India Rise SpecialPersonality

कैसे राजीव गांधी की वजह से ज़िंदा बच पाए अटल बिहारी बाजपेयी

अटल बिहारी वाजपेयी और राजीव गांधी आज की राजनीति का हिस्सा नहीं हैं और न ही आज वो दौर है. अपने विरोधियों के लिए इस तरह का वंधुत्व आज के दौर की निष्ठुर राजनीति में दुर्लभ ही है.

1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद करन थापर ने वाजपेयी से इस घटना पर प्रतिक्रिया देने के लिए संपर्क किया था. वाजपेयी ने करन को घर बुलाया. जब दोनों गार्डेन में बैठे थे, तो वाजपेयी ने कहा कि करन के सवाल का जवाब देने से पहले वो उन्हें कुछ बताना चाहते हैं.

वाजपेयी ने बड़े ही भावुक अंदाज में अपने जीवन का एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि यदि वो (अटल बिहारी वाजपेयी) आज जिंदा हैं तो राजीव गांधी की वजह से. 

1987 में अटल बिहारी वाजपेयी किडनी की समस्‍या से ग्रसित थे. उस वक्‍त उसका इलाज अमेरिका में ही संभव था. लेकिन आर्थिक साधनों की तंगी के कारण वह अमेरिका नहीं जा पा रहे थे. इस दौरान तत्‍कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को पता नहीं कैसे वाजपेयी की बीमारी के बारे में पता चल गया. उन्‍होंने अपने दफ्तर में वाजपेयी को बुलाया.

उसके बाद कहा कि वे उन्‍हें संयुक्‍त राष्‍ट्र में न्‍यूयॉर्क जाने वाले भारत के प्रतिनिधिमंडल में शामिल कर रहे हैं. इसके साथ ही जोड़ा कि उम्‍मीद है कि वे इस मौके का लाभ उठाकर वहां अपना इलाज भी करा सकेंगे.

न्यूयॉर्क से लौटने के बाद यह वाकया न राजीव गांधी और न ही वाजपेयी ने किसी से साझा किया. दोनों शख्सियतों ने सार्वजनिक जीवन में एक दूसरे के विरोधी की भूमिका निभाई. हालांकि अटल बिहारी वाजपेयी ने कुछ समय बाद एक पोस्टकार्ड के जरिए संदेश भेजकर राजीव गांधी को इस शिष्टता के लिए धन्यवाद प्रेषित किया. लेकिन राजीव के जीते जी अटल जी ने यह वाकया किसी और से साझा नहीं किया.

इस घटना का जिक्र मशहूर पत्रकार करण थापर ने अपनी किताब द डेविल्‍स एडवोकेट में किया है. थापर ने लिखा है कि 1991 में राजीव गांधी की हत्‍या के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने उनको याद करते हुए इस बात को पहली बार सार्वजनिक रूप से कहा. उन्‍होंने करण थापर को बताया, ”मैं न्‍यूयॉर्क गया और इस वजह से आज जिंदा हूं.”

Follow Us
Show More

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: