक्ट करीब 3 हज़ार करोड़ रुपये का है। कार्यक्रम
के दौरान मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला, मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भाग लिया।
आइए एक नज़र डालते हैं कि पीएम मोदी ने इस मौके पर क्या कहा…

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम के दौरान अहम बातें?
-इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना काल में देश थमा नहीं है। जबतक कोरोना की वैक्सीन (
Coronavirus Vaccine ) नहीं आती है, तब तक हमें मजबूती से लड़ते रहना है।
-पीएम मोदी ने इस परियोजना को रक्षाबंधन ( Raksha Bandhan 2020 ) के मौके पर बहनों के लिए तोहफा
बताया।

-प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार तो पूर्वी और उत्तर पूर्वी भारत को एक तरह से दोहरी चुनौतियों से निपटना पड़ रहा है।
नार्थ-ईस्ट में फिर इस साल भारी बारिश से बहुत नुकसान हो रहा है। अनेक लोगों की मौत हुई है, अनेक लोगों को अपना
घर छोड़ना पड़ा है।

-पीएम मोदी ने कहा कि मणिपुर में कोरोना संक्रमण की गति और दायरे को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार दिन
रात जुटी हुई है। लॉकडाउन के दौरान मणिपुर के लोगों के लिए ज़रूरी इंतजाम हों, या फिर उनको वापस लाने के लिए
विशेष प्रबंध, राज्य सरकार ने हर जरूरी कदम उठाए हैं।

-Ease of Living, जीवन जीने में आसानी, बेहतर जीवन की एक ज़रूरी शर्त है। पैसा कम हो सकता है, ज्यादा हो
सकता है लेकिन Ease of Living पर सबका हक है, हर गरीब का हक है। भारत में 6 वर्षों से Ease of Living का भी
एक बहुत बड़ा आंदोलन चल रहा है। उन्होंने कहा कि इन 6 सालों में हर स्तर पर और हर क्षेत्र में वो कदम उठाए गए हैं,
जो गरीब को, सामान्य जन को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर सकें। आज मणिपुर सहित पूरा भारत खुले में शौच से
मुक्त है। आज LPG गैस गरीब से गरीब के किचन तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा हर गांव को अच्छी सड़क से जोड़ा जा
रहा है। हर गरीब बेघर को रहने के लिए अच्छे घर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। एक बड़ी कमी रहती थी साफ पानी की, तो
उसको पूरा करने के लिए भी मिशन मोड पर काम चल रहा है।

-मोदी ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट भारत की Natural और Cultural Diversity का, Cultural Strength का एक बहुत बड़ा
प्रतीक है। ऐसे में जब आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होता है तो टूरिज्म को भी बहुत बल मिलता है। मणिपुर सहित
नॉर्थ ईस्ट का टूरिज्म सेक्टरl अभी भी अविकसित है। नॉर्थ ईस्ट में देश के विकास का ग्रोथ इंजन बनने की क्षमता है।

मणिपुर वाॅटर सप्लाई प्रोजक्ट क्या है?

मणिपुर जलापूर्ति परियोजना के तहत 2.50 लाख से ज्यादा परिवारों तक ताजा जल पहुंचाया जाएगा। इस योजना में
ग्रेटर इम्फाल योजना क्षेत्र, 25 कस्बों और 1731 ग्रामीण बस्तियों के शेष बचे परिवारों को ताजा जल के घरेलू नल
कनेक्शन (एफएचटीसी) मुहैया कराए जाएंगे। 16 जिलों के 2,80,756 परिवार इस योजना में शामिल होंगे। बता दें कि
देश में 19 करोड़ परिवार में से केवल 24 फीसदी के पास ही एफएचटीसी हैं। इस परियोजना में केंद्र सरकार, राज्य
सरकारों, पंचायती राज संस्थानों और स्थानीय समुदायों सहित सभी हितधारकों की साझेदारी होगी। ये प्रोजेक्ट आज की
ही नहीं बल्कि अगले 20-22 साल तक की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इस प्रोजेक्ट से लाखों
लोगों को घर में पीने का साफ पानी तो उपलब्ध होगा ही, हज़ारों लोगों को रोज़गार भी मिलेगा।

लॉकडाउन में बिछाई गई पाइपलाइन

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमारा लक्ष्य 15 करोड़ परिवारों तक पानी पहुंचाना है। इसके लिए लॉकडाउन में भी
गांव-गांव में पाइपलाइन बिछाई गई। यह इसलिए भी संभव हो पाया क्योंकि, इसमें गांव के लोग, गांव की बहनें, गांव के
जनप्रतिनिधि ही तय कर रहे हैं कि, कहां पाइप बिछेगी, कहां पानी का सोर्स बनेगा, कहां टैंक बनेगा, कहां कितना बजट
लगेगा। पीएम ने कहा कि सरकार की ओर से नागरिकों को अच्छी सुविधाएं देने के लिए हर संभव काम किया जा रहा है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, हमारे नॉर्थ ईस्ट में किसान अगर पॉमोलीन की खेती पर चले जाएं तो देश को काफी फायदा
होगा। ऐसे में राज्य सरकारों को इसके लिए योजनाएं बनाई तैयार करनी चाहिए।

नार्थ ईस्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हजारों करोड़ का निवेश
पीएम ने कहा, बीते 6 साल में पूरे नॉर्थ ईस्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हज़ारों करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। नॉर्थ ईस्ट के
राज्यों की राजधानियों को 4 लेन, डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर्स को 2 लेन और गांवों को all weather road से जोड़े जाने के लिए
योजना बनाई गई है। योजना के तहत करीब 3 हज़ार किलोमीटर सड़कें तैयार भी हो चुकी हैं और करीब 6 हज़ार
किलोमीटर के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तो नॉर्थ ईस्ट में बहुत बड़ा परिवर्तन देखने को
मिला है।जहां एक तरफ नए-नए स्टेशनों पर रेल पहुंच रही है, वहीं दूसरी तरफ नॉर्थ ईस्ट के रेल नेटवर्क को ब्रॉडगेज में
बदला जा रहा है।आप सभी तो ये बदलाव अनुभव भी कर रहे हैं।

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