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कैसे बैन होते है APPs. जानिए हर सवाल का जवाब एक्सपर्ट्स से

भारत में सोमवार रात टिकटॉक के साथ 59 अन्य ऐप्स को ब्लॉक कर दिया गया है। सरकार ने जिन ऐप्स पर बैन लगाया है उनमें से 18 ऐप्स यूटिलिटी कैटेगरी की हैं। 8 ऐप वीडियो शेयरिंग हैं और 6 सोशल मीडिया ऐप्स हैं।

माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के लोकलाइजेशन डायरेक्टर और टेक एक्सपर्ट बालेन्दु शर्मा दाधीची का कहना है की आपके पास बहुत सारे विकल्प हैं। और ये सभी प्लेस्टोर और ios पर उपलब्ध हैं। लेकिन एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते आपको खुद ही इसका यूज बंद कर देना चाहिए और अब तो ये गैरकानूनी भी हैं

सरकार ने ऐसे करे ऐप्स बैन

मीडिया सोर्स के मुताबिक दाधीची का कहना है कि सरकार प्लेस्टोर और एपल से इन ऐप्स को हटाने का निर्देश देगी। इनके बाद Internet Service Provider (ISP) को इन ऐप्स का डाटा न एक्सेस करने के निर्देश देगी।

एक्सेस को कैसे रोका जाएगा

कंपनियां आपको जो इंटरनेट देती हैं (Airtel, Jio BSNL) यह दो तरह से इंटरनेट को प्रोवाइड करती हैं। पहला मोबाइल नेटवर्क दूसरा ब्रांडबैंड कनेक्शन।

आईएसपी के पास होती है आपकी पूरी जानकारी

डाटा की जानकारी, डाटा कहां जा रहा है, भारत से विदेश जा रहा है या विदेश से भारत आ रहा है इन सब के पीछे आईएसपी होता है। ये सभी डिटेल्स आईएसपी द्वारा ही जारी की जाती हैं।

सिर्फ एक फिल्टर से होता है ऐप बैन

इन ऐप्स को बैन करने के लिए इंटरनेट कंपनी को बस एक फिल्टर लगाना होता है। इनके बाद से यूजर कोई डाटा एक्सेस नहीं कर पाता है

तकनीकी तौर पर सर्वर से डाटा डिलीट नहीं करते

इन सभी ऐप्स का डाटा सर्वर में सेव होता है। और टिकटॉक का सर्वर चीन में है। कंपनी सर्वर से इस डाटा को डिलीट नहीं करती। लेकिन इसके बैन होने के बाद भी यूजर अपनी फ़ाइल को दोबारा नहीं देख पाएगा।

टिकटॉक को लेकर गूगल पर काफी सर्च हुए हैं। उनमें से एक यह था। क्या ऐप डिलीट हो रहा है ? ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं। लेकिन आपको बता दें कि ऐप नहीं डिलीट हो रहा है। बस आप सर्वर तक नहीं पहुंच पाएंगे।

एक भ्रम यह भी है कि जिनके पास यह पहले से ऐप है वो इसका यूज कर सकेंगे। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। अब से कोई भी भारतीय नागरिक इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।

चीन की प्राइवेसी को लेकर कही जा रही हैं ये बातें

कुछ ऐप्स ऐसे होते हैं जो फोटो, फ़ाइल, वीडियो और संदेशों को एक्सेस करने से पहले परमिशन लेते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो बिना आपकी परमिशन के बिना आपके पर्सनल डाटा को एक्सेस कर लेते हैं। फिलहाल चीन पहले से ही इस मामले में विश्वसनीय नहीं है।

सरकार चीनी ऐप्स की सुरक्षा को लेकर पहले ही सवाल उठा चुकी है। इन 59 में से कई ऐप्स ऐसी हैं जिन्हें सेना से जुड़े लोग भी इस्तेमाल करते हैं।

हम भारतीय ऐप को नहीं प्रमोट करते?

भारत में शुरुआत से ही चीनी ऐप्स और विदेशी ऐप्स ने हमारे फोन और कब्जा कर रखा है। हालांकि जो ऐप्स विकल्प के तौर पर हमारे पास हैं वो भी विदेशी हैं।

सबके अधिक यूज की जाने वाली सोशल साइट Facebook, California की है। Facebook ने हाल ही में 82 और कंपनी को Acquire किया है, जिसमें Whatsapp भी शामिल है। इन सब एडवांस ऐप्स के चलते हमारा लोकल कभी वोकल नहीं हो पाता है। वहीं भारत के कई सॉफ्टवेयर डेवलेपर विदेशी कंपनियों के लिए काम करते हैं।

 

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