Corona VirusCOVID19HealthRajasthanSocial Media / Viral

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए इंटर्न डॉक्टरों को 7000 रुपये भत्ता

राजस्थान के एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का सवाल है कि ‘जब कोरोना वायरस महामारी किसी आधार पर भेदभाव नहीं कर रही, ख़तरा सब को बराबर है, तो इसके ख़िलाफ़ लड़ रहे इंटर्न डॉक्टरों के भत्ते में इतना फ़र्क क्यों?

क्यों नहीं देश में इसके लिए वन नेशन, वन स्टाइपेंड की नीति अपनाई जानी चाहिए?

लॉकडाउन की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस महामारी के ख़िलाफ़ पहली पंक्ति में खड़े होकर लड़ रहे लाखों वर्करों, जैसे सभी डॉक्टरों, नर्सों, पुलिसवालों और सफ़ाई कर्मियों को ‘कोरोना वॉरियर’ कहा था।

इनके सम्मान में भारतीय वायु सेना ने देश के बड़े सरकारी अस्पतालों पर फूल भी बरसाए थे।

मगर पिछले तीन सप्ताह से राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में इंटर्नशिप कर रहे एमबीबीएस डॉक्टर अपने कम भत्ते के बारे में सोशल मीडिया पर खुलकर लिख रहे हैं, इंटर्न डॉक्टर चाहते हैं कि ‘उनके भत्ते में वाजिब वृद्धि की जाए ‘।

कोविद 19 जैसी महामारी मैं सबसे ज्यादा हमारे देश के डॉक्टर्स का योगदान है जो बिना अपनी परवाह किए रोज इस लड़ाई मैं अपना पूरा सहयोग दे रहे है और लाखो मरीजों की जान बचा रहे है। ऐसे मैं यदि इंटर्न डॉक्टर्स अवं नर्सेज को इतना कम स्टिपेन्ड दिया जायेगा तो वह कैसे काम कर पाएंगे ?

हॉस्पिटल प्रशाशन की यह जिम्मेदारी बनती है की वह सभी इंटर्न्स को जिन से वोह ड्यूटी करवा रहे है उनको अच्छा स्टिपेन्ड प्रदान किया जाए क्युकी ऐसा नहीं है की हॉस्पिटल व्यवसाय बंद है और उनको पैसो की दिक़्क़त हो रही हो ।

डॉक्टर राहुल ने बताया कि “रेज़िडेंट और इंटर्न डॉक्टरों ने इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई, जिसे कॉलेज प्रबंधन से समर्थन मिला और प्रशासन को बताया गया कि इंटर्न डॉक्टर जवान हैं और अगर उन्हें बिना लक्षण वाला संक्रमण हुआ, तो उनके ज़रिये कोरोना वायरस बहुत सारे लोगों तक पहुँच सकता है। इसके बाद कुछ लोगों को सुरक्षा संबंधी सामान मिलना शुरू हुआ, अभी भी बहुत सी चीज़ें इंटर्न डॉक्टरों को ख़ुद ख़रीदनी पड़ रही हैं.” ।

सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों ने इसकी तुलना मनरेगा मज़दूरों और प्रदेश में अकुशल श्रमिकों को मिलने वाली दिहाड़ी से की है।

राजस्थान के डॉक्टर्स इंटर्न्स अपनी जान जोखिम मैं दाल कर कोरोना से लड़ रहे है दुःख की बात है की इन्हे लबोरेर्स की तरह 233/- प्रतिदिन के हिसाब से मिल रहे है, मुख्यामंत्री जी को इसमें इनकी भादोत्तरी करानी चाहिए।

Follow Us
Show More

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: