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पतंजलि ने COVID 19 के खिलाफ लॉन्च की आयुर्वेदिक दवा, मोदी सरकार ने विज्ञापन पर रोक लगाई!

पूरा देश कोरोना के संक्रमण से परेशान है। देश विदेश के शोधकर्ता कोरोना से लड़ने के लिए जल्द से जल्द वैक्सीन बनाने के जुगाड़ में है। लेकिन आज संस्थान की ओर से 12 बजे योगगुरु रामदेव ने कोरोना के खिलाफ रामबाण लॉन्च कर दिया है। जिसका नाम “दिव्य कोरोनिल टैबलेट” रहा है। खबरों के मुताबिक पतंजलि आयुर्वेद ने कोरोना से निपटने के लिए दवा का दावा किया है।

रामदेव का कहना है कि पूरी दुनिया वैक्सीन के इंतेजार में है। मुझे खुशी है की आयुर्वेद की दवाओं ने कोरोना से लड़ने के लिए दवाइयों को खोज निकाला है।

पतंजलि की ओर से दावा किया गया है कि यह दवा तीन दिन में अपना असर दिखाना शुरू कर देगी। इन दवाओं का सेवन करने से मरीज के 14 दिन में ठीक होने की पूरी उम्मीद है। आगे कहा कि एलोपैथी सिस्टम आज मेडिसन को लीड कर रहा है। रामदेव का दावा है कि उन्होंने क्लीनिकल कंट्रोल स्टडी की है। एक सप्ताह में 100 फीसदी लोग ठीक हुए हैं वहीं 69 फीसदी लोग रिकवर हुए हैं।

यह दावा  पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस ने मिलकर बनाई है। जबकि इसका प्रोडक्शन हरिद्वार की दिव्य फार्मेसी और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड कर रहा है। पतंजलि के सीईओ बालकृष्ण के अनुसार कोरोनिल में गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, शवसारि रस और अणु तेल का मिश्रण है। बालकृष्ण के मुताबिक यह दवा दिन में दो बार सुबह शाम ली जाती है।

पतंजलि के अनुसार अश्वगंधा कोविड- 19 के रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन को शरीर के ऐंजियोटेसिन कन्वेर्टिंग एंजाइम से नहीं मिलने देता। गिलोय कोरोना संक्रमण को रोकता है। वहीं तुलसी कोविड-19 के RNA पर अटैक करती है।

वही दवा के लांच होने के बाद कोरोना वायरस की दवा बनाने के दावे पर केंद्र सरकार ने संज्ञान लिया है. आयुष मंत्रालय ने पतंजलि से कहा है कि कंपनी ने ‘दिव्य कोरोनिल टैबलेट’ को लेकर जो दावा किया है, उससे जुड़े वैज्ञानिक शोध के बारे में कोई भी जानकारी मंत्रालय के पास अब तक नहीं पहुंची है. मंत्रालय के मुताबिक ऐसे में यह प्रचारित करना कि पतंजलि की ‘कोरोनिल टैबलेट’ कोरोना वायरस के मामले में सौ फीसदी कारगर है, ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) कानून 1954 का उल्लंघन है.

आयुष मंत्रालय ने पतंजलि से तुरंत इस दवा के प्रचार पर रोक लगाने को कहा है.आयुष मंत्रालय ने बाबा रामदेव की कंपनी को दवा के उन घटकों का नाम भी बताने को कहा है, जिनके आधार पर कोरोना के इलाज का दावा किया जा रहा है.

 

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