छह महीने में खड़ा किया 45 लाख का कारोबार जानिए “जूप” की कहानी

Please log in or register to like posts.
News

नंदित और गौरांग बिंदल के दिमाग की उपज, ज़ूप (Zoop) जिन्होंने इस एप्लीकेशन के द्वारा छह महीने में अपने फ़ूड बिज़नेस को खड़ा कर लिया।

इनका उद्देश्य था डिनर और रेस्तरां मैनेजर्स दोनों के लिए भोजन के अनुभव को आसान बनाना।

नंदित और गौरांग बिंदल ने Zoop को 2019 में जयपुर में लांच किया । उन्हें यह आईडिया फूड कोर्ट और QSRs में लगातार निराशा के बाद दिमाग में आया।

फूड कोर्ट में लंबी कतारों और लंबे मेनू को ब्राउज करने की परेशानी और ऑर्डर के बाद घंटों तक इंतजार करने के बाद दोनों भाइयो ने Zoop App के बारे मे सोचा।

Zoop App के द्वारा एंड-टू-एंड सलूशन के साथ, इन समस्याओं को आसानी से खत्म किया जा सकता है क्योंकि ग्राहक एक बार बैठे और अपने स्मार्टफोन से सभी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

यह ग्राहकों को अपने स्मार्टफोन से सीधे ऑर्डर देने की अनुमति देता है, इसके लिए ग्राहक को बस अपने रेस्तरां में टेबल पर रखे एक क्यूआर कोड को स्कैन करना होता है जिसके बाद ऐप पर मेनू ओपन हो जाता है।

यह कस्टमर डाइनिंग हिस्ट्री, प्रेफरेंस और रेकमंडेशन्स को भी दिखाता है, जो आउटलेट्स को ग्राहकों को व्यक्तिगत सेवाओं की पेशकश करने में मदद करता है।

इसके अलावा, जूप एक लोयल्टी प्रोग्राम भी डेवलप कर रहा है जिसे ग्राहकों के उपभोग व्यवहार से जोड़ा जाएगा। दोनों भाइयो का सपना है की जल्द हे वे अपने बिज़नेस को जयपुर से पुरे भारत मे ला सके।

अगले 18 महीनों में प्लेटफॉर्म पर 60 करोड़ रुपये मासिक का लेन-देन करते हुए पूरे भारत में 6,000 आउटलेट्स को जोड़ने का लक्ष्य होगा। अंत में संस्थापक बताते है, जैसे जैसे अधिक आउटलेट जुडते चले जायेंगे वैसेवैसे पारिस्थितिकी तंत्र भी प्रशिक्षित हो जाएँगी  और चुनौतियां दूर होने लगेंगी

App के बारे मे जानने के लिए खोले http://zoopapp.in/home

 

 

स्वप्निल अग्रवाल

इंडिया राइज

Follow Us

Reactions

0
0
0
0
0
0
Already reacted for this post.

Reactions

Nobody liked ?